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बिहार की राजनीति पर शिवराज का आरोप: लालू परिवार के खिलाफ सख्त बयान, विपक्ष पर जमकर बरसे

पटना  बिहार की राजनीति को लेकर वरिष्ठ बीजेपी नेता और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने पटना में कहा कि आज बिहार में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम हो रहा है लेकिन विपक्ष इसे पचाने में असमर्थ है और कुंठा में डूबा हुआ है. कुर्सी के लिए बेटी का तिरस्कार: शिवराज शिवराज सिंह चौहान ने परिवारवाद और कुर्सीवाद को विपक्ष की सबसे बड़ी कमजोरी बताया है. उन्होंने कहा कि जिन दलों ने हमेशा परिवार को ही राजनीति का आधार बनाया, वो अब जनता के बीच अपनी प्रासंगिकता खोते जा रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा, 'परिवारवाद और कुर्सीवाद में इस कदर उलझ गए हैं कि किडनी देने वाली बेटी तक का तिरस्कार किया जा रहा है, आज विपक्ष के भीतर असली लड़ाई इस बात की है कि कौन नेता होगा और कौन उत्तराधिकारी, एक नेता यहां है, तो दूसरा विदेश में घूम रहा है.' शिवराज ने राहुल गांधी पर भी साधा निशाना उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राहुल जी अपनी कुंठा विदेश में निकालते हैं और वहां जाकर देश को बदनाम करने का पाप करते हैं. चौहान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि विपक्ष की हालत 'सूत न कपास, दुल्हन में लट्ठमलट्ठा' जैसी हो गई है. भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार समेत पूरे देश में गरीबों और वंचितों को योजनाओं का लाभ सीधे मिल रहा है. महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिल रही है, किसानों को सहायता मिल रही है, युवाओं के लिए रोजगार और अवसर पैदा हो रहे हैं. यही वजह है कि जनता भाजपा और एनडीए पर विश्वास कर रही है और विपक्ष बौखलाहट में केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है. मखाना महोत्सव में हिस्सा लेने बिहार पहुंचे हैं शिवराज शिवराज सिंह चौहान पटना में आयोजित मखाना महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को बिहार गए हैं. देश भर में बिहार सबसे बड़ा मखाना उत्पादक राज्य है. इसको लेकर उन्होंने कहा, मखाना बोर्ड उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग से लेकर मार्केटिंग और निर्यात तक पूरी ताकत से काम करेगा, मखाना अब सिर्फ बिहार की पहचान नहीं, बल्कि निवेश और रोजगार का नया इंजन बनेगा. कृषि मंत्री ने कहा, हमारा संकल्प है, बिहार का मखाना वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत जगह बनाए और हर कोने तक पहुंचे.

सरकारी नौकरी में बच्चों की सीमा खत्म, मध्य प्रदेश में तीसरी संतान भी होगी मान्य!

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी में दो बच्चों की पाबंदी की शर्त 24 साल बाद खत्म होने जा रही है। यह पाबंदी 26 जनवरी 2001 को लागू की गई थी। अब जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाकर शर्त को समाप्त किया जाएगा। इसके बाद नौकरी कर रहे किसी अधिकारी या कर्मचारी का तीसरा बच्चा होने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त नहीं किया जा सकेगा। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार उच्च स्तर से मिले निर्देशों के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई और तमाम परिस्थितियों का आंकलन करने के बाद उच्च स्तर पर सहमति बन गई। तीसरी संतान से जुड़े केस समाप्त होंगे नई व्यवस्था के लागू होने के बाद तीसरी संतान से जुड़े जितने भी मामले न्यायालयों या विभागीय जांचों में लंबित हैं, उन्हें स्वतः समाप्त मान लिया जाएगा। अब उन मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। वर्ष 2001 के बाद जिन सरकारी कर्मचारियों पर तीसरी संतान के आधार पर कार्रवाई हो चुकी है या वे नौकरी से बाहर किए जा चुके हैं, उन मामलों पर सुनवाई नहीं होगी। तीसरी संतान से जुड़े केस होंगे समाप्त नई व्यवस्था के तहत, तीसरी संतान से संबंधित जितने भी केस न्यायालयों या विभागीय जांचों में लंबित हैं, उन्हें अब स्वतः समाप्त मान लिया जाएगा। ऐसे मामलों पर अब कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, पुराने मामलों में जिन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी थी, उन्हें पुनः नहीं खोला जाएगा। कौन से विभाग होंगे प्रभावित? इस बदलाव से सबसे ज्यादा असर चिकित्सा शिक्षा (Medical Education), स्वास्थ्य (Health), स्कूल शिक्षा (School Education), और उच्च शिक्षा (Higher Education) विभागों पर पड़ेगा। अनुमान है कि इस पाबंदी के कारण इन विभागों में करीब 8 से 10 हजार मामले लंबित हो सकते हैं। चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी लगभग 12 शिकायतें सामान्य प्रशासन विभाग तक पहुंची हैं, जिन पर जल्द फैसला लिया जाएगा। पड़ोसी राज्यों में पहले ही हटाई गई पाबंदी मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही इस पाबंदी को हटा चुके हैं। राजस्थान ने 11 मई 2016 को, और छत्तीसगढ़ ने 14 जुलाई 2017 को यह पाबंदी समाप्त कर दी थी। इन राज्यों में अब तीसरी संतान वाले लोग सरकारी नौकरी में काम कर रहे हैं। प्रजनन दर पर ध्यान मध्य प्रदेश की प्रजनन दर (fertility rate) 2.9 है, जो राष्ट्रीय औसत (2.1) से ज्यादा है। शहरी इलाकों में यह दर 2.1 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.8 के करीब है। इसके अलावा, बिहार राज्य में सबसे अधिक प्रजनन दर (3.0) है, जिसका मतलब है कि यहां एक महिला औसतन 3 बच्चों को जन्म देती है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की प्रजनन दर 2.0 भोपाल की प्रजनन दर 2.0 है, जो राज्य के बाकी हिस्सों से कम है। राज्य के कुछ अन्य जिलों में जैसे पन्ना (4.1), शिवपुरी (4.0), और बड़वानी (3.9) में उच्च प्रजनन दर देखी जाती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख का बयान हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत की जनसंख्या नीति पर विचार करते हुए कहा था कि औसतन तीन बच्चों का होना चाहिए। उनका मानना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे संसाधनों पर दबाव नहीं बढ़ेगा। उनके इस बयान के बाद ही मध्य प्रदेश में दो बच्चों की सीमा हटाने की प्रक्रिया को गति मिली, और इस नीति में बदलाव के लिए तैयारी शुरू हो गई। कौन से विभाग प्रभावित होंगे सबसे ज्यादा शिकायतें मेडिकल एजुकेशन, हेल्थ, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ी हैं। अनुमान है कि ऐसे मामलों की संख्या आठ से दस हजार के बीच हो सकती है। मेडिकल एजुकेशन की करीब 12 शिकायतें सामान्य प्रशासन विभाग तक पहुंच चुकी हैं, जिन पर फैसला होना है। पहले एक जज तक की नौकरी दो संतान की पाबंदी की वजह से चली गई थी। अन्य राज्यों का उदाहरण राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही यह पाबंदी हटा चुके हैं। राजस्थान ने 11 मई 2016 और छत्तीसगढ़ ने 14 जुलाई 2017 को इसे खत्म किया। वहां अब तीन बच्चों वाले कर्मचारी भी सरकारी नौकरी में काम कर रहे हैं। मप्र की प्रजनन दर और राष्ट्रीय तुलना राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS 2019-20) के अनुसार, मध्य प्रदेश की प्रजनन दर 2.9 है। शहरी क्षेत्रों में यह 2.1 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.8 के करीब है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.1 है। देश में सबसे अधिक प्रजनन दर बिहार में है, जहां औसतन एक महिला 3 बच्चे को जन्म देती है। मप्र के अन्य राज्य जैसे मेघालय, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी प्रजनन दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। भोपाल में प्रजनन दर 2.0 है, जो राज्य में सबसे कम है, जबकि पन्ना, शिवपुरी और बड़वानी में यह क्रमशः 4.1, 4.0 और 3.9 है। मोहन भागवत के बयान का असर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में कहा कि भारत की औसत जनसंख्या नीति 2.1 के अनुसार औसतन तीन बच्चे होना चाहिए। इसके बाद दो बच्चों की सीमा हटाने की प्रक्रिया को गति मिली और नीति में बदलाव की तैयारी शुरू हुई।

पॉवर हाउस सारनी की पहल: रोशनी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संगम

रोशनी के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा पॉवर हाउस सारनी सारनी पॉवर हाउस बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कर रहा सेवाओं का विस्तार पॉवर हाउस सारनी की पहल: रोशनी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संगम बैतूल बैतूल जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर एक छोटा सा कस्बा सारनी स्थित है। वर्ष 1965 के आसपास वहां सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की स्थापना हुई थी। वर्ष 2007 तक सतपुड़ा थर्मल पॉवर स्टेशन मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा पॉवर प्लांट था लेकिन कुछ पुरानी यूनिट बंद होने के बाद वर्ष 2019 से यह मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी का मध्यप्रदेश का तीसरा बड़ा थर्मल पॉवर स्टेशन बन गया। वर्ष 2014 से 250-250 मेगावॉट की दो यूनिट यहां बिजली का उत्पादन कर रही हैं। सारनी के आसपास सुरम्य वन क्षेत्र है। यहां भरपूर वन संपदा उपलब्ध है। वनों में स्थित सागौन, साल, पलास तथा अन्य वृक्ष यहां की हरी-भरी घाटियों को बेहद सुंदर बनाते हैं। इस क्षेत्र की आबादी करीब 86 हजार के आसपास है। सारनी पॉवर हाउस अस्पताल आसपास के क्षेत्र में संजीवनी साबित हो रहा दरअसल बात हो रही है सारनी पॉवर हाउस के अस्पताल की जहां कंपनी कार्मिकों के अलावा अन्य समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल बेहतर तरीके से की जा रही है। सारनी पॉवर हाउस में करीब 580 से ज्यादा अभियंता व कार्मिक कार्यरत हैं। यह कार्मिक सुविधाजनक आवासीय परिसर में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सारनी कस्बे में बच्चों की पढ़ाई के लिए केन्द्रीय विद्यालय है, बाजार है और बुनियादी जरूरत की सारी सुविधाएं यहां पर उपलब्ध हैं। 55 वर्ष पुराना अस्पताल पूर्णत: सुसज्जित सारनी स्थित यह अस्पताल 1971 में स्थापित हुआ। इस अस्पताल के पहले चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार थे जो बाद में मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियुक्त हुए। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के मुख्य अभियंता वी. के. कैथवार ने बताया कि यह अस्पताल सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाओं से युक्त है तथा पॉवर हाउस के कार्मिकों के साथ अन्य समुदाय के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। सुदूर अंचल में स्थापित होने के बावजूद यहां अस्पताल में 30 बिस्तरों की व्यवस्था है। अस्पताल में पूर्णकालिक चिकित्सक तथा अनुबंध के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी चिकित्सा सेवाएं देते हैं। अस्पताल में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय रघुवंशी ने बताया कि अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स व वार्ड बॉय सभी मिलकर बिजली अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ आसपास के लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे हुए हैं।  दूरदराज के लोगों का सहारा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, इनमें महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, वर्न यूनिट, एक्स-रे रूम, पैथोलॉजी लैब, ऑपरेशन थिएटर के साथ दवाई वितरण की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर इलाज के लिए प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या की बात करें तो औसतन 70 से 75 मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें कंपनी कार्मिकों एव उनके परिजनों के अलावा आसपास के गांव के लोग भी अपने परिवार सहित आकर स्वास्थ्य की सुविधाओं का लाभ लेते हैं। यह अस्पताल दूरदराज के समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य की भी देखभाल करने में सक्षम है।  दो एम्बुलेंस से तत्काल इलाज की सुविधा मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह बताते हैं कि यह अस्पताल सारनी और इसके आसपास के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहां पर दो एम्बुलेंस भी मरीज की सेवा में तत्पर रहती हैं जो दूर दराज के मरीजों को लाने तथा जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल बैतूल या नर्मदापुरम पहुंचाने का कार्य करती हैं।  

ब्यू वेबस्टर टखने की चोट के कारण शेफ़ील्ड शील्ड के शुरुआती मैच से बाहर

मेलबर्न ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ब्यू वेबस्टर टखने की चोट के चलते तस्मानिया की शेफ़ील्ड शील्ड सीज़न के शुरुआती मैच में क्वींसलैंड के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे। हालांकि यह चोट गंभीर नहीं मानी जा रही है। वेबस्टर की फिटनेस की दोबारा जांच गुरुवार को क्वींसलैंड के खिलाफ वन-डे कप मुकाबले से पहले की जाएगी। शील्ड का दूसरा राउंड 15 अक्टूबर से शुरू होगा, जहां तस्मानिया की भिड़ंत वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया से होनी है। वेबस्टर ने इस सीज़न में एशेज़ से पहले तस्मानिया के सभी चार शील्ड मैच खेलने का लक्ष्य रखा था। टेस्ट करियर की शानदार शुरुआत करते हुए उन्होंने सात मैचों में चार अर्धशतक लगाए हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज़ से पहले टीम में उनकी जगह पर दबाव की चर्चा हो रही है। इस बीच, कैमरून ग्रीन के पूरी तरह गेंदबाज़ी करने के लिए तैयार होने की उम्मीद है। टीम संयोजन के अनुसार, ग्रीन को टॉप ऑर्डर में बनाए रखा जा सकता है या फिर उन्हें निचले क्रम में वापस भेजा जा सकता है। वेबस्टर ने सीज़न से पहले कहा था, “ग्रीनी के फिर से गेंदबाज़ी करने की वजह से मुझे मौका मिला है। मैं चाहूंगा कि हम दोनों टीम में साथ खेलें। अगर आप टॉप छह बल्लेबाज़ों में रन बना रहे हैं और गेंदबाज़ी भी कर सकते हैं, तो यह टीम के लिए बोनस है।” उन्होंने आगे कहा, “ग्रीनी शानदार बल्लेबाज़ हैं। मैं चाहता हूं कि वह टॉप ऑर्डर में बेहतरीन प्रदर्शन करें और मैं नंबर 6 पर रन बनाता रहूं। इस तरह हम दोनों गेंद और फील्डिंग से भी योगदान देकर ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच जीत सकते हैं।” वेबस्टर ने घरेलू सीज़न की शुरुआत वन-डे कप में शानदार प्रदर्शन से की थी, जहां उन्होंने दो मैचों में पांच विकेट लिए और विक्टोरिया के खिलाफ दूसरे मुकाबले में 95 गेंदों पर 81 रन बनाए।  

रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की एयरपोर्ट हॉट स्पॉट झलक, गले मिलते नजर आए

मुंबई एक्टर रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण को काफी समय बाद एक साथ देखा गया है. दरअसल दोनों को एयरपोर्ट पर देखा गया है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि रणबीर एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं. जैसे ही वो सिक्योरिटी चेक के लिए रुकते हैं, वैसे ही उन्हें एयरपोर्ट के अंदर गोल्फ कार्ट पर दीपिका पादुकोण दिखती हैं. जिसके बाद दोनों हाय कहते हैं, साथ में गोल्फ कार्ट पर बैठकर निकल जाते हैं. इस दौरान दोनों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि एयरपोर्ट पहुंचे रणबीर कपूर को ब्लैक कलर की हुडी और कार्गो जींस के साथ कैप लगाए देखा जा सकता है. तो वहीं, दीपिका पादुकोण ग्रे कलर के कॉडसेट में नजर आ रही हैं. बंधे बालों में चोटी के साथ दीपिका ब्लैक चश्मे में काफी खूबसूरत नजर आ रही हैं. गोल्फ कार्ट पर बैठकर दोनों एक-दूसरे से गले मिलते दिख रहे हैं. वर्कफ्रंट की बात करें, तो रणबीर कपूर इन दिनों नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं. फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे. जबकि यश रावण और साई पल्लवी सीता के किरदार में दिखेंगी. यह फिल्म दो पार्ट्स में रिलीज होगी, जिसका पहला पार्ट दिवाली 2026 पर आएगा. वहीं दीपिका पादुकोण इस समय एक्टर शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग कर रही हैं.

राम भक्तों का अद्भुत संगम: अयोध्या में महाकुंभ, कलश यात्रा में जुटेंगे 20 हजार लोग

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अयोध्या  भगवान राम की नगरी में एक बार फिर से सनातन के महाकुंभ का जैसा नजारा होने वाला है. अयोध्या धाम में एक बड़े अनुष्ठान का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आठ राज्यों के मुख्यमंत्री समेत देश के बड़े-बड़े साधु संत शामिल होंगे. आयोजन को लेकर राम नगरी के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में राम भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया है. राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन के बाद अयोध्या में ये दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होने जा रहा है. कल सुबह 10 बजे करीब 20 हजार राम भक्त कलश यात्रा निकालकर इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ करेंगे. इसको लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली है. भव्य आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनेगा अयोध्या जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी महाराज की माने तो देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि एक स्थान पर एक साथ 501 विद्वान 501 श्री रामार्चा महायज्ञ का अनुष्ठान करेंगे. यह पहली बार है जब भारत की धरती पर इतने विशाल स्तर पर श्री रामार्चा महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है. अयोध्या धाम एक ऐतिहासिक और भव्य आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है. कल से 14 अक्टूबर 2025 तक अयोध्या में श्रीरामहर्षण मैथिली सख्य पीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट एवं श्रीराम हर्षणम चारुशीला मंदिर, जानकी घाट द्वारा एक भव्य राम महायज्ञ, रामार्चा पूजन एवं राम नाम जप अनुष्ठान का आयोजन किया जाने वाला है. महायज्ञ में विशेष रूप से 151 श्रीमद्भागवत महापुराण पारायण भी होगा, जिसके लिए देशभर से 151 विद्वान अयोध्या आएंगे. वृन्दावन के विख्यात संत मालूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज अपने मुखारबिंद से राम नगरी में श्रीमद्भागवत की कथा सुनाएंगे. संत समाज का दिव्य संगम होगा वहीं वृंदावन से स्वामी बिहारी दास जी महाराज भक्तमाल जी की कथा का अमृतपान कराएंगे. राम नगरी में इस दौरान संत समाज का दिव्य संगम होगा, जहां देश के महान महापुरुष अपनी वाणी से भक्तों को लाभान्वित करेंगे. योग गुरु बाबा रामदेव सहित अनेक प्रतिष्ठित संत और महापुरुष इस आयोजन में आने वाले हैं. यही नहीं देश के राजनीतिक जगत के दिग्गज राज नेताओं का भी इस अनुष्ठान में आगमन होगा. आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण भेजा गया है. यूपी के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ 8 या 9 अक्टूबर को इस अनुष्ठान में शामिल होंगे, जिसकी पुष्टि जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वल्लभाचार्य महाराज ने की है. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन 11 अक्टूबर को होगा. भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से सीएम विष्णु देव सहाय भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे. हिंदू परंपरा की प्राचीन से आधुनिक यात्रा पर मंथन प्रतिदिन संत सम्मेलन (शाम 5 से 8 बजे तक) आयोजित होगा, जिसमें सनातन धर्म के विस्तार, अयोध्या धाम के विकास और हिंदू परंपरा की प्राचीन से आधुनिक यात्रा पर विशेष मंथन होगा. अयोध्या में यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म का महाकुंभ सिद्ध होगा. पहली बार भारत में इस स्तर का संत-समागम, राम भक्तों का महासंग्रह और राजनीतिक-धार्मिक महापुरुषों का संगम होने जा रहा है.

विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप: कियारा रोड्रिग्ज ने चौथी बार जीता लंबी कूद में स्वर्ण

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भारतीय एथलीट निमिशा चौथे स्थान पर रहीं नई दिल्ली कियारा रोड्रिग्ज ने शनिवार को यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जारी विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में लगातार चौथी बार महिलाओं की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक और चैंपियनशिप रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।  कियारा रोड्रिग्ज ने अपने पहले प्रयास में 6.29 मीटर और दूसरे प्रयास में कोई अंक नहीं हासिल करने के बाद चार छलांगें पार कर लीं। हंगरी की पेट्रा लुटेरान ने 5.98 मीटर के साथ रजत और डेनमार्क की ब्योर्क नोएरेमार्क ने अपने पांचवें प्रयास में 5.84 मीटर की छलांग लगाते हुए कांस्य पदक हासिल किया। भारत की निमिशा सुरेश चक्कुंगलपरम्बिल चौथे स्थान पर रहीं, जिन्होंने तीसरे दौर में 5.74 मीटर की छलांग के साथ एशियाई रिकॉर्ड बनाया था।  निमिषा को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के दो मौके मिले, लेकिन वह फ़ाउल और 5.45 मीटर के प्रयास में हार गईं। दुर्भाग्य से, भारतीय खिलाड़ी पोडियम से बाहर हो गईं क्योंकि वह अपने आखिरी दो प्रयासों में बेहतर छलांग नहीं लगा पाईं। निमिषा, दयावंती (महिला डिस्कस थ्रो एफ64) के अलावा सात पुरुष एथलीट – दिलीप महादु गावित (400 मीटर टी47), हैनी (डिस्कस थ्रो F37), सागर थायत (डिस्कस थ्रो एफ44), राहुल (ऊंची कूद टी63), पुष्पेंद्र सिंह (भाला फेंक एफ44), अजीत सिंह यादव (भाला फेंक एफ46) और सचिन सरजेराव खिलियारी (गोला फेंक एफ46) एक स्थान से पोडियम से चूक गए। सोमवार को 100 मीटर टी-47 में स्वर्ण पदक जीतने वाली कियारा रोड्रिग्ज यहां तिहरा पदक जीतने की कोशिश में हैं। उन्होंने शुक्रवार शाम को हीट में 13 साल पुराना 200 मीटर टी-47 विश्व रिकॉर्ड तोड़ा और चार जंप भी पार कर लीं। अब उन्हें रविवार को सेमीफाइनल और फाइनल में भाग लेना है। निमिषा खुश हैं कि उन्होंने घरेलू मैदान पर प्रतिस्पर्धा करते हुए एशियाई रिकॉर्ड फिर से बनाया। शनिवार को दो और चैंपियनशिप रिकॉर्ड फिर से बने। माइकल ब्रैनिगन (अमेरिका) ने पुरुषों की 1500 मीटर टी-20 और ईरान के अली बाज़ियारशूरिजेह ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही नई दिल्ली 2025 में 27 विश्व रिकॉर्ड बनने के साथ ही नए मीट रिकॉर्ड की संख्या 87 हो गई। पदक तालिका में शीर्ष पर कोई बदलाव नहीं हुआ। ब्राजील 12 स्वर्ण, 18 रजत और 7 कांस्य पदकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। चीन (9 स्वर्ण, 18 रजत, 13 कांस्य) दूसरे पर है। भारत (6-5-4), पोलैंड (8-2-5) के बाद चौथे स्थान पर है।  

‘शक्ति’ का कहर: तेज रफ्तार 100 KM/H, इन राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा

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नई दिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अरब सागर में बने चक्रवात ‘शक्ति’ (Cyclone Shakhti) को लेकर महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश, तेज हवाओं और समुद्र में उथल-पुथल की चेतावनी जारी की है। यह इस वर्ष के मॉनसून के बाद के मौसम का पहला चक्रवात होगा, जिसकी रफ्तार फिलहाल 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है और यह तेजी से पश्चिम-दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। IMD की चेतावनी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को सक्रिय कर दिया है। समुद्री तटवर्ती जिलों में संभावित निकासी और राहत व्यवस्था की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्य सरकार ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है। चक्रवात ‘शक्ति’ की मौजूदा स्थिति IMD के अनुसार, ‘शक्ति’ अब गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) में बदल चुका है। शनिवार दोपहर 12 बजे तक यह गुजरात के द्वारका से लगभग 420 किलोमीटर दूर अरब सागर में केंद्रित था। तूफान 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। सुबह 8:30 बजे तक यह तूफान 22.0° उत्तर अक्षांश और 64.5° पूर्व देशांतर पर दर्ज किया गया, जो द्वारका से 470 किमी पश्चिम में, नलिया से 470 किमी पश्चिम-दक्षिणपश्चिम में, पाकिस्तान के कराची से 420 किमी दक्षिणपश्चिम में और ओमान के मसीरा द्वीप से 600 किमी पूर्वोत्तर में स्थित था। IMD के मुताबिक, यह प्रणाली 5 अक्टूबर तक अरब सागर के उत्तर-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्से में पहुंच जाएगी और 6 अक्टूबर से दिशा बदलकर पूर्वोत्तर की ओर मुड़ेगी, जिसके बाद इसके धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है। मछुआरों के लिए चेतावनी IMD ने गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र के तटीय इलाकों के साथ-साथ पाकिस्तान के समुद्री तटों पर रविवार तक समुद्र की स्थिति बहुत उथल-पुथल भरी रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों को मंगलवार (8 अक्टूबर) तक उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और मध्य अरब सागर के किसी भी हिस्से में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। अरब सागर में चक्रवातों का इतिहास हाल के वर्षों में अरब सागर में बने कुछ प्रमुख तूफानों में ‘ताउते’ (2021) और ‘बिपरजॉय’ (2023) शामिल हैं। आमतौर पर अरब सागर में बंगाल की खाड़ी की तुलना में कम चक्रवात बनते हैं, लेकिन समुद्र के बढ़ते तापमान के चलते इनकी संख्या में हाल के वर्षों में धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। क्यों रखा गया नाम शक्ति? ‘शक्ति’ नाम का चयन क्षेत्रीय चक्रवात नामकरण प्रणाली (Regional Cyclone Naming System) के तहत हुआ है। इस प्रणाली में 13 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ओमान, मालदीव, म्यांमार और थाईलैंड प्रमुख हैं। इन देशों की सूची में नाम क्रमवार उपयोग किए जाते हैं। ‘Shakhti’ नाम श्रीलंका द्वारा सुझाया गया था।  

सीएम योगी की मॉनीटरिंग से प्रदेश में मामले के निस्तारण में आया खासा सुधार

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सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने मारी बाजी      राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर      सीएम योगी की मॉनीटरिंग से प्रदेश में मामले के निस्तारण में आया खासा सुधार     – कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, शाहजहांपुर तीसरे और जाैनपुर चौथे स्थान पर     – जनपद स्तरीय न्यायालयाें में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, लखीमपुर खीरी दूसरे और बस्ती तीसरे स्थान पर      – पिछले एक साल से जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर टॉप फाइव में     लखनऊ प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा सितंबर माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले एक साल से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है।    राजधानी में सबसे अधिक कुल 21,296 मामले निस्तारित किये गये  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में पूरे प्रदेश में कुल 3,88,145 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 21,296 मामले निस्तारित किये गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 11,396 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, शाहजहांपुर 9,075 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जाैनपुर ने 8,856 मामले निस्तारित कर चौथा और गोरखपुर ने 8,448 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में जौनपुर ने मारी बाजी, सबसे अधिक 704 मामले किये निस्तारित  जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की सितंबर माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 704 मामलों का निस्तारण किया है। इसका रेश्यो 281.60 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायायल में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 415 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 300 के सापेक्ष 412 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर बस्ती है। इसी तरह सितंबर में फतेहपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 79 मामलों का निस्तारण कर 263.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो की प्रदेश भर में सबसे अधिक है और फतेहपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। वहीं जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 77 मामले निस्तारित किये गये। वहीं कुशीनगर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 67 मामले निस्तारित किये गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में जाैनपुर दूसरे और कुशीनगर तीसरे स्थान पर है।     भू राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में भी जौनपुर अव्वल  इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 251 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 30 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 21 मामलों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर है।    

रायपुर में साहसिक सराफा लूट, व्यापारी के हाथ-पैर बांधकर 86 किलो चांदी चोरी

रायपुर राजधानी में अपराधियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए सराफा व्यापारी से करीब 86 किलो चांदी के आभूषण लूट लिए। घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सदर बाजार इलाके की है। बदमाशों ने व्यापारी को गन प्वॉइंट पर बंधक बनाया, उसके हाथ-पैर बांध दिए और बेहोश करने के लिए संदिग्ध वस्तु सुंघा दी। इसके बाद ज्वेलरी शॉप से भारी मात्रा में चांदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित व्यापारी का नाम राहुल गोयल है और उनकी दुकान शिवा ट्रेडर्स ज्वेलर्स के नाम से संचालित होती है। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे अज्ञात बदमाश दुकान पर पहुंचे और हथियार के बल पर गेट खुलवाया। इसके बाद व्यापारी को बेहोश कर डकैती को अंजाम दिया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के इलाकों में लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।