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Aastha Pandey

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Assam Anti Polygamy Bill 2025: बहुविवाह पर सख़्त रोक: असम में बिल को मंजूरी

Assam

असम विधानसभा ने 2025 में Polygamy-Ban Bill पास कर एक बड़ा सामाजिक बदलाव शुरू किया है। इस बिल के बाद अब राज्य में एक से ज्यादा शादी करना पूरी तरह गैरकानूनी माना जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना, विवाह में समानता लाना और समाज में न्याय को मजबूत करना है। आसान शब्दों में समझें तो अब असम में कोई भी व्यक्ति पहली शादी होते हुए दूसरी शादी नहीं कर सकता, और अगर वह ऐसा करता है तो इसे अपराध माना जाएगा। इस नए कानून के तहत दोषी को 7 से 10 साल तक की जेल हो सकती है, और साथ ही पीड़ित महिला को मुआवज़ा भी दिया जाएगा। सरकार मानती है कि इस कानून से उन महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें बहुविवाह की वजह से आर्थिक और मानसिक तकलीफ झेलनी पड़ती थी। यह बिल समाज में एक संदेश देता है कि हर महिला को सम्मान, सुरक्षा और बराबरी का अधिकार है, और किसी भी तरह की धोखाधड़ी या छुपाई गई शादी अब कड़ी सजा के दायरे में आएगी। 🛑 असम में क्या हुआ — एक नई शुरुआत Assam Prohibition of Polygamy Bill, 2025 (असम बहुविवाह निषेध विधेयक 2025) को 27 नवंबर 2025 को राज्य विधानसभा में पास कर दिया गया है। इस बिल का मकसद असम में बहुविवाह (polygamy) यानी एक ही व्यक्ति का एक से अधिक विवाह: पूरी तरह रोकना है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने संसद में कहा कि ये कानून हर धर्म, हर समुदाय के लिए है — 🛑 इसका उद्देश्य महिलाओं कीक्या-क्या प्रावधान हैं – यदि कोई व्यक्ति पहले से शादीशुदा है और उसकी पहली शादी वैध है — फिर भी दूसरी शादी करता है — तो यह अपराध होगा। यदि दूसरी शादी करते समय पहले विवाह की जानकारी छिपाई गई — यानी पहली शादी होने का पता नहीं दिया — तो सजा और भी कड़ी: 10 साल तक जेल हो सकती है। 🛑 किन क्षेत्रों / समुदायों पर लागू नहीं होगा इस बिल का दायरा उन लोगों तक नहीं है जो Sixth Schedule (छठी अनुसूचित अनुचर्‍चा) वाले इलाकों में रहते हैं — जैसे Bodoland Territorial Region, इसी तरह, उन लोगों को भी बिल की पाबंदी से अलग रखा गया है जो अनुसूचित जनजाति (ST) से आते हैं। 👥 विवाह कराने वालों और दान-पोषक / अभिभावकों पर भी सजा अगर कोई धर्मगुरु / काजी / पंडित / गांव प्रमुख जानबूझकर या फरेब से ऐसी शादी कराता है — तो उसे जेल ( upto 2 साल) या जुर्माना (कुछ लाख ₹) हो सकता है। माता-पिता, अभिभावक, गांव प्रमुख या कोई भी ऐसा दान-पोषक जिसने पहले विवाह छुपा कर दूसरी शादी कराने में मदद की — वो भी कानून के दायरे में आएँगे। 💵 मुआवजा और सामाजिक सुरक्षा जो महिलाएं इस तरह की गैरकानूनी बहुविवाह की शिकार होंगी — उन्हें मुआवजा (compensation) देने का प्रावधान है। सरकार एक अधिकृत प्राधिकरण बनाएगी जो हर मामले की समीक्षा कर मुआवजा तय करेगा। अपराध साबित होने पर दोषी व्यक्ति चुनाव लड़ने, सरकारी नौकरी लेने या किसी भी सरकारी योजना में लाभ लेने के लिए योग्य नहीं होगा। क्यों लाया गया ये कानून — उद्देश्य और सामाजिक असर बहुविवाह में अक्सर महिलाओं को आत्म-गौरव, आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा से वंचित होना पड़ता था; इस बिल का उद्देश्य उन्हें न्याय दिलाना है। राज्य सरकार की मंशा है कि निजी विवाह कानूनों में समान नागरिक अधिकार लागू हों। इस बिल को उन पहले कदमों में से एक माना जा रहा है। हालांकि यह कानून सभी पर लागू नहीं होगा — एसटी समुदाय व छठी अनुसूची क्षेत्र के लोगों को बहुविवाह की अपनी परंपराएं बनाए रखने की आजादी दी संभावित बहसें और चुनौतियाँ कुछ लोग इस बिल को धार्मिक आज़ादी या सांस्कृतिक आज़ादी की सीमाओं में हस्तक्षेप कह सकते हैं — विशेषत: वे समुदाय जो पारंपरिक रूप से बहुविवाह करते रहे हैं। छठी अनुसूची क्षेत्र और एसटी लोगों को छूट देना — कुछ लोगों के लिए ये असमान लग सकता है। ऐसे में “क्यों और किसके लिए” यह छूट होगी, इस पर बहस हो सकती है। मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया — कैसे तय होगा कि कौन पीड़ित महिला है, प्रमाण कैसे होंगे, अधिकारी कितने निष्पक्ष होंगे — इन सवालों के जवाब समय के साथ ही मिलेंगे। अब आगे क्या हो सकता है?राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि अगर फिर से सरकार बनी — तो वे Uniform Civil Code (UCC) लाने की तैयारी कर रहे हैं — और यह बिल, UCC की दिशा में पहला कदम है। लागू कानूनों की निगरानी और सही क्रियान्वयन — जैसे शिकायत, जांच, मुआवजा — यह देखना होगा कि नया कानून समाज में उतनी ही असरदार साबित हो जितना उसकी मंशा है। सामाजिक जागरूकता — केवल क़ानून पर्याप्त नहीं; लोगों में जागरूकता, समझदारी और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान बढ़ना चाहिए। FAQs Q1. क्या असम में हर धर्म वाले लोग इस बिल से प्रभावित होंगे?हाँ — बिल धर्म, जात-पंथ, समुदाय देखे बिना लागू होगा। हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई या अन्य — सभी पर polygamy रोक है। Q2. अगर कोई पहले विवाह को छुपा कर शादी करता है — सज़ा कितनी होगी?ऐसा करने पर 10 साल तक की जेल + जुर्माना हो सकती है। Q3. क्या एसटी समुदाय या छठी अनुसूची क्षेत्र के लोग इस कानून के दायरे में आएँगे?नहीं। एसटी समुदाय और छठी अनुसूची वाले इलाकों के लोग — इस बिल की पाबंदी से फिलहाल बाहर रखे गए हैं। Q4. क्या धर्मगुरु या पंडित अगर शादी कराएंगे तो उन्हें भी सज़ा होगी?हाँ। अगर वो जानबूझ कर या धोखे से ऐसी शादी कराते हैं — उन्हें 2 साल की जेल या जुर्माने का प्रावधान है। Q5. क्या महिलाएं मुआवजा भी पा सकती हैं?हाँ। इस बिल में ‘पीड़ित महिला’ को मुआवजा देने की व्यवस्था है — जिस पर सरकार एक प्राधिकरण बनाएगी।

AIBE 20 परीक्षा 2025: पूरी गाइडलाइन व तैयारी की जानकारी

aibe

AIBE 20 परीक्षा 30 नवंबर 2025 को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए एडमिट कार्ड, वैध फोटो ID प्रूफ, रिपोर्टिंग समय और परीक्षा केंद्र में ले जाने-न-ले जाने वाली वस्तुओं को लेकर विस्तृत निर्देश अनिवार्य रूप से पढ़ना जरूरी है। गाइडलाइन के अनुसार, परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ईयरफ़ोन, कैलकुलेटर या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ प्रवेश नहीं कर पाएंगे। केवल निर्धारित दस्तावेज़ और बुनियादी स्टेशनरी ले जाने की अनुमति होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुँचे और प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर लें। BCI ने स्पष्ट किया है कि OMR शीट पर गलत जानकारी भरने, प्रतिबंधित सामग्री रखने या परीक्षा अनुशासन का उल्लंघन करने पर परीक्षा रद्द की जा सकती है। सुरक्षित और निष्पक्ष परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षण केंद्रों पर कड़ी निगरानी की व्यवस्था की गई है। AIBE 20 परीक्षा 2025 – पूरी जानकारी हर वह LAW ग्रेजुएट जो भारत में वकालत करना चाहता है, उसके लिए Bar Council of India (BCI) द्वारा आयोजित All India Bar Examination (AIBE) 20 परीक्षा 30 नवंबर 2025 को आयोजित हो रही है। नीचे जानिए — इस परीक्षा के लिए क्या-क्या जरूरी है, और परीक्षा वाले दिन आपको किन नियमों का पालन करना है। AIBE 20 – कब, कहाँ और क्या हो रहा है परीक्षा तिथि: 30 नवंबर 2025 परीक्षा प्रारूप: 100 बहुविकल्पीय (MCQ) प्रश्न, कानून की विभिन्न शाखाओं से। प्रवेश प्रमाणपत्र: एडमिट कार्ड पहले ही जारी हो चुका है — यदि आपने डाउनलोड नहीं किया है, तो तुरंत डाउनलोड करें। AIBE 20 – एडमिट कार्ड, फोटो-ID प्रूफ व अन्य दस्तावेज परीक्षा में शामिल होने के लिए नीचे दिए गए दस्तावेज ज़रूरी हैं: प्रिंट किया हुआ AIBE 20 Admit Card एक वैध सरकारी फोटो ID — Aadhaar, Passport, Voter ID, Driving Licence आदि स्वीकार्य हैं। (यदि ज़रूरत हो) PwD उम्मीदवारों के लिए वैध प्रमाण पत्र / सिक्रिब के कागजात बिना Admit Card या वैध ID के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा केंद्र कब पहुँचें – उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे कम-से-कम 1 घंटे पहले परीक्षा केंद्र पहुँचें, ताकि फ्रीस्किंग व दस्तावेज़ जांच सही समय पर हो सके। अक्सर प्रवेश बंद होने का समय 1:15 बजे बताया गया है — इस समय के बाद प्रवेश नहीं मिलेगा। क्या लेकर जाएँ – और क्या नहीं Admit Card + Photo ID दो-तीन नीली / काली ball-point पेन — OMR शीट भरने के लिए।यदि आवश्यक हो, तो Bare Acts — लेकिन बिना नोट्स, हाइलाइट या टिप्पणियाँ। ❌ नहीं ले जाने योग्यमोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बैग, हैंडबैग, किताबें, नोट्स, पेन ड्राइव, कैलकुलेटर — कोई भी ऐसी चीज़ जो नियमों के विरुद्ध हो सकती है। पेंसिल या अन्य रंग के पेन से OMR भरना — केवल काली/नीली ही स्वीकार होगी। पेंसिल से भरने पर अयोग्य घोषित किया जा सकता है। परीक्षा के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें– प्रश्न-पुस्तिका सेट कोड, रोल नंबर आदि OMR शीट पर बिल्कुल ठीक भरें। गलती होने पर जवाब पत्र अमान्य हो सकता है। परीक्षा समाप्त होने से पहले हल-शीट जमा करना न भूलें। बिना सबमिशन के, परिणाम नहीं मिलेगा। परीक्षा हॉल से पहले निकलना, परीक्षात्मक अनुशासन का उल्लंघन होगा। PwD व ScribeCandidates के लिए कुछ ख़ास बातें यदि आप विशेष रूप से दिव्यांग (PwD) हैं और अतिरिक्त समय या scribe की व्यवस्था चाहते हैं, तो आपको समुचित डॉक्यूमेंटेशन (जैसे डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट) ले जाना होगा। scribe भी स्वयं ही आपको लाना होगा, तथा उसकी पहचान व योग्यताएं प्रमाणित होनी चाहिए। परीक्षा पासिंग क्राइटीरिया व Bare Acts AIBE 20 पास करने के लिए GEN / OBC उम्मीदवारों को कम-से-कम 45% अंक चाहिए होंगे; SC / ST / PwD के लिए 40% पासिंग मार्क्स हैं। ध्यान दें कि AIBE अब ओपन-बुक परीक्षा नहीं है। आप केवल बिना टिप्पणी वाले Bare Acts ला सकते हैं। नोट्स या किसी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी वाले Acts लेकर जाना वर्जित है। परीक्षा से पहले छात्रों के लिए सलाह परीक्षा केंद्र की लोकेशन पहले ही देख लें — ताकि दिन पर समय पर पहुँच सकें। Admit Card व ID की प्रति + मूल दोनों साथ रखें। अपने पेन तैयार रखें — Ball-point, काला/नीला। बैग, मोबाइल आदि पहले ही किसी भरोसेमंद व्यक्ति को दे दें — परीक्षा हॉल में ले जाने से बचें। शांत रहें, परीक्षा प्रारंभ से पहले निर्देश ध्यान से सुनें, OMR शीट को ठीक से भरें। FAQs Q1: AIBE 20 परीक्षा में मोबाइल या स्मार्टवॉच ले जा सकते हैं?A: नहीं। BCI ने स्पष्ट कहा है कि मोबाइल, स्मार्टवॉच, कैलक्युलेटर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स परीक्षा हॉल में ले जाना वर्जित है। यदि आप इन्हें साथ पाए गए, तो आपका नाम परीक्षा से अयोग्य घोषित किया जा सकता है। Q2: Bare Acts (कानून की मूल पुस्तकें) लेकर जाना है — नोट्स/हाइलाइटेड वर्शन चलेगा?A: Bare Acts लेकर जाना ठीक है, लेकिन नोट्स, हाइलाइट, कमेंट्स या किसी प्रकार की टिपण्णी वाली कॉपी वर्जित है। केवल साफ-सुथरी, बिना मार्किंग वाली Bare Act ही अनुमति है। Q3: यदि मैं देर से पहुँचूँ — क्या 1:15 बजे के बाद प्रवेश मिलेगा?A: नहीं। BCI की गाइडलाइन है कि 1:15 बजे के बाद किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसलिए建议 है कि आप समय पर पहुँचें।

BJP Office Bhopal: SIR समीक्षा बैठक, जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने की चर्चा

BJP Office

BJP Office Bhopal SIR review meeting District President Ravindra Yeti discussed भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के भोपाल जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने बुधवार को भाजपा जिला कार्यालय अटल भवन में आयोजित एसआईआर समीक्षा बैठक को संबोधित किया। यति ने कहा कि जिले की टोली, मंडल अध्यक्ष, एसआईआर टोली के सदस्य तथा भोपाल जिले के सभी बूथ अध्यक्ष एवं बूथ समितियां मिलकर मतदाता सूची से संबंधित फॉर्म भरने की गति में और अधिक तेजी लाएँ। उन्‍होंने बैठक में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) समिति की जिला टोली के साथ विस्तृत चर्चा की। समय-सीमा में लक्ष्य जिला अध्यक्ष रविंद्र यति ने एसआईआर से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए कार्य की गति बढ़ाने और निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक में इंदौर के पूर्व विधायक एवं S.I.R. भोपाल जिला प्रभारी गोपीकृष्ण नेमा तथा जिलाध्यक्ष रविंद्र यति ने सभी विधानसभाओं में नियुक्त BLA-1, मंडल अध्यक्षों एवं एसआईआर टोली के मंडल संयोजकों के साथ पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। अभियान सफल बनाने का संकल्प पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने बूथों पर अधिक सक्रियता के साथ कार्य करते हुए अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर भोपाल जिला महामंत्री जगदीश यादव, जिला उपाध्यक्ष मनोज राठौर, राम बंसल रेनवाल, राजकुमार विश्वकर्मा, नवल प्रजापति, शंकर मकोरिया, इंद्रजीत राजपूत, योगेंद्र मुखरैया, मंडल अध्यक्ष एवं टोली सदस्य सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

Bhopal News: ब्राह्मण समाज का IAS संतोष वर्मा पर फूटा गुस्सा, थाने में की शिकायत

Brahmin community

Brahmin community angry at IAS Santosh Verma files complaint at police station भोपाल। पुलिस थाना कोलार में ब्राह्मण समाज पर विवादित टिप्पणी करने वाले आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ शिकायत की गई।ब्राह्मण महासभा ने की कोलार इकाई के सदस्यों ने वर्मा के खिलाफ गुस्सा दिखाते हुए कठोर कार्रवाई की भी मांग पुलिस प्रशासन से की। महासभा के अध्यक्ष उमेश शर्मा ने इस मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव से संतोष वर्मा को सेवा से मुक्त करने की मांग की. उन्होंने कहा कि शासकीय सेवा में ऐसे घृणित मानसिकता के लोगों को होना उचित नहीं है। शर्मा ने कहा कि संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज की बहू-बेटियों को लेकर जो बात कही है, वह माफी के लायक भी नहीं है। कठोर कार्रवाई की जाए कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने ब्राह्मण समाज के शिकायती आवेदन को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है। समाज ने मांग की है कि वर्मा के खिलाफ जल्द से जल्द कठोर कार्रवाई की जाए. समाज के लोगों ने इस मौके पर कहा कि बीते दिनों वर्मा के द्वारा दिए गए मूर्खतापूर्ण वकतव्य के विरोध में मामला दर्ज कराने के लिए सभी ने कोलार थाना प्रभारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। उग्र आंदोलन ब्राह्मण महासभा सदस्यों ने यह मांग भी की है कि यदि संतोष वर्मा के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की गई तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण कर सकता है. जिसकी जवाबदेही मप्र शासन की होगी। इस अवसर पर उमेश शर्मा प्रदेश संगठन महामंत्री, के के द्विवेदी संभाग अध्यक्ष, सुमित्रा शुक्ला महिला प्रकोष्ठ, जितेंद्र मिश्रा जिलाध्यक्ष, भैयालाल द्विवेदी वरिष्ठ सदस्य, जे पी मिश्र, रमापति शर्मा, के के मिश्र, संकटमोचन मिश्र, संतमणि शर्मा के साथ बड़ी संख्या में कोलार क्षेत्र के ब्राहमण समाज के सदस्य उपस्थित रहे।

UIDAI: 2 करोड़ से अधिक आधार नंबर बंद, पोर्टल पर दी गई यह सुविधा भी

UIDAI

UIDAI Over 2 crore Aadhaar numbers blocked facility on portal नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने आधार डेटाबेस की निरंतर सटीकता बनाए रखने के लिए राष्ट्रव्यापी सफाई अभियान के तहत मृत व्यक्तियों के 2 करोड़ से अधिक आधार नंबरों को निष्क्रिय कर दिया है। व्यक्तियों का डेटा यूआईडीएआई ने भारत के महापंजीयक (आरजीआई), राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम आदि से मृतक व्यक्तियों का डेटा प्राप्त किया है। वह मृतक व्यक्तियों का डेटा प्राप्त करने के लिए वित्तीय संस्थानों और अन्य संस्थाओं के साथ सहयोग करने पर भी विचार कर रहा है। पुनः आवंटित नहीं किसी भी व्यक्ति को आधार संख्या कभी भी पुनः आवंटित नहीं की जाती। किसी व्यक्ति की मृत्यु की स्थिति में संभावित पहचान धोखाधड़ी या कल्याणकारी लाभ प्राप्त करने के लिए आधार संख्या के अनधिकृत उपयोग को रोकने के लिए उसका आधार नंबर निष्क्रिय करना आवश्यक है। पंजीकरण प्रणाली यूआईडीएआई ने इस वर्ष की शुरुआत में एक सुविधा भी शुरू की है – परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु की सूचना देना – जो वर्तमान में नागरिक पंजीकरण प्रणाली का उपयोग करने वाले 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पंजीकृत मृत्यु के लिए मायआधार पोर्टल पर उपलब्ध है। शेष राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए पोर्टल के साथ एकीकरण की प्रक्रिया अभी चल रही है। आगे की कार्रवाई परिवार के सदस्य को स्वयं को प्रमाणित करने के बाद पोर्टल पर मृतक व्यक्ति का आधार नंबर और मृत्यु पंजीकरण संख्या के साथ-साथ अन्य जनसांख्यिकीय विवरण भी प्रदान करना आवश्यक है। परिवार के सदस्य द्वारा प्रस्तुत जानकारी के सत्यापन की उचित प्रक्रिया के बाद मृतक व्यक्ति के आधार नंबर को निष्क्रिय करने या अन्यथा आगे की कार्रवाई की जाती है। यूआईडीएआई आधार संख्या धारकों को मृत्यु पंजीकरण प्राधिकारियों से मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद मायआधार पोर्टल पर अपने परिवार के सदस्यों की मृत्यु की सूचना देने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है।