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नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: छापने के उपकरण बरामद, मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार

Fake currency racket

Fake currency racket busted Printing equipment recovered mastermind and three others arrested भोपाल। खंडवा पुलिस ने नकली नोटों की छपाई और प्रसार में सक्रिय एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे सहित तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, ड्रायर मशीन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। 19 लाख 78 हजार रुपये थाना जावर क्षेत्र के ग्राम पेठिया में विगत 2 नवंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर मौलाना जुबेर के कमरे में दबिश दी गई थी। पुलिस ने वहां से 19 लाख 78 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए थे। प्रकरण दर्ज कर इसकी विवेचना थाना प्रभारी जावर निरीक्षक श्याम सिंह भादले द्वारा लगातार की जा रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खंडवा मनोज कुमार राय ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेंद्र तारनेकर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT ने लगातार तकनीकी और मैदानी स्तर पर विवेचना लगातार जारी की जा रही थी। किराए के मकान में छिपे पुलिस को विवेचना के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी मौलाना जुबेर को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी बुरहानपुर निवासी डॉ. प्रतीक नवलखे है। इसके बाद मुखबिर से पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि मामले में शामिल आरोपी भोपाल के बागमुगलिया क्षेत्र स्थित एक किराए के मकान में छिपे हुए हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए जावर थाना पुलिस टीम ने आज 23 नवंबर 2025 को भोपाल में दबिश दी और तीन आरोपी प्रतीक नवलखे (निवासी बुरहानपुर, उम्र 43), गोपाल उर्फ राहुल (निवासी हरदा, हाल निवासी बागमुगलिया भोपाल, उम्र 35) तथा दिनेश गोरे (निवासी अमरावती, महाराष्ट्र, उम्र 43) को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, ड्रायर मशीन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की है। पुलिस सदैव प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई त्वरित और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप नकली मुद्रा के प्रसार में सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क से प्रदेश में आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस सदैव प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रकरणों में कठोर और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।

MP DaK Vibhag: राज्य स्तरीय फिलेटेली प्रदर्शनी ‘मेपेक्स 2025’, विजेताओं को पुरस्कार

MP DaK Vibhag:

MP DaK Vibhag State Level Philately Exhibition Mapex 2025 Awards to Winners भोपाल। मध्य प्रदेश डाक परिमंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय फिलेटेली प्रदर्शनी ‘मेपेक्स 2025’ का समापन समारोह बड़े उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विश्वास कैलाश सारंग सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विनीत माथुर मुख्य पोस्टमास्टर जनरल, मध्य प्रदेश डाक परिमंडल, भोपाल ने की। विशेष अतिथि के रूप में डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी कुलाधिपति, (SGSU) और को-डायरेक्टर (विश्वरंग) उपस्थित थे। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस अवसर पर कहा कि “इस प्रकार के आयोजन युवा पीढ़ी में नव-रुझान जगाते हैं तथा इतिहास, संस्कृति और नवप्रवर्तन को जोड़ने का माध्यम बनते हैं।” उन्होने कहा कि यह केवल एक प्रदर्शनी ही नहीं है बल्कि इस प्रदर्शनी मे डाक टिकटों के माध्यम से देश व प्रदेश के विकास को अच्छे से प्रदर्शित किया गया है। मुझे खुशी है कि इस प्रदर्शनी में बड़ी मात्रा में बच्चों ने भाग लिया। उन्होने आगे कहा कि पहले डाक विभाग केवल पत्र बाँटता था परंतु अब डाक विभाग दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रकार की सेवाएं दे रहा है। डाक टिकटों का प्रदर्शन पोस्टमास्टर जनरल विनीत माथुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों के लिए यह प्रदर्शनी काफी ज्ञानवर्धक रही। इस प्रदर्शनी में 25000 से अधिक डाक टिकटों का प्रदर्शन किया गया है तथा विभिन्न श्रेणियों की 84 से अधिक प्रविष्टियों को पुरस्कृत किया जा रहा है। इस अवसर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेताओं को हार्दिक बधाई दी। इसके पूर्व प्रथम सत्र में शुभरंजन सेन प्रधान मुख्य वनसंरक्षक, भोपाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। पुस्तकों का विमोचन पीपुल्स ग्रुप एवं पीपुल्स यूनिवर्सिटी पर विशेष आवरण का इस अवसर पर विमोचन किया गया। इसके साथ ही स्टैम्प डिज़ाइन प्रतियोगिता, खत पर वार्ता और कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर ओम पटौदी एवं उमेश कुमार नीमा वरिष्ठ फिलेटेलिस्ट की पुस्तकों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न श्रेणियों में समीर भदोरीया, अरुण बिंदल, हेमंत कुमार जैन, आलोक खादीवाला, पदमिनी शर्मा, वृन्दा नायडू तथा देविका खरे को मेडल प्रदान किए गए। महेश चन्द्र शर्मा को ट्रेडीशनल फिलेटेली में गोल्ड प्लस सीपीएमजी ट्रॉफी से नवाजा गया। भावनाओं से भरी चि‌ट्ठियाँ प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन किए गए जिसका सभी दर्शकों ने भरपूर आनंद लिया। इन आयोजनो में स्मिता नामदेव एवं राहुल्य शर्मा का सितार वदन, सुरेखा कामले का ध्रुपद गायन, महेश मालिक व ऋषभ मालिक की वायलिन वादन पर प्रस्तुति ने सदन की तारीफ बटोरी। “भावनाओं से भरी चि‌ट्ठियाँ कहाँ खो गई है” विषय पर संजय श्रीवास्तव द्वारा मनमोहक सोलो प्रस्तुति दी गई। प्रदर्शनी के दौरान आकर्षण का मुख्य केंद्र मस्कट “डाक सिंग” रहा जिसके साथ सेलफ़ी हेतु दर्शकों की होड़ लगी रही। इस अवसर पर शाहनवाज़ आलम महाप्रबंधक वित्त, पवन कुमार डालमिया निदेशक डालमिया जूरी मेंबर प्रतिसाद नवगाँवकर तथा राजेश पहाडिया उपस्थित थे।

IRCTC का ख़ास कश्मीर टूर पैकेज: सिर्फ ₹35,550 में न्यू ईयर में स्वर्ग जैसा सफर

Tourism

IRCTC ने नया ‘Mystical Kashmir New Year Special’ पैकेज लॉन्च किया है, जिसमें 5 रात और 6 दिन की शानदार यात्रा शामिल है। इस पैकेज के तहत आप श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम जैसी कश्मीर की प्रमुख और खूबसूरत जगहों का आनंद ले सकते हैं। यह पैकेज विशेष रूप से नए साल के मौके के लिए तैयार किया गया है और पूरी तरह ऑल-इनक्लूसिव है, यानी इसमें फ़्लाइट, होटल, हाउसबोट, रोज़ाना का नाश्ता और डिनर, साइटसीइंग, ट्रांसफर और IRCTC गाइड शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि इसकी शुरुआती कीमत सिर्फ ₹35,550 प्रति व्यक्ति है, जो इसे बजट‑फ्रेंडली और हर ट्रैवलर के लिए आसान बनाती है। अगर आप इस दिसंबर या नए साल पर कश्मीर की बर्फीली वादियों, शांत झीलों और हरी-भरी घाटियों में छुट्टियां बिताने का प्लान कर रहे हैं, तो यह पैकेज आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है। बिना किसी झंझट के आराम से यात्रा करना और कश्मीर की सुंदरता का आनंद लेना इस पैकेज की सबसे बड़ी खूबी है। IRCTC का कश्मीर टूर — एक ड्रीम ट्रिप IRCTC ने अपने टूरिज्म सेक्शन में एक शानदार न्यू ईयर‑पैकेज लॉन्च किया है जिसे कहा गया है “Mystical Kashmir New Year Special Tour”। इस पैकेज की अनोखी बात यह है कि यह सिर्फ़ मनोरम कश्मीर के चार प्रमुख और खूबसूरत स्थलों — श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम — को कवर करता है। पैकेज 5 रात और 6 दिन का है, यानी इस ट्रिप में आपको आराम करने का और नज़ारों का सुकून दोनों मिलेगा। यात्रा की तारीख और शुरुआत IRCTC ने इस पैकेज की प्रस्थान तिथि 29 दिसंबर 2025 तय की है, जिससे आप नए साल का स्वागत बर्फीली कश्मीर की वादियों में कर सकते हैं। यात्रा हैदराबाद से शुरू होती है — वहाँ से फ़्लाइट के ज़रिए श्रीनगर पहुँचा जाएगा।` पैकेज में क्या मिलेगा? यह पैकेज ऑल-इनक्लूसिव है, यानि अधिकांश जरूरी सुविधाएँ इसमें शामिल हैं:हैदराबाद ↔ श्रीनगर फ्लाइट 4 रात होटल में और 1 रात हाउसबोट पर ठहरने की व्यवस्था रोज़ाना नाश्ता (ब्रेकफास्ट) और डिनर ट्रांसफर और साइटसीइंग (Seat-in-coach बेसिस पर) IRCTC का टूर गाइड, सभी टोल, पार्किंग और ट्रैवेल टैक्स शामिल किराया (Fare Details) IRCTC ने अलग‑अलग ऑक्युपेंसी के लिए किराया तय किया है: ट्रिपल ऑक्युपेंसी: लगभग ₹35,500 प्रति व्यक्ति डबल ऑक्युपेंसी: लगभग ₹36,960 प्रति व्यक्ति सिंगल ऑक्यूपेंसी: लगभग ₹47,100 प्रति व्यक्ति बच्चों की दरें भी अलग हैं: 5‑11 साल, बेड के साथ: ₹30,050; बिना बेड: ₹27,450 2‑4 साल: ₹21,400 प्रति बच्चा क्यों ये पैकेज खास है? किफायती: सिर्फ़ ₹35,550 जैसा शुरुआती किराया बहुत ट्रैवल‑लवर्स के लिए बजट‑फ्रेंडली है।सुकून भरा सफर: हाउसबोट में रहने का अनुभव अलग ही होता है, और वह भी कश्मीर की झीलों में।प्राकृतिक सौंदर्य: बर्फीले पहाड़, हरी वादियाँ, शांत झीलें — पूरा पैकेज वादियों की जन्नत जैसा लाता है।पूरी योजना IRCTC की ओर से: यहां ट्रेन‑बुकिंग, होटल, ट्रांसफर और गाइडिंग सब IRCTC मैनेज करता है — आपकी ज़्यादा चिंता नहीं होगी। बुकिंग कैसे करें? IRCTC का यह कश्मीर पैकेज IRCTC Tourism की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। आप वहां पर SHA11A पैकेज कोड देख सकते हैं — यह वही कोड है जिसे IRCTC ने दस्तावेजों में इस्तेमाल किया है। बुकिंग से पहले यह ज़रूर देख लें कि शामिल सुविधाएँ, रूम टाइप और यात्रा तिथियाँ आपकी उम्मीदों के मुताबिक़ हों। आधिकारिक वेबसाइट- https://irctctourism.com/pacakage_description?packageCode=SHA11A https://irctctourism.com/pacakage_description?packageCode=SHA11A… (packageCode=SHA11A) #IRCTCTourism #TravelWithIRCTC #VisitKashmir #ExploreKashmir FAQs Q1. IRCTC Kashmir Tour Package का प्रमुख आकर्षण क्या है?IRCTC का यह कश्मीर टूर पैकेज — Mystical Kashmir New Year Special — हसीन स्थलों जैसे श्रीनगर, गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम की यात्रा कराता है। इसमें फ्लाइट, होटल और हाउसबोट, साइटसीइंग और खाने-पीने की सुविधा शामिल है। Q2. इस IRCTC पैकेज की बुकिंग कब शुरू होती है और यात्रा कब होगी?यह यात्रा 29 दिसंबर 2025 को हैदराबाद से शुरू होगी। बुकिंग IRCTC Tourism की वेबसाइट पर उपलब्ध है। Q3. बच्चों के लिए IRCTC Kashmir Tour का किराया कितना है?5‑11 साल के बच्चों के लिए अगर बेड के साथ जाना हो तो किराया ₹30,050 है, और बिना बेड के ₹27,450। 2‑4 साल के बच्चों का किराया ₹21,400 है।

एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर भर्ती — जानिए पूरा प्रोसेस और योग्यता

Campus Placement

गुजरात के कृषि क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक शानदार अवसर आया है। राज्य कृषि विश्वविद्यालय (SAU) ने जूनागढ़, आनंद और नवसारी कृषि विश्वविद्यालयों में 158 एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों पर बड़ी भर्ती निकाली है। यह ऐसी भर्ती है जिसमें न सिर्फ कृषि क्षेत्र से जुड़े डिप्लोमा धारकों को प्राथमिकता मिलेगी बल्कि उन्हें सरकारी सेक्टर में स्थिर, सम्मानजनक और प्रगति से भरा करियर बनाने का मौका भी मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया 18 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलेगी, और उम्मीदवारों को डिप्लोमा के साथ CCC कंप्यूटर कोर्स अनिवार्य रूप से पास करना होगा — या प्रोबेशन पीरियड में पूरा करना पड़ेगा। इस भर्ती में आकर्षण इसलिए भी है क्योंकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी है, वेतनमान मजबूत है और गुजरात जैसे कृषि-प्रमुख राज्य में काम करने का अवसर बेहद मूल्यवान माना जाता है। अगर आप तकनीक, खेतों और कृषि-संबंधित रिसर्च में रुचि रखते हैं, तो यह अवसर आपके लिए बिल्कुल मिस नहीं करने लायक है। उदेश्य राज्य कृषि विश्वविद्यालय (SAU) गुजरात ने 158 एग्रीकल्चरल असिस्टेंट के पदों के लिए बड़ा भर्ती अभियान शुरू किया है। यह भर्ती तीन कृषि विश्वविद्यालयों — जुनागढ़ (JAU), आनंद (AAU) और नवसारी (NAU) — में की जा रही है। आवेदन प्रक्रिया 18 नवंबर 2025 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तारीख 12 दिसंबर 2025 है। ये खबर भी पढ़े…Central Board of Secondary Education (CBSE) 10वीं दो-सेशन परीक्षा: पूरी जानकारी क्यों यह मौका खास है यह भर्ती उन छात्रों के लिए बहुत अच्छी है जिन्होंने कृषि, बागवानी, कृषि इंजीनियरिंग, या खाद्य प्रौद्योगिकी जैसे विषयों में 2-3 साल का डिप्लोमा किया है और जो सरकारी सेक्टर में स्थिर नौकरी चाहते हैं। इसके साथ, कंप्यूटर स्किल भी जरूरी है: उम्मीदवार को DOEACC CCC परीक्षा पास होनी चाहिए या अगर अभी तक नहीं हुई है, तो प्रोबेशन पीरियड में पास करनी होगी। आयु सीमा 18 से 33 वर्ष है (सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित श्रेणियों को छूट मिलेगी)। वेतन और नौकरी 1.पद के लिए शुरुआती वेतन ₹26,000 प्रतिमाह (fixed pay) निर्धारित किया गया है पहले पांच साल के लिए। 2.उसके बाद, नियमित वेतनमान ₹25,500 – ₹81,100 (Level-4) में होगा, जैसे जूनियर क्लास-3 तकनीकी स्टाफ। 3.यह नौकरी फुल-टाइम है और गुजरात में ही रहीगी — JAU, AAU और NAU विश्वविद्यालयों में। ये खबर भी पढ़े…10वीं के बाद पढ़ाई आसान, Post Matric Scholarship देगी पूरा खर्च चयन प्रक्रिया 1.SAU भर्ती में लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल हैं: 2.लिखित परीक्षा: यह OMR आधारित कंप्यूटर-रिस्पॉन्स टेस्ट (CBRT) होगा। 3.पार्ट A: रीजनिंग, डेटा इंटरप्रिटेशन, क्वांटिटेटिव (60 अंक) 1.पार्ट B: विषय-संबंधित (150 अंक) 4.कुल अंक: 210, और प्रत्येक गलत जवाब पर –0.25 अंक की कटौती होगी। 5.उसके बाद डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन (मूल दस्तावेजों का जाँच) किया जाएगा। आवेदन कैसे करें आवेदन ऑनलाइन मोड में ही करना होगा। आप JAU, AAU या NAU की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ। “Advt. No. 04/2025” वाला नोटिफिकेशन खोलें और उस फॉर्म को भरो। स्वयं का नाम, जन्मतिथि, कैटेगरी, शिक्षा और अन्य जानकारियाँ सही-सही भरें। अपना फोटो, सिग्नेचर, डिप्लोमा, आयु प्रमाण आदि दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। आवेदन फीस ऑनलाइन भुगतान करें (नीचे देखिए)। सबमिट करने के बाद, उसका प्रिंट आउट ले लें और भविष्य के लिए सुरक्षित रखें, क्योंकि एक बार सबमिट करने के बाद सुधार नहीं हो सकेगा। ये खबर भी पढ़े…RO ARO Mains Exam 2026 ने घोषित की आरओ-एआरओ मेंस परीक्षा की तारीखें आवेदन शुल्क 1. सामान्य (Unreserved): ₹1,000 + बैंक चार्ज 2. आरक्षित (SC / ST / SEBC / EWS): ₹250 + बैंक चार्ज 3. PwBD उम्मीदवारों के लिए भी शुल्क ₹250 है। 4. पूर्व सैनिक (Ex-Servicemen) के लिए कोई शुल्क नहीं है। ये खबर भी पढ़े…टालमटोल की आदत कैसे छोड़ें: आसान Time Management Techniques जो हर स्टूडेंट को जाननी चाहिए SAU भर्ती की योग्यता विस्तार से डिप्लोमा: 2 या 3 साल का, कृषि-संबंधित किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या बोर्ड से। कंप्यूटर कोर्स: DOEACC CCC परीक्षा पास होना चाहिए, या अगर अभी तक पास नहीं हुआ, तो उसे प्रोबेशन पीरियड में पूरा करना अनिवार्य है। नागरिकता: उम्मीदवार को भारतीय नागरिक होना चाहिए।The Sootr आम वर्ग के लिए 18–33 साल, और आरक्षित व विशेष श्रेणियों में छूट मिलेगी। यह अवसर क्यों सोचना चाहिए? यह SAU भर्ती उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है जो कृषि शिक्षा में डिप्लोमा लेकर टेक्निकल जॉब करना चाहते हैं और ग्रामीण-कृषि क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। सरकारी नौकरी होने की वजह से अच्छी सुरक्षा, वेतन और आगे प्रमोशन का मौका है। इसके अलावा, SAU तीन बड़े कृषि विश्वविद्यालयों में काम करने का मौका देता है — यह मतलब है कि आप केवल एक ही जगह नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय-लेवल की नौकरी के अनुभव के साथ अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। FAQs Q1: SAU गुजरात में एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों की कुल संख्या कितनी है?SAU (गुजरात) में तीन कृषि विश्वविद्यालयों (JAU, AAU, NAU) के लिए कुल 158 एग्रीकल्चरल असिस्टेंट पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। Q2: SAU भर्ती के लिए किस शैक्षणिक योग्यता की जरूरत है?उम्मीदवार के पास 2 या 3 साल का डिप्लोमा कृषि-संबंधित विषयों में होना चाहिए (जैसे कृषि, बागवानी, कृषि इंजीनियरिंग, खाद्य प्रौद्योगिकी वगैरह)। इसके साथ, DOEACC CCC कंप्यूटर परीक्षा पास होनी चाहिए, या प्रोबेशन पीरियड के दौरान इसे पूरा करना अनिवार्य है। Q3: SAU भर्ती में चयन कैसे होगा?चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा (OMR-CBRT) और डॉक्युमेंट सत्यापन शामिल है। परीक्षा दो हिस्सों में होगी — पार्ट A (रीजनिंग, डेटा इंटरप्रिटेशन, संख्यात्मक योग्यता) और पार्ट B (विषय-संबंधित प्रश्न)। हर गलत जवाब पर 0.25 अंक की कटौती होगी।

BJP Office: SIR में समाज के साधु-संतों का सहयोग, प्रतिनिधियों की बैठक

BJP Office

BJP Office Support of the saints and sages of the society in SIR meeting of representatives भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के भोपाल जिलाध्यक्ष श्री रविन्द्र यति के नेतृत्व में शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में एसआईआर को लेकर भोपाल जिले के विभिन्न समाजों के साधु संत एवं समाज के प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित किया। धर्मगुरु अनिलानंद महाराज, मध्यप्रदेश परशुराम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष विष्णु राजोरिया, हिंदू उत्सव समिति भोपाल के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी सहित विभिन्न समाजों के प्रमुखजन मंचासीन रहे। बैठक को एसआईआर समिति के संयोजक व विधायक भगवानदास सबनानी भोपाल के नवनियुक्त संभाग प्रभारी नागदा विधायक तेजबहादुर सिंह चौहान एवं सह संयोजक प्रदेश मंत्री रजनीश अग्रवाल ने भी बैठक में संबोधित किया। पात्र लोगों को लाभ भाजपा जिलाध्यक्ष रविन्द्र यति ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। कार्यकर्ता घर-घर लोगों से संपर्क कर उन्हें भाजपा सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं और पात्र लोगों को लाभ दिलाएं। एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों द्वारा जनता को भ्रामक जानकारी देकर भ्रमित करने का कार्य भी किया जा रहा है। रविन्द्र यति ने कहा हमें जनता को यह बताना होगा कि एसआईआर किसी भी मतदाता का नाम काटने के लिए नहीं है। एसआईआर सिर्फ मतदाता सूची के सटीक शुद्धिकरण के लिए चलाया जाने वाला अभियान है। पार्टी के सभी कार्यकर्ता 4 दिसंबर तक चलने वाले इस अभियान में पूर्ण समर्पण के साथ जुट जाएं। श्री यति ने कहा कि सभी समाज के प्रमुखों का सहयोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाएगा और मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान को गति प्रदान करेगा। बाहरी मतदाता एसआईआर समिति के संयोजक व विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि एसआईआर के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता प्रतिदिन समय निकालकर अपने वार्ड के प्रत्येक बूथ पर जाएं। यह देखें कि उनके क्षेत्र के कौन-कौन से मतदाता काम के सिलसिले में बाहर गए हैं, किसकी मृत्यु हो चुकी है और कौन सा मतदाता बाहरी है। किसी एक व्यक्ति का नाम अनेक जगहों पर मतदाता सूची में दर्ज है, तो ऐसे प्रकरण आते हैं इस बात को निर्वाचन आयोग की जानकारी में लाएं और यह सुनिश्चित कराएं कि उस मतदाता का नाम एक ही स्थान पर रहें। बैठक में सिंधी, ब्राहम्ण, राठौड, माझी, स्वर्णकार, जोगी, साहू, विश्वकर्मा, नामदेव, कलार, यादव, पाल, चौरसिया, सेन एवं राजपूत समाजों के साधु संत, प्रतिनिधिगण विशेष रूप से शामिल हुए।

Indian Railway: वित्त वर्ष में 1 अरब टन माल ढुलाई का आंकड़ा पार, माल ढुलाई में बड़ी उपलब्धि

Indian Railway

Indian Railway croasses 1 billion tonnes of freight in the financial year a major achievement in freight transportation नई दिल्ली। भारतीय रेलवे का माल ढुलाई प्रदर्शन भारत की आर्थिक रीढ़ को लगातार मज़बूत कर रहा है, इस वर्ष संचयी लदान 1 अरब टन के आंकड़े को पार कर गया है—19 नवंबर तक 1020 मिलियन टन (MT) तक पहुँच गया। यह उपलब्धि प्रमुख क्षेत्रों से व्यापक समर्थन को दर्शाती है: कोयला 505 मिलियन टन के साथ सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है, इसके बाद लौह अयस्क (115 मिलियन टन), सीमेंट (92 मिलियन टन), कंटेनर यातायात (59 मिलियन टन), कच्चा लोहा और तैयार इस्पात (47 मिलियन टन), उर्वरक (42 मिलियन टन), खनिज तेल (32 मिलियन टन), खाद्यान्न (30 मिलियन टन), इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चा माल (लगभग 20 मिलियन टन), और शेष अन्य सामान (74 मिलियन टन) का स्थान है। दैनिक लदान लगभग 4.4 मिलियन टन पर मज़बूत बना हुआ है, जो पिछले वर्ष के 4.2 मिलियन टन से ज़्यादा है, जो बेहतर परिचालन दक्षता और निरंतर माँग को दर्शाता है। रेलवे की क्षमता अप्रैल से अक्टूबर के बीच माल लदान इस सकारात्मक प्रगति को और भी पुख्ता करता है, जो 2025 में 935.1 मीट्रिक टन तक पहुँच जाएगा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 906.9 मीट्रिक टन था, जो साल-दर-साल एक अच्छी वृद्धि दर्शाता है। यह निरंतर गति, बेहतर दैनिक लदान दरों के साथ, भारत के औद्योगिक विस्तार और बुनियादी ढाँचे के विकास में सहयोग देने की रेलवे की क्षमता को दर्शाता है। रणनीतिक पहल भारत के बुनियादी ढाँचे के विकास में सीमेंट की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए, रेलवे ने इस क्षेत्र की रसद क्षमताओं को अनुकूलित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में लागू किए गए व्यापक सुधार, जिनमें बल्क सीमेंट टर्मिनलों के लिए नीति और कंटेनरों में बल्क सीमेंट की आवाजाही के लिए तर्कसंगत दरें शामिल हैं, सीमेंट परिवहन के आधुनिकीकरण की एक रणनीतिक पहल का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन उपायों का उद्देश्य बल्क हैंडलिंग क्षमता बढ़ाना, पारगमन समय कम करना और रसद लागत कम करना है, जिससे उद्योग जगत के खिलाड़ियों और अंतिम उपभोक्ताओं, दोनों को सीधा लाभ होगा और साथ ही आपूर्ति श्रृंखला में दक्षता बढ़ेगी। ऐसे लक्षित हस्तक्षेप क्षेत्रीय परिवर्तन को गति प्रदान करते हैं। भीड़भाड़ कम थोक माल की आवाजाही को रेल द्वारा स्थानांतरित करने से कई लाभ प्राप्त होते हैं जो केवल व्यावसायिक मानकों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है, राजमार्गों पर भीड़भाड़ कम होती है, और एमएसएमई सहित उद्योगों को हरित लॉजिस्टिक्स समाधानों तक पहुँच मिलती है। ये विकास सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुष्ट करते हैं, माल ढुलाई को शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों की ओर देश की यात्रा के साथ जोड़ते हैं और रेलवे को आर्थिक और पर्यावरणीय प्रगति, दोनों के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में स्थापित करते हैं।