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पूर्व राष्ट्रपति का खुलासा: दो डॉक्टरों ने संभाला जीवन, RSS में जाति के आधार पर भेदभाव की बात बेबुनियाद

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नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित सालाना दशहरा उत्सव में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि संघ में जातीय भेदभाव नहीं होता, जबकि देश में एक बड़े वर्ग में यह भ्रांति है कि यहां जातीय भेदभाव किया जाता है। नागपुर के ऐतिहासिक रेशमबाग मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनके जीवन में नागपुर की दो महान विभूतियों का अहम योगदान है। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी जिंदगी पर दो डॉक्टरों की अमिट छाप रही है। उनमें एक हैं डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और दूसरे हैं डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर। उन्होंने कहा कि उनके जीवन निर्माण में इन दोनों महान विभूतियों का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक हैं, जबकि डॉ. आंबेडकर ने इस देश को समृद्ध संविधान दिया, जिसकी बदौलत वह एक आमजन होते हुए भी देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंच सके। कोविंद ने कहा कि डॉ. आंबेडकर की चिंताएँ और विचार प्रक्रिया डॉ. हेडगेवार द्वारा स्थापित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसी ही थी। उन्होंने कहा कि जैसे आंबेडकर ने समाज के सभी वर्गों को जोड़ने पर जोर दिया था, उसी तरह संघ भी एकात्मता स्तोत्र के जरिए यही संदेश देता है। उन्होंने कहा कि संघ की समावेशी दृष्टि इसका प्रमाण है। कोविंद ने आगे कहा कि हमारी इस एकता के आधार को बाबा साहब आंबेडकर ने inherent cultural unity (अंतर्निहित सांस्कृतिक एकता) कहा है। उन्होंने कहा कि हमें इसी सांस्कृतिक सामूहिक एकता की आधारशिला को कभी नहीं भूलना चाहिए। अटलजी को भी किया याद पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने संघ की स्थापना के लिए सबसे शुभ और सार्थक दिन चुना। अपने संबोधन के दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने डॉक्टर हेडगेवार से लेकर मोहन भागवत तक संघ के अब तक के सफर में सरसंघचालकों के योगदान भी गिनाए। अपने संबोधन के दौरान रामनाथ कोविंद ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को उद्धृत किया और एक सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि अटल जी ने दलित विरोधी आरोपों पर स्पष्ट किया था कि हम मनुस्मृति के नहीं, बल्कि भीम स्मृति के अनुयायी हैं और यही भारत का संविधान है। भीम स्मृति से तात्पर्य संविधान से है, जिसका निर्माण बाबा साहब आंबेडर ने किया था। संघ से कब हुआ पहला परिचय? कोविंद ने अपने जीवन के उन पलों को भी याद किया जब संघ से उनका पहली बार परिचय हुआ था। उन्होंने कहा कि 1991 में वह कानपुर के घाटमपुर विधानसभा सीट से उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे। तब वह भाजपा के उम्मीदवार थे। उसी समय चुनाव प्रचार के दौरान संघ के अधिकारियों और स्वयंसेवकों से उनका पहली बार परिचय हुआ था। कोविंद ने कहा कि संघ के लोगों ने जातिगत भेदभाव से रहित होकर उनका चुनाव प्रचार किया था। उन्होंने दो टूक कहा कि संघ में जातीय आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता बल्कि संघ सामाजिक एकता का पक्षधर रहा है। कोविंद ने कहा कि उनकी जीवन यात्रा में स्वयंसेवकों के साथ जुड़ाव और मानवीय मूल्यों से बड़ी प्रेरणा मिली है और इसका उल्लेख उन्होंने अपनी आत्मकथा में किया है, जो इस साल के अंत तक प्रकाशित हो जाएगी।  

AC के शौकीन सावधान! आंखों में पानी कम होना है चेतावनी का संकेत, अपनाएं ये उपाय

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बुलंदशहर अक्टूबर माह शुरू हो गया है और गर्मी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में एसी (एयर कंडीशनर) बराबर चलाया जा रहा है। एसी की ठंडी हवा में रहने की आदत आंखों पर भारी पड़ रही है। एसी की ठंडी हवा आंखों का पानी सोख रही है। ड्राई आई सिंड्रोम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। आंखों के डाक्टरों के पास पहुंचने वाले 20 प्रतिशत मरीज इसी बीमारी के शिकार हैं। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कालेज के चिकित्सा अधीक्षक डा. धीर सिंह ने बताया कि नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर रोज 150 से 180 तक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 20-25 मरीज ड्राई आई सिंड्रोम के हैं। इस तरह एक महीने में लगभग 600 से 750 मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि तीन महीने में यह आंकड़ा 2250 तक पहुंच गया। इस सिंड्रोम के सर्वाधिक शिकार कामकाजी लोग हैं। जिनकी उम्र 30 से 50 साल के बीच है। इनमें से अधिकतर वह लोग हैं, जोकि एसी में अधिक समय बिताते हैं। साथ ही ये स्क्रीन टाइम भी अधिक लेते हैं।   मरीजों की केस हिस्ट्री के मुताबिक वे एक दिन में औसतन पांच से सात घंटे का स्क्रीन टाइम ले रहे हैं। इसमें चार घंटे लैपटाप या कंप्यूटर और दो से तीन घंटे मोबाइल पर बिता रहे हैं। यह दोनों कारण आंखों को सुखाकर दिक्कतें देने लगे हैं। बच्चों और बड़ों दोनों में मिल रही यह समस्या  मेडिकल कालेज की नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. दिव्या वर्मा का कहना है कि एयर कंडीशनर ठंडी हवा देने के लिए हवा से नमी सोख लेता है। आसपास का वातावरण शुष्क हो जाता है। इससे आंखें सूख जाती हैं। इसके अलावा खराब खानपान, कम पानी पीना, अधूरी या पर्याप्त नींद न लेना, प्रदूषण भी ड्राईनेस को बढ़ा रहा है। बीते 15 सालों में यह बीमारी लगातार बढ़ रही है। छोटे बच्चों से लेकर कामकाजी तक ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित हैं। उन्हें तब पता चलता है जब बीमारी बहुत बढ़ जाती है। इन लक्षणों पर हो जाएं सतर्क डाक्टरों के अनुसार ड्राई आई सिंड्रोम के मुख्य लक्षणों में आंखों में पानी आना, चिपकना, आंख में कुछ पड़ा महसूस होना, करकराहट, आंखों में चुभन, लाल आंखें हैं। ध्यान रहे कि सिंड्रोम में आंख का पानी कम और ज्यादा बनना दोनों शामिल है। डायबिटीज, थायराइड और किसी अन्य स्थाई बीमारी वालों को यह दिक्कत जल्दी होती है। दवाओं से सर्जरी तक की नौबत अगर रोग को पहली स्टेज में पकड़ लिया जाए तो दवाइयां और ड्राप से ठीक किया जा सकता है। लेकिन, इसके लिए कोर्निया विशेषज्ञ के पास जाना ही ठीक रहेगा। रोग पकड़ने के लिए स्क्रीनिंग बेहद जरूरी है। महज आंखों को देखकर ही इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। एक बार अगर रोग बिगड़ गया तो सर्जरी की नौबत भी आ सकती है। बचाव के उपाय एसी की हवा सीधे शरीर पर नहीं आनी चाहिए। तापमान को शरीर से एक-दो डिग्री नीचे रखें। खुले या एसी के बंद स्थान पर चश्मा पहनने से बचाव होता है। पर्याप्त पानी पीते रहें, इसकी कमी से भी आंखें सूख जाती हैं। कंप्यूटर, मोबाइल पर काम करते समय पलकें झपकाते रहें।

वेस्टइंडीज की मुश्किलें बढ़ीं, सिराज ने किंग को आउट कर दिलाया भारत को तीसरी सफलता

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नई दिल्ली  भारत बनाम वेस्टइंडीज दो मैच की टेस्ट सीरीज का पहला मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। मेहमान टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। मोहम्मद सिराज ने पारी के चौथे ओवर में तेजनारायण चंद्रपॉल को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद जसप्रीत बुमराह ने 20 के स्कोर पर वेस्टइंडीज को दूसरा झटका कैंपबेल के रूप में दिया है। सिराज ने ब्रैंडन किंग को बोल्ड करके तीसरी सफलता भारत को दिलाई। बता दें, शुभमन गिल ने बताया कि वह दो तेज गेंदबाजों और तीन स्पिनर्स के साथ मैदान पर उतरेंगे। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज होंगे। वहीं स्पिन डिपार्टमेंट का भार उप-कप्तान रवींद्र जडेजा के साथ कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर उठाएंगे। टीम में नीतिश रेड्डी ऑलराउंडर की भूमिका अदा करेंगे।    सिराज ने किंग को किया बोल्ड मोहम्मद सिराज ने खतरनाक नजर आ रहे ब्रैंडन किंग को क्लीन बोल्ड करके वेस्टइंडीज को तीसरा झटका दिया। वे 15 गेंदों में 3 चौकों की मदद से 13 रन बनाकर आउट हुए। सिराज की ये इस पारी की दूसरी सफलता दी। अंदर आती गेंद को किंग ने छोड़ दिया था और गेंद सीधे स्टंप्स पर जा लगी। सिराज-बुमराह का कहर 9 ओवर के बाद वेस्टइंडीज का स्कोर 2 विकेट के नुकसान पर 34 रन है। बुमराह और सिराज लगातार वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों से सवाल पूछ रहे हैं। जसप्रीत बुमराह ने दिलाई दूसरी सफलता जसप्रीत बुमराह ने कैंपबेल को आउट कर वेस्टइंडीज को दूसरा झटका दिया है। कैंपबेल कॉट बिहाइंड आउट हुए। हालांकि भारत को किस्मत का साथ भी मिला। गेंद कैंपबेल के बैट और पैड दोनों पर लगी थी, मगर अंपायर ने पाया कि दूसरी स्पाइक बैट की है तो उन्होंने फैसला भारत के हित में सुनाया। सिराज ने वेस्टइंडीज को दिया पहला झटका चौथा ओवर लेकर आए मोहम्मद सिराज ने तेजनरायण चंद्रपॉल को अपने जाल में फंसाया और विकेट के पीछे ध्रुव जुरेल ने शानदार कैच पकड़ा। भारत को 12 के स्कोर पर पहली सफलता मिली।

भारत बनाम वेस्टइंडीज: 23 साल पुराने रिकार्ड को बचाने के लिए टीम तैयार, जानें मैच की पूरी रणनीति

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अहमदाबाद नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुरुवार से शुरु हो रहे पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज के खिलाफ 23 साल से टेस्ट मैचों में अजेय भारत इस बार भी जीत के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा। इंग्लैंड में धमाकेदार वापसी करने वाले युवा कप्तान शुभमन गिल, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का साथ पाकर टीम की कमान संभालेंगे। नए खिलाड़ी साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल और नितीश रेड्डी टीम में शामिल हैं। भारत की बल्लेबाजी लाइनअप में गहराई और बहुमुखी प्रतिभा है। राहुल और यशस्वी जायसवाल ओपनिंग करेंगे, सुदर्शन तीसरे नंबर पर, गिल चौथे नंबर पर, रेड्डी, ध्रुव जुरेल, वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल और खतरनाक स्पिनर कुलदीप यादव निचले क्रम में हैं। जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज का गेंदबाजी आक्रमण भी खतरनाक है।  बुमराह अपनी गेंदबाजी से, मोहम्मद सिराज अपनी आतिशी गेंदबाजी से और स्पिनर बीच के ओवरों में दमदार प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं जो कि वेस्टइंडीज के अनुभवी बल्लेबाजों को भी परेशान कर सकता है। वेस्टइंडीज की चुनौती इसलिए बहुत बड़ी है, क्योंकि टीम में शमर जोसेफ और अल्जारी जोसेफ नहीं हैं। ऐसे में जेडन सील्स तेज गेंदबाजी का नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि कप्तान रोस्टन चेज, शाई होप, ब्रैंडन किंग और जॉन कैंपबेल को किसी तरह टीम को संभालना होगा। टीम के अधिकांश खिलाड़ियों ने 15 से कम टेस्ट मैच खेले हैं। पिच की बात की जाये तो यहां शुरुआत में रन बनते हैं लेकिन धीरे-धीरे यह टर्न लेती है और बाद में बल्लेबाजों के लिए मुश्किल हो जाती है, खासकर चौथी पारी में। पहली पारी का औसत स्कोर 347 है, दूसरी पारी का 353 है। भारत की संभावित एकादश:- केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), नितीश रेड्डी, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव। वेस्टइंडीज की संभावित एकादश:- टेगनरीन चंद्रपॉल, जॉन कैंपबेल, ब्रैंडन किंग, एलिक एथनाज, रोस्टन चेज (कप्तान), शाई होप (विकेट कीपर), जस्टिन ग्रीव्स, जोहान लेयने, जोमेल वारिकन, जेडन सील्स और एंडरसन फिलिप।  

पुराना और कमजोर मोरटक्का पुल भारी वाहनों के लिए फिर खुला, सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

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 खंडवा  इंदौर-ऐदलाबाद नेशनल हाईवे पर मोरटक्का के नर्मदा पुल से भारी वाहनों की आवाजाही फिर शुरू हो गई है। इनमें 80 टन से अधिक वजनी भार वाहन भी शामिल हैं। जबकि पुल उम्रदराज होने और बीच के पिलर कमजोर होने से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएचएआई) ने 20 टन से अधिक भार वाले वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा रखा है। बताया जाता है कि यह स्थिति कलेक्टर खंडवा के एक आदेश के बाद बनी है। जिसमें कलेक्टर ने सावन माह में व्यावसायिक भारी वाहनों पर लगा प्रतिबंध हटाने की बात कही है, लेकिन आदेश की भाषा से उपजे संशय के कारण 20 टन से अधिक भार वाले वाहन भी बेरोकटोक निकल रहे हैं। इनसे नर्मदा पुल पर अनहोनी हो सकती है। जिससे खंडवा और बुरहानपुर का इंदौर से सीधा सड़क संपर्क बाधित हो जाएगा। जिले में नर्मदा नदी पर बना करीब 75 साल पुराना मोरटक्का पुल दो साल पहले नर्मदा में आई बाढ़ के कारण कमजोर हो गया था। एनएचएआइ ने एसजीआइटीएस इंदौर के विशेषज्ञों से इसकी जांच करवाई थी। जांच कमेटी में शामिल प्रोफेसर डा. विजय रोड़े, डा. एमके लघाटे, प्रोफेसर विवेक तिवारी ने मोरटक्का पुल का लोड टेस्टिंग कर बारीकी से जांच की थी। उनकी अनुशंसा पर इंदौर संभागायुक्त ने 20 टन से अधिक क्षमता वाले बी-कैटेगरी के भारी वाहनों की पुल से आवाजाही प्रतिबंधित कर दी थी। ऐसे में इंदौर से महाराष्ट्र जाने वाले भारी वाहनों को तेजाजी नगर (इंदौर) से देशगांव तक आवाजाही थम गई थी। इस आदेश के पालन के लिए मोरटक्का पुल के एक ओर खंडवा और दूसरी ओर खरगोन पुलिस द्वारा बेरियर लगाकर आदेश का पालन करवाया जा रहा था। पुलिस ने हटाई जांच चौकी 23 सितंबर को कलेक्टर ऋषव गुप्ता द्वारा नर्मदा पुल से भारी वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक को निरस्त करने पर पुल की सुरक्षा के लिए बने जांच प्वाइंट और नाकों को पुलिस ने हटा दिया है। पुल से हाईवे निर्माण के लिए 80 टन से अधिक वजनी हाइवा और डंपर गुजरने की मांग ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन लंबे समय से कर रहा था। इसके लिए चैंबर ऑफ कामर्स के माध्यम से कलेक्टर से प्रतिबंध हटवाने के प्रयास भी हुए, लेकिन एनएचएआई और संभागायुक्त के आदेश की वजह से कोई राहत नहीं मिल सकी थी। अब कलेक्टर के मौजूदा आदेश से ट्रांसपोटर्स की मुराद पूरी हो गई हैं। इधर जानकारों का कहना है कि 20 टन से अधिक वजन वाले वाहनों की आवाजाही पुल के लिए खतरनाक हो सकती है। खंडवा में बढ़ गए थे पेट्रोल-डीजल के दाम मोरटक्का पुल पर भारी वाहनों के प्रतिबंध से डीजल-पेट्रोल के टैंकरों की आवाजाही भी रोक दी गई थी। इंदौर से आने वाले टैंकर धामनोद से घूमकर आने के कारण पेट्रोल पंप संचालकों की मांग पर कंपनियों ने खंडवा और बुरहानपुर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा दिए थे। इसे देखते हुए 18 मार्च 2024 को इंदौर के तत्कालीन कमिश्नर दीपक सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में एनएचएआइ और पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों की मौजूदगी में मोरटक्का पुल से 20 टन से ज्यादा वजन होने पर पुल से एक-एक कर टैंकर सुबह आठ बजे से पहले निकलने का समय भी निर्धारित किया था। बैठक में निर्णय के बाद दौड़ने लगे भारी वाहन एक सप्ताह पहले सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के साथ कलेक्टर ऋषव गुप्ता के साथ चैंबर आफ कामर्स के पदाधिकारी व ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें मोरटक्का स्थित नर्मदा नदी पर बने पुराने पुल को सभी वाहनों के लिए खोलने की मांग की गई थी। इस पर कलेक्टर खंडवा ने पुल को प्रतिबंध मुक्त करने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद से सभी वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। वैसे बैठक में प्रतिबंध के बावजूद भी रात में 20 टन से अधिक वजनी वाहन सांठगांठ कर निकलने की बात उठी थी। 20 टन से अधिक भारी वाहन प्रतिबंधित है     नर्मदा पुल संकरा और कमजोर होने से मोरटक्का में नए पुल का निर्माण चल रहा है। पुराने पुल से 20 टन से अधिक भारी वाहन प्रतिबंधित हैं। कलेक्टर ने आदेश को निरस्त किया है। पुल से 20 टन से भारी वाहन निकल रहे हैं तो मैं दिखवाता हूं। – आशुतोष सोनी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई खंडवा पहले निकला आदेश जानकारी में नहीं     सावन माह के दौरान कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर समस्त व्यावसायिक श्रेणी के भारी वाहनों की इंदौर से देशगांव तक आवाजाही पर रोक लगाई थी। इस आदेश को निरस्त किया है। पूर्व में नर्मदा पुल को लेकर जारी आदेश मेरी जानकारी में नहीं है।– ऋषव गुप्ता, कलेक्टर खंडवा  

भोपाल-हैदराबाद हवाई संपर्क मजबूत, तिरुपति के लिए सीधी फ्लाइट अब भी नहीं

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 भोपाल  भोपाल से हैदराबाद तक अब दो सीधी उड़ानें हो गई हैं लेकिन तिरूपति तक एक भी उड़ान नहीं है। भोपाल से तिरूपति बालाजी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। ट्रेन का सफर लंबा होने के कारण लंबे समय सीधी फ्लाइट की जरूरत महसूस की जा रही है। इंडिगो ने अपनी दूसरी हैदरबाद उड़ान एक अक्टूबर से पुन: प्रारंभ करने की घोषणा की है। अब यात्रियों को सुबह 7.20 बजे एवं रात्रि 9.20 बजे हैदराबाद के लिए उड़ान मिल सकेगी। दोनों उड़ानों का शेड्यूल पैसेंजर फ्रेंडली होने के कारण इसमें अच्छी बुकिंग हो रही है। इस रूट पर छह से सात हजार रूपये में बुकिंग हो रही है। अंतिम समय में किराया बढ़ भी जाता है। यदि इन दोनों उड़ानों में से किसी एक को हैदराबाद से होकर तिरूपति तक चलाया जाए तो यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकती है। हैदराबाद से तिरूपति तक का हवाई सफर मात्र 45 मिनट में पूरा होता है। भोपाल से तिरूपति तक ट्रेन में करीब 24 घंटे लगते हैं। साऊथ कनेक्शन अब भी कमजोर भोपाल हैदराबाद एवं बेंगलुरू तक सीधी उड़ानें होने के बावजूद भोपाल का दक्षिण भारत तक हवाई कनेक्शन कमजोर है। चैन्नई एवं काच्चि जैसे शहरों तक लंबे समय से डायरेक्ट उड़ान नहीं है। यात्रियों को कनेक्टिंग उड़ान से जाना पड़ता है। इसमें समय एवं धन अधिक खर्च होता है। हर साल तिरूपति दर्शन करने वाले भक्त अशोक हिमथानी का कहना है किएयरलाइंस कंपनियों को तिरूपति एवं चैन्नई तक सीधी उड़ान शुरू करना चाहिए। इसमें अच्छी बुकिंग मिल सकती है। एयरपोर्ट डायरेक्टर रामजी अवस्थी का कहना है कि एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास कर रहे हैं। हमने एयरलाइंस को स्लाट देने की पेशकश की है।

अब नहीं होगी विदेशी विशेषज्ञों की ज़रूरत, भारत में ही तैयार होंगे लेदर इंडस्ट्री के एक्सपर्ट

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कानपुर  देश की लेदर और फुटवियर इंडस्ट्री अब विदेशी स्किलफुल लोगों पर निर्भर नहीं रहेगी. अभी लेदर इंडस्ट्री में स्किलफुल तकनीक और लोगों के लिए विदेश के एक्सपर्ट का रुख करना पड़ता है, लेकिन अब आगे ऐसा नहीं होगा अब देश में ही स्किलफुल लोग तैयार किया जा सकेंगे, जो लेदर इंडस्ट्री को प्रोफेशनल तरीके से संभाल सकेंगे. एचबीटीयू और लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल (एलएसएससी) के बीच हुआ करार उद्योग जगत के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा. इस समझौते से छात्रों को जहां रोजगार और रिसर्च का सीधा अवसर मिलेगा, वहीं इंडस्ट्री को अपनी जरूरतों के हिसाब से तैयार कुशल मैनपावर. इंडस्ट्री के लिए तैयार होंगे स्किलफुल प्रोफेशनल्स एचबीटीयू के कुलपति प्रो. समशेर ने बताया कि लेदर टेक्नोलॉजी से जुड़े बीटेक छात्र अब अपने हुनर और रिसर्च को सीधे इंडस्ट्री की मांग के मुताबिक ढाल सकेंगे.छात्रों को इस साझेदारी के तहत न केवल रिसर्च और प्रोजेक्ट में सहयोग मिलेगा, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री की असल चुनौतियों को समझने और उनके समाधान निकालने का अवसर भी मिलेगा.इससे रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे और देश की इंडस्ट्री को वही स्किल्ड युवा मिलेंगे, जिनकी कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी. ब्लू कॉलर और व्हाइट कॉलर दोनों तरह का मैनपावर सीएलई के चेयरमैन मुख्तारुल अमीन ने कहा कि इस करार से हमें सिर्फ ब्लू कॉलर वर्कफोर्स ही नहीं बल्कि व्हाइट कॉलर स्किल्ड प्रोफेशनल्स भी मिलेंगे. आज इंडस्ट्री को ऐसे युवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है. मैनपावर की कमी ने लेदर सेक्टर की ग्रोथ को रोक रखा था, लेकिन अब एचबीटीयू जैसे संस्थान के सहयोग से यह बाधा खत्म होगी. रिसर्च और ट्रेनिंग से खुलेगा वैश्विक बाजार एलएसएससी के अधिकारियों के अनुसार, छात्रों को एडवांस टेक्नोलॉजी, प्रोडक्शन प्रोसेस, डिजाइनिंग और मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी. स्किल डेवलपमेंट के लिए नए मॉड्यूल तैयार होंगे और इंडस्ट्री इंटर्नशिप के जरिए छात्र सीधे कामकाजी माहौल का अनुभव हासिल करेंगे. इससे वे न सिर्फ देश बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इंडस्ट्री की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनेंगे. आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम विशेषज्ञों का मानना है कि इस करार से भारत की लेदर इंडस्ट्री को विदेशी स्किलफुल लोगों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी. घरेलू स्तर पर ही ऐसा मैनपावर तैयार होगा, जो न केवल तकनीकी रूप से सक्षम होगा बल्कि रिसर्च और इनोवेशन से भी इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धा क्षमता को बढ़ाएगा.

आज का राशिफल: 2 अक्टूबर को मेष से मीन तक कैसे बीतेगा दिन? जानिए विस्तार से

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मेष राशि- आज आपको ऑफिस में सीनियर्स का दबाव और घर में कलह को झेलना पड़ सकता है। जिसके कारण आपकी मानसिक शांति भंग हो सकती है। कोई रिश्तेदार आपसे आर्थिक मदद मांग सकता है लेकिन आपको लेनदेन में सतर्कता बरतनी चाहिए। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। वृषभ राशि– आज आपको अपने काम से कुछ समय निकाल कर आराम करने की जरूरत है। धन का आगमन होगा और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलेगी। परिवार में किसी जश्न के लिए योगदान करना पड़ सकता है। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा। जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। मिथुन राशि– आज आपको सामाजिक कार्यों के लिए तारीफ मिल सकती है। आप बिना किसी मदद या मदद के पैसा कमाने में सफल रहेंगे। गुस्से पर काबू रखें और वाद-विवाद से दूर रहें। कामकाज के कारण व्यस्तता हो सकती है। परिवार के साथ अचानक किसी ट्रिप पर जाने का प्लान बन सकता है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। कर्क राशि- आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए और साहसिक गतिविधियों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। आज आप उन रिश्तेदारों को अपना पैसा उधार देने से बचें जिन्होंने अभी तक पिछली रकम नहीं लौटाई है। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आज आपके वैवाहिक जीवन में चीजें आपके कंट्रोल से बाहर हो सकती हैं। सिंह राशि- आज आपका मन प्रसन्न रहेगा। लिखने-पढ़ने से जुड़े कार्यों के लिए दिन अच्छा है। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं, लेकिन विदेश जाने के अवसर भी मिल सकते हैं। आर्थिक रूप से स्थिति बेहतर होगी। जीवनसाथी का साथ मिलेगा। कन्या राशि- आज आपको धैर्य से काम लेना चाहिए। आर्थिक रूप से दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। कोई पुराना संपर्क आपके लिए कुछ परेशानियां खड़ी कर सकता है। आज अपने लवर की फीलिंग्स को समझें। जीवनसाथी आपकी तारीफ कर सकता है। व्यापार को आगे बढ़ाने के अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। तुला राशि- आज आप दूसरों के साथ खुशियों के पल को शेयर करेंगे। मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक लाभ मिलने की पूरी संभावना है क्योंकि पहले दिया गया कोई पैसा तुरंत वापस आ जाएगा। किसी दोस्त की मदद से व्यक्तिगत परेशानी दूर हो सकती है। काम का तनाव अभी भी आपके दिमाग पर छाया हुआ है और परिवार के लिए समय नहीं निकल पा रहा है। वृश्चिक राशि- आज आपकी सेहत पहले से अच्छी होगी। कार्यस्थल पर आपको अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। यात्रा का योग है। चीजों को कंट्रोल में रखने के लिए हर किसी की परेशानी पर ध्यान दें। व्यापार करने वालों को नई पार्टनरशिप मिल सकती है। धन की स्थिति अच्छी होगी। धनु राशि– आज आपके जीवन में खुशियों का आगमन होगा, लेकिन धैर्यशीलता बनाए रखें। परिवार की सेहत का ध्यान रखें। नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ स्थान परिवर्तन हो सकता है। संतान का साथ मिलेगा। माता-पिता की मदद से धन लाभ के संकेत हैं। बिजनेस करने वालों को व्यापारिक यात्रा करनी पड़ सकती है। मकर राशि- आज नौकरी से जुड़े अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी। जिन लोगों का इंटरव्यू शेड्यूल है, उन्हें पॉजिटिव रिजल्ट मिल सकता है। मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। शासन सत्ता का सहयोग मिलेगा। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। धन संबंधी मामले आपके मन को परेशान कर सकते हैं। कुंभ राशि– आज अपने खान-पान में सावधानी बरतें। आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में कटु वचनों को कहने से बचें। प्रेमी-प्रेमिका की मुलाकात हो सकती है। आपके सहकर्मी किसी खास काम में आपकी मदद कर सकते हैं। आपके परिवार का कोई सदस्य आज आपके साथ कुछ समय बिताने की जिद कर सकता है। मीन राशि– आज दिन की शुरुआत योग या ध्यान से करें। भाई-बहनों की मदद से आज आपको धन लाभ होगा। अपने भाई-बहनों से सलाह लें। परिवार की स्थिति सामान्य नहीं रहेगी। अपना हुनर ​​दिखाने के मौके आज आपके पास रहेंगे। आपको एहसास होगा कि आपकी शादी इतनी खूबसूरत पहले कभी नहीं थी।

GST बचत उत्सव में राजस्थान के नागरिक और व्यापारी हुए लाभान्वित, भजनलाल शर्मा ने दी बड़ी सुविधा

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जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में 22 सितंबर से 29 सितंबर तक जीएसटी बचत उत्सव मनाया गया। इस बचत उत्सव के दौरान प्रदेशभर में आमजन और व्यापारियों को जीएसटी रिफाॅम्र्स की जानकारी देते हुए इसके फायदों के बारे में अवगत करवाया गया। इस उत्सव के अंतर्गत आयोजित जीएसटी सुधार एवं दर युक्तिकरण जन जागरूकता अभियान में प्रदेशवासियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। मुख्यमंत्री, मंत्रीपरिषद् के सदस्यों ने आमजन को किया जगरूक मुख्यमंत्री शर्मा ने जयपुर के मानसरोवर क्षेत्र और भीलवाड़ा के सदरबाजार में जाकर व्यापारियों और आमजन को जीएसटी सुधार के संबंध में जागरूक किया। बचत उत्सव के अंतर्गत प्रत्येक जिले में प्रभारी मंत्री, जनप्रतिनिधि, जिला कलेक्टर एवं वाणिज्यिक कर विभाग के संयुक्त तत्वाधान में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई, जिससे आमजन को जीएसटी सुधारों की जानकारी दी गई। व्यापार मंडल, डाॅक्टर, सीए-सीएस एवं अन्य प्रोफेशनल्स को शामिल कर इन्टरेक्टिव सेशन्स भी आयोजित किए गए, जिसमें उद्यमियों एवं आमजन को जीएसटी सुधारों से मिलने वाले लाभों के बारे में जागरूक किया है। साथ ही, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर ‘सेविंग वाॅल’ भी लगाई गई, जिसमें सामान्य वस्तुओं पर पुराने एवं नये जीएसटी दरों का उल्लेख किया गया है। प्रचार-प्रसार के लिए विभाग द्वारा किए गए अनेक नवाचार वाणिज्यिक विभाग द्वारा जीएसटी सुधार से आमजन को हुई बचत की जानकारी देने के लिए मोबाइल ऐप भी बनाई है। साथ ही, दुकानदारों को डिजिटल/फिजिकल स्टिकर बांटे गए, जिसमें ‘जीएसटी 2.0 के फायदें लागू हैं’ का उल्लेख किया गया। इससे आमजन को उत्पादों में हुई रेशनलाइज्ड दरों की जानकारी दी गई। बचत उत्सव के दौरान एफएम और रेडियो चैनलों पर छोटे-छोटे जिंगल्स, ‘सफलता की कहानियों’ के कैम्पेन, सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार, विभागीय वेबसाइट पर जीएसटी सुधारों की जानकारी एवं आईटी विभाग के वीडियो वाॅल्स पर संबंधित एनिमेशन सहित विभिन्न नवाचार किए गए। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन से आमजन, किसान, व्यापारी एवं उद्योगपतियों सहित समाज के सभी वर्गों को जीएसटी दरों में कटौती का लाभ मिलना सुनिश्चित हुआ। रोटी, कपड़ा, मकान सहित जरूरत की चीजें हुई सस्ती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से जीएसटी में सुधार की घोषणा की जो 22 सितंबर 2025 से प्रभावी हुई। जीएसटी रिफाॅम्र्स लागू होने के बाद अब देश में मुख्य रूप से जीएसटी की दो दरें 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत प्रभावी हो गई हैं। विलासिता से संबंधित वस्तुओं को ही 40 प्रतिशत टैक्स की श्रेणी में रख गया है। वहीं नई कर संरचना में कम्पन्सेशन सेस भी हटा दिया गया है। जीएसटी के नए प्रावधानों का सीधा प्रभाव आम आदमी पर हुआ है। अब जीवन की मूलभूत आवश्यकता रोटी, कपड़ा और मकान सस्ते हो गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र को भी नए जीएसटी प्रावधानों का लाभ मिला है। इन जानकारियों को आमजन तक पहुंचाने के क्रम में प्रदेश में 22 से 29 सितम्बर तक जीएसटी बचत उत्सव का आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में जीएसटी लागू होने से लेकर अब तक जीएसटी करदाताओं की संख्या 66.5 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है। वहीं, राजस्थान में भी जीएसटी करदाता 4.34 लाख से बढ़कर 9.31 लाख हो गए हैं। इसी प्रकार, राज्य के जीएसटी राजस्व में निरंतर वृद्धि दर्ज हुई है और वित्त वर्ष 2024-25 में यह 42 हजार 518 करोड़ हो गया है।

अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: प्रदेश के शहरी और ग्रामीण अंचलों में वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन

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भोपाल  अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर प्रदेश के शहरी और ग्रामीण अंचलों में वरिष्ठजन सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में शासकीय और अशासकीय संस्थाओं, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान शॉल, श्रीफल, स्मृति चिंह भेंट कर किया गया। एक सौ वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बुजुर्गों का विशेष रूप से "शतायु सम्मान" से सम्मानित किया गया। इसी कड़ी में इंदौर महानगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सम्मान समारोह आयोजित किए गये। इंदौर शहर में कल्याण मित्र समिति इंदौर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सांसद श्री शंकर लालवानी ने 140 बुजुर्ग को शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया, ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत कलारिया में श्री जगन चौधरी, ग्राम पंचायत पिवडाय में श्री कन्हैया लाल तोमर, ग्राम पंचायत माचला में श्रीमती अयोद्धया बाई, नगर निगम इंदौर क्षेत्र में श्रीमती चन्दु जैन को जिला प्रशासन के दल ने घर-घर जाकर सम्मानित किया। निवाड़ी जिला मुख्यालय कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड ने श्री रामराजा वृद्धाश्रम पहुँच कर वरिष्ठजन का सम्मान किया। उन्होंने आश्रम में रहने वाले वृद्धजन से वहाँ की व्यवास्थाओं, स्वास्थ्य और अन्य विषय पर चर्चा की। रायसेन जिला मुख्यालय पर विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री प्रभुराम चौधरी, कलेक्टर श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने महात्मा गांधी वृद्धाश्रम में वरिष्ठजन का सम्मान किया। उन्होंने वृद्धजनों के साथ भोजन भी किया। देवास जिले में बुजुर्गों के लिये नीबू रेस, कैरम और शतरंज प्रतियोगिताएँ आयोजित की गई। कार्यक्रम में 101 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर श्रीमती सौरभ बाई को भी विभागीय अधिकारियों द्वारा शॉल श्रीफल से सम्मानित किया गया। बड़वानी जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री बलवंत पटेल की अगवाई में अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन किया गया। अशोकनगर जिले में जिलास्तरीय कार्यक्रम का आयोजन नगर पालिका अध्यक्ष श्री नीरज मनोरिया और अपर कलेक्टर श्री देवकीनंदन की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम में 100 वर्ष से अधिक आयु पूर्ण कर चुकी 3 महिलाओं को शातायु सम्मान के रूप में एक हजार रूपये की नगद राशि शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।