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बीबीएल में अश्विन : सिडनी थंडर करेगी निजी सुरक्षा का इंतजाम, अपने सफर को कैमरे में कैद करेंगे अश्विन

सिडनी रविचंद्रन अश्विन को बिग बैश लीग टीम सिडनी थंडर निजी सुरक्षा प्रदान करेगी चूंकि ओलंपिक एरेना मैदान पर टीम के अभ्यास सत्र के दौरान भारतवंशी क्रिकेटप्रेमियों के उमड़ने की संभावना है। समझा जाता है कि अश्विन अपने साथ निजी टीम भी लेकर आयेंगे जो उनके यूट्यूब चैनल के लिये सिडनी थंडर के साथ उनके बीबीएल के सफर को कैमरे में कैद करेंगे। पिछले साल बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के दौरान एडीलेड ओवल पर भारतीय टीम के अभ्यास सत्र को देखने के लिये करीब 5000 भारतीय प्रशंसक पहुंच गए थे जिससे सुरक्षा का मसला खड़ा हो गया था। बीबीएल टीम इससे बचना चाहती है। ‘सिडनी मॉर्निग हेराल्ड’ के अनुसार,‘‘ भारत के अनुभवी स्पिनर के अभ्यास करने और खेलने के दौरान सुरक्षा का मसला हो सकता है। न्यू साउथ वेल्स में सिडनी ओलंपिक पार्क खुला मैदान है जहां भारतीय प्रशंसक अभ्यास के दौरान अश्विन को घेर सकते हैं।’’ इसमें कहा गया, ‘‘सिडनी थंडर ने क्रिकेट आस्ट्रेलिया से बात की है कि भारत के इस बेहद लोकप्रिय क्रिकेटर की सुरक्षा के क्या उपाय होने चाहिये। अश्विन को आस्ट्रेलिया में निजी सुरक्षा दी जा सकती है।’’ अश्विन जनवरी में तीन से पांच मैच खेलेंगे और अगर सिडनी थंडर क्वालीफाई करती है तो फाइनल भी खेलेंगे। क्रिस गेल को सिडनी थंडर के साथ खेलने के दौरान रहने के लिये आलीशान पेंटहाउस दिया गया था। यह पूछने पर कि क्या अश्विन को भी दिया जायेगा, टीम के महाप्रबंधक ट्रेंट कोपलैंड ने कहा, ‘‘हम सुनिश्चित करते हैं कि उन्हें और सभी विदेशी खिलाड़ियों को यहां बिताये गए अपने समय का पूरा आनंद आयेगा।’’  

अलका लांबा का अनोखा अंदाज: वॉरंट जारी होते ही कोर्ट में लिखा- ‘सोनम वांगचुक के साथ ही रखना’

नई दिल्ली  पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अलका लांबा शनिवार को राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट के सामने पेश हुईं, जहां उन्होंने अदालत से जमानत ले ली। दरअसल निषेधाज्ञा उल्लंघन से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने उनके खिलाफ वॉरंट जारी कर दिया था, जिसके बाद वह अदालत में पेश हुईं, जहां अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में दायर आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए उन्हें समन जारी किए थे। हालांकि कई समन जारी होने के बाद भी वह अदालत में पेश नहीं हुईं, जिसके कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वॉरंट जारी कर दिया, तब जाकर लांबा शनिवार को राउज एवेन्यू अदालत में पेश हुईं और वहां से जमानत हासिल कर ली। हालांकि जमानत मिलने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया था कि मेरे खिलाफ वॉरंट जारी हुआ है साथ ही उन्होंने खुद को सोनम वांगचुक के साथ रखने की गुजारिश भी की थी। इससे पहले कोर्ट ने जब उन्हें समन जारी किए थे तो वह अदालत में पेश नहीं हुईं थीं और उन्होंने दो मौकों पर पेशी से छूट मांग ली थी। इसके बाद, अदालत ने 24 सितंबर को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया था। तब जाकर वह आज अदालत में पेश हुईं। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक (एसीजेएम) वैभव चौरसिया की कोर्ट ने शनिवार को अलका लांबा को जमानत दे दी और अभियोजन पक्ष को आरोपपत्र की एक प्रति उन्हें देने का निर्देश दिया। अदालत ने आरोपों पर दलीलें सुनने के लिए मामले को 15 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध किया है। यह मामला जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन से संबंधित है, जिसमें 2024 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की मांग की गई थी। इस मामले में कांग्रेस की इस महिला नेता के खिलाफ साल 2024 में संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में एक FIR दर्ज की गई थी। लांबा ने कहा था- प्लीज वांगचुक जी के साथ रखना उधर इस मामले को लेकर अलका लांबा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया, 'मेरे खिलाफ वॉरंट जारी हुआ है, प्लीज़ सोनम वांगचुक जी के साथ ही रखना, बहुत कुछ सीखने को मिलेगा- संघर्ष जारी रहेगा…लड़ेंगे और जीतेंगे।' हालांकि लांबा की ये तम्मना पूरी नहीं हो सकी और अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए उनकी गिरफ्तारी का रास्ता बंद कर दिया।  

Samsung का 3-फोल्ड स्मार्टफोन देगा एंट्री, 100x ज़ूम कैमरे से मचाएगा धमाल

नई दिल्ली सैमसंग जल्द ही अपना ट्राई-फोल्ड स्मार्टफोन गैलेक्सी Z ट्राई-फोल्ड लॉन्च करने की तैयारी में है। पिछले काफी समय से यह फोन चर्चा में बना हुआ है। सैमसंग के फोल्ड और फ्लिप फोन पहले ही मार्केट में उपलब्ध हैं और उन्हें काफी पसंद किया जाता है। अब लोगों को तीन बार फोल्ड होने वाला फोन चाहिए। इस साल सैमसंग, ऐपल और वनप्लस जैसे कंपनियों ने एक से एक अच्छे फोन्स पेश किए हैं। अब साल खत्म होने पर आ गया है और अभी एक और बड़ा लॉन्‍च होना बाकी है। लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, Samsung Galaxy Z Tri-Fold स्मार्टफोन इस महीने या अगले महीने लॉन्च हो सकता है। रिपोर्ट में तारीख भी सामने आ गई है। 30 अक्टूबर या 1 नवंबर को होगा लॉन्च? Yonhap न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट्स के अनुसार, सैमसंग का तीन बार फोल्ड होने वाला फोन 31 अक्टूबर या 1 नवंबर को एशिया-पैसिफिक इकोनॉमिक कोऑपरेशन (APEC) शिखर सम्मेलन में पेश किया जा सकता है। इसका मतलब है कि स्मार्टफोन एक महीने के भीतर मार्केट में आ सकता है। हालांकि इसकी लॉन्चिंग को लेकर सैमसंग ने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। तीन बार फोल्ड होने वाले फोन में मिलेगा सैमसंग DeX मोड आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह नया फोल्डेबल फॉर्म फैक्टर वाला फोन दो हिंज के साथ आएगा। इसमें फ्लोटिंग विंडो और सैमसंग DeX मोड दिया जाएगा। साथ ही, इसमें 100x डिजिटल जूम वाला एक एडवांस कैमरा भी मिल सकता है। अभी इस बार पर कोई पुष्टि नहीं है कि यह फोन ग्लोबल मार्केट में उपलब्ध होगा या कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक ही सीमित रहेगा। इन लीक हुई जानकारियों के अलावा, ट्राई-फोल्ड फोन के अन्य स्पेसिफिकेशन्स और फीचर्स अभी तक सामने नहीं आए हैं। कंपनी ने फोन के खास फीचर्स अभी तक टीज नहीं किए हैं। इस बार सैमसंग फोन को लेकर काफी सतर्क है और उसकी खास जानकारियां लीक नहीं होने दे रही है। जहां एक तरह ऐपल अभी भी फोल्डेबल मार्केट में नहीं उतर पाया है, वहीं सैमसंग तीन बार फोल्ड होने वाले फोन के साथ तैयार है। ऐसे में ऐपल के लिए चुनौतियां और भी बढ़ गई हैं। हालांकि कई रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐपल भी जल्द अपना फोल्डेबल फोन लॉन्च करने वाली है।

पल्ला गांव से हाथी घाट तक: दिल्ली CM ने छठ घाटों का किया निरीक्षण

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को बोट से यमुना नदी के प्रवेश बिंदु पल्ला गांव से लेकर आईटीओ के नजदीक स्थित हाथी घाट तक विभिन्न छठ घाटों का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ दिल्ली के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और कपिल मिश्रा के अलावा लक्ष्मी नगर से विधायक अभय वर्मा और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।  इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना तट पर महापर्व छठ की तैयारियों को लेकर सरकार पूरी गंभीरता और युद्धस्तर पर काम में जुटी है। आज पल्ला गांव से लेकर हाथी घाट तक लगभग तीन घंटे तक विभिन्न छठ घाटों का निरीक्षण किया और बोट से यमुना जी के किनारों का विस्तृत सर्वे किया।  उन्होंने कहा कि यह जमीनी सर्वेक्षण केवल व्यवस्थाओं की समीक्षा नहीं, बल्कि दिल्ली में एक भव्य और सुव्यवस्थित छठ आयोजन सुनिश्चित करने की ठोस नींव है। यह पर्व उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के भाइयों-बहनों को दिल्ली की मिट्टी से जोड़ता है और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को सशक्त करता है। संबंधित विभागों को साफ-सफाई, घाटों के निर्माण, सुरक्षा और अन्य सभी सुविधाओं की रूपरेखा शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लाखों श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के छठ मईया की पूजा-अर्चना कर सकें। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने छठ को यमुना से दूर कर दिया था। यमुना किनारे इस बार आस्था के महापर्व छठ का भव्य आयोजन होगा। उनकी सरकार पल्ला गांव से लेकर ओखला तक छठ के आयोजन की तैयारियों में पूरी निष्ठा और तत्परता से जुटी है। जब यमुना के घाटों पर लाखों श्रद्धालु डूबते सूरज और उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे तब वह क्षण हर श्रद्धालु के लिए अविस्मरणीय बने, यही हमारा संकल्प और प्रयास है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में पूर्वांचलवासियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, इसलिए उनकी धार्मिक आस्था व सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली में यमुना के प्रवेश स्थल पल्ला से लेकर अंतिम स्थल ओखला तक दोनों किनारों पर छठ पर्व का आयोजन किया जाएगा। इन दोनों किनारों पर जहां भी छठ पर्व के लिए समतल किनारे उपलब्ध होंगे, वहां सरकार की ओर से व्रतधरियों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। छठ घाटों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए जा रहे हैं।  उल्लेखनीय है कि छठ पर्व की तैयारियों को लेकर 29 सितंबर को मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पल्ला से लेकर वजीराबाद तक के किनारों पर विशेष व्यवस्था के साथ ही आईटीओ, ओखला जैसे पुराने स्थलों पर भी व्यवस्थाएं और दुरुस्त करने का निर्देश अधिकारियों को दिया था।  मुख्यमंत्री ने छठ पूजा के दौरान घाटों की सफाई व स्वच्छता के साथ धूल से बचाने के लिए पानी का छिड़काव, पुलिस व ट्रैफिक पुलिस को सुरक्षा व यातायात व्यवस्था चौकस रखने के आदेश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग को छठ पर्व से पूर्व यमुना से जलकुंभी निकालने के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस बार इन स्थलों पर प्रकाश की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।  मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में यमुना के किनारो के अलावा मुनक नहर, मुंगेशपुर ड्रेन के अलावा कृत्रिम तालाबों में भी छठ पूजा आयोजित की जाती है। राजधानी में कुल मिलाकर 929 स्थलों पर पूजा-अर्चना की जाती है। इन स्थलों पर सरकार की ओर से समुचित व्यवस्थाएं की जाएंगी। अगर किसी संस्थान को एनओसी चाहिए तो उसे भी बिना किसी परेशानी से उसे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे विशेष स्थान भी चिन्हित किए जाएंगे जहां छठ पूजा का विशेष आयोजिन किया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि अगर यमुना में अतिरिक्त पानी की जरूरत होती तो हरियाणा सरकार से निवेदन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व पूर्वांचलवासियों की आस्था और संस्कृति का एक महत्वपूर्ण पर्व है और इसे पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाने के लिए दिल्ली सरकार पूरी तरह तैयार है।   

राशन कार्ड घोटाला: रायपुर 19,574 फर्जी कार्डों के साथ पहले, दुर्ग 18,112 के साथ दूसरे स्थान पर

रायपुर छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों का बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इसमें रायपुर राजधानी 19,574 फर्जी राशन कार्ड के साथ पहले और दुर्ग 18,112 के साथ दूसरे नंबर पर है। वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत तैयार आंकड़ों की जांच में पता चला कि 46 लाख से अधिक सदस्य संदिग्ध हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे परिवारों की है, जिन्होंने डुप्लीकेट आधार कार्ड, मृत व्यक्तियों के नाम और फर्जी दस्तावेजों से राशन कार्ड में सदस्य जोड़ रखे थे। खाद्य विभाग की ओर से शुरू किए गए भौतिक सत्यापन अभियान में अब तक 1 लाख 93 हजार 67 फर्जी सदस्य चिन्हांकित कर उनके नाम काट दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि यह कार्रवाई राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बेहद अहम है। जिलावार तस्वीर, रायपुर टॉप पर रायपुर में सबसे ज्यादा में 19,574 फर्जी सदस्य उजागर हुए हैं। दुर्ग में 18,112, जांजगीर-चांपा में 17,529, राजनांदगांव में 17,327 और कोरबा में 16,064 भी गड़बड़ी वाले शीर्ष जिलों में शामिल हैं। सरगुजा में 15,626, बलौदाबाजार में 13,833, महासमुंद में 13,308, धमतरी में 10,937 और कवर्धा में 9,987 में भी बड़ी संख्या में नाम हटाए गए। दूसरी ओर गरियाबंद में 7,027 और कांकेर में 7,669 ऐसे जिले रहे, जहां अपेक्षाकृत कम फर्जी सदस्य मिले। जशपुर में 9,727, बालोद 8,925 और बेमेतरा 8,641 में भी गड़बड़ी सामने आई। सबसे ज्यादा फर्जी सदस्य     रायपुर -19,574     दुर्ग – 18,112     जांजगीर-चांपा – 17,529     राजनांदगांव -17,327     कोरबा -16,064 अभी और हटेंगे 53 हजार नाम जांच टीम के मुताबिक अभी करीब 53 हजार संदिग्ध सदस्यों की जांच बाकी है। इनमें मृतक, पलायन कर चुके लोग और फर्जी दस्तावेजों से जुड़े सदस्य शामिल हैं। इनके सत्यापन के बाद नाम निरस्त कर दिए जाएंगे। सबसे कम फर्जी सदस्य     गरियाबंद -7,027     कांकेर -7,669     बेमेतरा -8,641     बालोद -8,925     जशपुर -9,727 कैसे हो रही जांच खाद्य विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जिन परिवारों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उनका घर-घर भौतिक सत्यापन कराया जाए। इसके लिए पटवारी, पंचायत सचिव, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और आशा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। यदि कोई सदस्य गलत या अपात्र पाया जाता है तो उसका नाम तत्काल हटाया जा रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि 31 अक्टूबर तक सभी जिलों का सत्यापन पूरा कर लिया जाए।  

बिहार की राजनीति पर शिवराज का आरोप: लालू परिवार के खिलाफ सख्त बयान, विपक्ष पर जमकर बरसे

पटना  बिहार की राजनीति को लेकर वरिष्ठ बीजेपी नेता और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने पटना में कहा कि आज बिहार में महिलाओं, युवाओं, किसानों और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम हो रहा है लेकिन विपक्ष इसे पचाने में असमर्थ है और कुंठा में डूबा हुआ है. कुर्सी के लिए बेटी का तिरस्कार: शिवराज शिवराज सिंह चौहान ने परिवारवाद और कुर्सीवाद को विपक्ष की सबसे बड़ी कमजोरी बताया है. उन्होंने कहा कि जिन दलों ने हमेशा परिवार को ही राजनीति का आधार बनाया, वो अब जनता के बीच अपनी प्रासंगिकता खोते जा रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान ने तंज कसते हुए कहा, 'परिवारवाद और कुर्सीवाद में इस कदर उलझ गए हैं कि किडनी देने वाली बेटी तक का तिरस्कार किया जा रहा है, आज विपक्ष के भीतर असली लड़ाई इस बात की है कि कौन नेता होगा और कौन उत्तराधिकारी, एक नेता यहां है, तो दूसरा विदेश में घूम रहा है.' शिवराज ने राहुल गांधी पर भी साधा निशाना उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राहुल जी अपनी कुंठा विदेश में निकालते हैं और वहां जाकर देश को बदनाम करने का पाप करते हैं. चौहान ने व्यंग्य करते हुए कहा कि विपक्ष की हालत 'सूत न कपास, दुल्हन में लट्ठमलट्ठा' जैसी हो गई है. भाजपा नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार समेत पूरे देश में गरीबों और वंचितों को योजनाओं का लाभ सीधे मिल रहा है. महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिल रही है, किसानों को सहायता मिल रही है, युवाओं के लिए रोजगार और अवसर पैदा हो रहे हैं. यही वजह है कि जनता भाजपा और एनडीए पर विश्वास कर रही है और विपक्ष बौखलाहट में केवल नकारात्मक राजनीति कर रहा है. मखाना महोत्सव में हिस्सा लेने बिहार पहुंचे हैं शिवराज शिवराज सिंह चौहान पटना में आयोजित मखाना महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए शनिवार को बिहार गए हैं. देश भर में बिहार सबसे बड़ा मखाना उत्पादक राज्य है. इसको लेकर उन्होंने कहा, मखाना बोर्ड उत्पादन, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग से लेकर मार्केटिंग और निर्यात तक पूरी ताकत से काम करेगा, मखाना अब सिर्फ बिहार की पहचान नहीं, बल्कि निवेश और रोजगार का नया इंजन बनेगा. कृषि मंत्री ने कहा, हमारा संकल्प है, बिहार का मखाना वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत जगह बनाए और हर कोने तक पहुंचे.

सरकारी नौकरी में बच्चों की सीमा खत्म, मध्य प्रदेश में तीसरी संतान भी होगी मान्य!

भोपाल  मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी में दो बच्चों की पाबंदी की शर्त 24 साल बाद खत्म होने जा रही है। यह पाबंदी 26 जनवरी 2001 को लागू की गई थी। अब जल्द ही इस प्रस्ताव को कैबिनेट में लाकर शर्त को समाप्त किया जाएगा। इसके बाद नौकरी कर रहे किसी अधिकारी या कर्मचारी का तीसरा बच्चा होने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त नहीं किया जा सकेगा। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार उच्च स्तर से मिले निर्देशों के बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई और तमाम परिस्थितियों का आंकलन करने के बाद उच्च स्तर पर सहमति बन गई। तीसरी संतान से जुड़े केस समाप्त होंगे नई व्यवस्था के लागू होने के बाद तीसरी संतान से जुड़े जितने भी मामले न्यायालयों या विभागीय जांचों में लंबित हैं, उन्हें स्वतः समाप्त मान लिया जाएगा। अब उन मामलों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी। वर्ष 2001 के बाद जिन सरकारी कर्मचारियों पर तीसरी संतान के आधार पर कार्रवाई हो चुकी है या वे नौकरी से बाहर किए जा चुके हैं, उन मामलों पर सुनवाई नहीं होगी। तीसरी संतान से जुड़े केस होंगे समाप्त नई व्यवस्था के तहत, तीसरी संतान से संबंधित जितने भी केस न्यायालयों या विभागीय जांचों में लंबित हैं, उन्हें अब स्वतः समाप्त मान लिया जाएगा। ऐसे मामलों पर अब कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, पुराने मामलों में जिन सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी थी, उन्हें पुनः नहीं खोला जाएगा। कौन से विभाग होंगे प्रभावित? इस बदलाव से सबसे ज्यादा असर चिकित्सा शिक्षा (Medical Education), स्वास्थ्य (Health), स्कूल शिक्षा (School Education), और उच्च शिक्षा (Higher Education) विभागों पर पड़ेगा। अनुमान है कि इस पाबंदी के कारण इन विभागों में करीब 8 से 10 हजार मामले लंबित हो सकते हैं। चिकित्सा शिक्षा से जुड़ी लगभग 12 शिकायतें सामान्य प्रशासन विभाग तक पहुंची हैं, जिन पर जल्द फैसला लिया जाएगा। पड़ोसी राज्यों में पहले ही हटाई गई पाबंदी मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही इस पाबंदी को हटा चुके हैं। राजस्थान ने 11 मई 2016 को, और छत्तीसगढ़ ने 14 जुलाई 2017 को यह पाबंदी समाप्त कर दी थी। इन राज्यों में अब तीसरी संतान वाले लोग सरकारी नौकरी में काम कर रहे हैं। प्रजनन दर पर ध्यान मध्य प्रदेश की प्रजनन दर (fertility rate) 2.9 है, जो राष्ट्रीय औसत (2.1) से ज्यादा है। शहरी इलाकों में यह दर 2.1 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.8 के करीब है। इसके अलावा, बिहार राज्य में सबसे अधिक प्रजनन दर (3.0) है, जिसका मतलब है कि यहां एक महिला औसतन 3 बच्चों को जन्म देती है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की प्रजनन दर 2.0 भोपाल की प्रजनन दर 2.0 है, जो राज्य के बाकी हिस्सों से कम है। राज्य के कुछ अन्य जिलों में जैसे पन्ना (4.1), शिवपुरी (4.0), और बड़वानी (3.9) में उच्च प्रजनन दर देखी जाती है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख का बयान हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत की जनसंख्या नीति पर विचार करते हुए कहा था कि औसतन तीन बच्चों का होना चाहिए। उनका मानना है कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे संसाधनों पर दबाव नहीं बढ़ेगा। उनके इस बयान के बाद ही मध्य प्रदेश में दो बच्चों की सीमा हटाने की प्रक्रिया को गति मिली, और इस नीति में बदलाव के लिए तैयारी शुरू हो गई। कौन से विभाग प्रभावित होंगे सबसे ज्यादा शिकायतें मेडिकल एजुकेशन, हेल्थ, स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ी हैं। अनुमान है कि ऐसे मामलों की संख्या आठ से दस हजार के बीच हो सकती है। मेडिकल एजुकेशन की करीब 12 शिकायतें सामान्य प्रशासन विभाग तक पहुंच चुकी हैं, जिन पर फैसला होना है। पहले एक जज तक की नौकरी दो संतान की पाबंदी की वजह से चली गई थी। अन्य राज्यों का उदाहरण राजस्थान और छत्तीसगढ़ पहले ही यह पाबंदी हटा चुके हैं। राजस्थान ने 11 मई 2016 और छत्तीसगढ़ ने 14 जुलाई 2017 को इसे खत्म किया। वहां अब तीन बच्चों वाले कर्मचारी भी सरकारी नौकरी में काम कर रहे हैं। मप्र की प्रजनन दर और राष्ट्रीय तुलना राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS 2019-20) के अनुसार, मध्य प्रदेश की प्रजनन दर 2.9 है। शहरी क्षेत्रों में यह 2.1 और ग्रामीण क्षेत्रों में 2.8 के करीब है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.1 है। देश में सबसे अधिक प्रजनन दर बिहार में है, जहां औसतन एक महिला 3 बच्चे को जन्म देती है। मप्र के अन्य राज्य जैसे मेघालय, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी प्रजनन दर राष्ट्रीय औसत से अधिक है। भोपाल में प्रजनन दर 2.0 है, जो राज्य में सबसे कम है, जबकि पन्ना, शिवपुरी और बड़वानी में यह क्रमशः 4.1, 4.0 और 3.9 है। मोहन भागवत के बयान का असर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में कहा कि भारत की औसत जनसंख्या नीति 2.1 के अनुसार औसतन तीन बच्चे होना चाहिए। इसके बाद दो बच्चों की सीमा हटाने की प्रक्रिया को गति मिली और नीति में बदलाव की तैयारी शुरू हुई।

पॉवर हाउस सारनी की पहल: रोशनी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संगम

रोशनी के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा पॉवर हाउस सारनी सारनी पॉवर हाउस बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ कर रहा सेवाओं का विस्तार पॉवर हाउस सारनी की पहल: रोशनी और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का संगम बैतूल बैतूल जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर एक छोटा सा कस्बा सारनी स्थित है। वर्ष 1965 के आसपास वहां सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की स्थापना हुई थी। वर्ष 2007 तक सतपुड़ा थर्मल पॉवर स्टेशन मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा पॉवर प्लांट था लेकिन कुछ पुरानी यूनिट बंद होने के बाद वर्ष 2019 से यह मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी का मध्यप्रदेश का तीसरा बड़ा थर्मल पॉवर स्टेशन बन गया। वर्ष 2014 से 250-250 मेगावॉट की दो यूनिट यहां बिजली का उत्पादन कर रही हैं। सारनी के आसपास सुरम्य वन क्षेत्र है। यहां भरपूर वन संपदा उपलब्ध है। वनों में स्थित सागौन, साल, पलास तथा अन्य वृक्ष यहां की हरी-भरी घाटियों को बेहद सुंदर बनाते हैं। इस क्षेत्र की आबादी करीब 86 हजार के आसपास है। सारनी पॉवर हाउस अस्पताल आसपास के क्षेत्र में संजीवनी साबित हो रहा दरअसल बात हो रही है सारनी पॉवर हाउस के अस्पताल की जहां कंपनी कार्मिकों के अलावा अन्य समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल बेहतर तरीके से की जा रही है। सारनी पॉवर हाउस में करीब 580 से ज्यादा अभियंता व कार्मिक कार्यरत हैं। यह कार्मिक सुविधाजनक आवासीय परिसर में रहकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सारनी कस्बे में बच्चों की पढ़ाई के लिए केन्द्रीय विद्यालय है, बाजार है और बुनियादी जरूरत की सारी सुविधाएं यहां पर उपलब्ध हैं। 55 वर्ष पुराना अस्पताल पूर्णत: सुसज्जित सारनी स्थित यह अस्पताल 1971 में स्थापित हुआ। इस अस्पताल के पहले चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार थे जो बाद में मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी नियुक्त हुए। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के मुख्य अभियंता वी. के. कैथवार ने बताया कि यह अस्पताल सभी तरह की स्वास्थ्य सेवाओं से युक्त है तथा पॉवर हाउस के कार्मिकों के साथ अन्य समुदाय के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। सुदूर अंचल में स्थापित होने के बावजूद यहां अस्पताल में 30 बिस्तरों की व्यवस्था है। अस्पताल में पूर्णकालिक चिकित्सक तथा अनुबंध के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी चिकित्सा सेवाएं देते हैं। अस्पताल में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय रघुवंशी ने बताया कि अस्पताल में पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स व वार्ड बॉय सभी मिलकर बिजली अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ आसपास के लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं में जुटे हुए हैं।  दूरदराज के लोगों का सहारा अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं, इनमें महिला वार्ड, पुरुष वार्ड, वर्न यूनिट, एक्स-रे रूम, पैथोलॉजी लैब, ऑपरेशन थिएटर के साथ दवाई वितरण की समुचित व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर इलाज के लिए प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या की बात करें तो औसतन 70 से 75 मरीजों की ओपीडी रहती है। इनमें कंपनी कार्मिकों एव उनके परिजनों के अलावा आसपास के गांव के लोग भी अपने परिवार सहित आकर स्वास्थ्य की सुविधाओं का लाभ लेते हैं। यह अस्पताल दूरदराज के समुदाय के लोगों के स्वास्थ्य की भी देखभाल करने में सक्षम है।  दो एम्बुलेंस से तत्काल इलाज की सुविधा मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह बताते हैं कि यह अस्पताल सारनी और इसके आसपास के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। यहां पर दो एम्बुलेंस भी मरीज की सेवा में तत्पर रहती हैं जो दूर दराज के मरीजों को लाने तथा जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल बैतूल या नर्मदापुरम पहुंचाने का कार्य करती हैं।  

रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की एयरपोर्ट हॉट स्पॉट झलक, गले मिलते नजर आए

मुंबई एक्टर रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण को काफी समय बाद एक साथ देखा गया है. दरअसल दोनों को एयरपोर्ट पर देखा गया है. वायरल वीडियो में दिख रहा है कि रणबीर एयरपोर्ट पर पहुंचते हैं. जैसे ही वो सिक्योरिटी चेक के लिए रुकते हैं, वैसे ही उन्हें एयरपोर्ट के अंदर गोल्फ कार्ट पर दीपिका पादुकोण दिखती हैं. जिसके बाद दोनों हाय कहते हैं, साथ में गोल्फ कार्ट पर बैठकर निकल जाते हैं. इस दौरान दोनों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. बता दें कि एयरपोर्ट पहुंचे रणबीर कपूर को ब्लैक कलर की हुडी और कार्गो जींस के साथ कैप लगाए देखा जा सकता है. तो वहीं, दीपिका पादुकोण ग्रे कलर के कॉडसेट में नजर आ रही हैं. बंधे बालों में चोटी के साथ दीपिका ब्लैक चश्मे में काफी खूबसूरत नजर आ रही हैं. गोल्फ कार्ट पर बैठकर दोनों एक-दूसरे से गले मिलते दिख रहे हैं. वर्कफ्रंट की बात करें, तो रणबीर कपूर इन दिनों नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं. फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे. जबकि यश रावण और साई पल्लवी सीता के किरदार में दिखेंगी. यह फिल्म दो पार्ट्स में रिलीज होगी, जिसका पहला पार्ट दिवाली 2026 पर आएगा. वहीं दीपिका पादुकोण इस समय एक्टर शाहरुख खान के साथ फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग कर रही हैं.

ब्यू वेबस्टर टखने की चोट के कारण शेफ़ील्ड शील्ड के शुरुआती मैच से बाहर

मेलबर्न ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ब्यू वेबस्टर टखने की चोट के चलते तस्मानिया की शेफ़ील्ड शील्ड सीज़न के शुरुआती मैच में क्वींसलैंड के खिलाफ नहीं खेल पाएंगे। हालांकि यह चोट गंभीर नहीं मानी जा रही है। वेबस्टर की फिटनेस की दोबारा जांच गुरुवार को क्वींसलैंड के खिलाफ वन-डे कप मुकाबले से पहले की जाएगी। शील्ड का दूसरा राउंड 15 अक्टूबर से शुरू होगा, जहां तस्मानिया की भिड़ंत वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया से होनी है। वेबस्टर ने इस सीज़न में एशेज़ से पहले तस्मानिया के सभी चार शील्ड मैच खेलने का लक्ष्य रखा था। टेस्ट करियर की शानदार शुरुआत करते हुए उन्होंने सात मैचों में चार अर्धशतक लगाए हैं, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज़ से पहले टीम में उनकी जगह पर दबाव की चर्चा हो रही है। इस बीच, कैमरून ग्रीन के पूरी तरह गेंदबाज़ी करने के लिए तैयार होने की उम्मीद है। टीम संयोजन के अनुसार, ग्रीन को टॉप ऑर्डर में बनाए रखा जा सकता है या फिर उन्हें निचले क्रम में वापस भेजा जा सकता है। वेबस्टर ने सीज़न से पहले कहा था, “ग्रीनी के फिर से गेंदबाज़ी करने की वजह से मुझे मौका मिला है। मैं चाहूंगा कि हम दोनों टीम में साथ खेलें। अगर आप टॉप छह बल्लेबाज़ों में रन बना रहे हैं और गेंदबाज़ी भी कर सकते हैं, तो यह टीम के लिए बोनस है।” उन्होंने आगे कहा, “ग्रीनी शानदार बल्लेबाज़ हैं। मैं चाहता हूं कि वह टॉप ऑर्डर में बेहतरीन प्रदर्शन करें और मैं नंबर 6 पर रन बनाता रहूं। इस तरह हम दोनों गेंद और फील्डिंग से भी योगदान देकर ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच जीत सकते हैं।” वेबस्टर ने घरेलू सीज़न की शुरुआत वन-डे कप में शानदार प्रदर्शन से की थी, जहां उन्होंने दो मैचों में पांच विकेट लिए और विक्टोरिया के खिलाफ दूसरे मुकाबले में 95 गेंदों पर 81 रन बनाए।