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जैस्मिन सैंडलस का नया गाना \’पोल्स\’ रिलीज़

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मुंबई,  पार्श्वगायिका जैस्मिन सैंडलस का नया गाना 'पोल्स' रिलीज़ हो गया है। जैस्मिन सैंडलस, 'यार ना मिले' (किक) और 'तरस नई आया' (मुँज्या) जैसे चार्टबस्टर गानों की पॉवरहाउस आवाज़ हैं। उन्होंने अपना लेटेस्ट इंडिपेंडेंट सिंगल 'पोल्स' रिलीज़ कर दिया है। जैस्मिन ने कहा, "पोल्स मेरे लिए एक बिल्कुल नई शुरुआत है, जैसे एक कलाकार के रूप में मेरा पुनर्जन्म हुआ हो। इसमें एक डेब्यू सॉन्ग जैसी ऊर्जा और ताजगी है, भले ही मैंने 2008 में अपना पहला ट्रैक 'मुस्कान' रिलीज़ किया था। वे बीते साल मेरे लिए प्रैक्टिस का समय थे, और 'पोल्स' के साथ अब असली खेल शुरू हुआ है। यह गाना रचनात्मक उत्साह और खोज से भरी एक नई यात्रा की शुरुआत है।" जैस्मिन ने कहा, "पोल्स का डांस स्टाइल हिप हॉप है और मैंने हुक स्टेप सेट पर ही सीखा, यह बहुत ऑर्गेनिक और मज़ेदार प्रोसेस थी। गाने के बोल श्लोक लाल, मैंडी गिल और हरजोत कौर ने खूबसूरती से लिखे हैं। म्यूजिक वीडियो का कॉन्सेप्ट डायरेक्टर प्रीत सिंह का शानदार विचार था: इसे जेल के अंदर सेट करना और मेरा एक विद्रोही, बेफिक्र अपराधी का किरदार निभाना, जो सुरंग से भागती है, लेकिन आखिरकार पकड़ी जाती है। इस कहानी ने प्रोजेक्ट में बहुत गहराई और चंचलता जोड़ दी।"उन्होंने कहा, "वीडियो की शूटिंग सिर्फ एक दिन में पूरी हुई और मैंने सेट पर हर डिटेल को समझा। प्रीत सिंह एक जीनियस डायरेक्टर हैं, जिन्होंने पूरे प्रोजेक्ट का नेतृत्व अद्भुत विज़न और सटीकता के साथ किया। ईमानदारी से कहूँ, तो मुझे अपने वीडियो में और डांस करना चाहिए 'पोल्स' का हुक स्टेप इतना कैची और मज़ेदार है।" जैस्मिन ने कहा, "गाने का जॉनर 'बैले फंक' है, जिसने बीट सुनते ही मेरा दिल जीत लिया। यह इस जॉनर में मेरा पहला पंजाबी गाना है। इस कोलेबरेशन के लिए, हमने नेपाल के सबसे बड़े प्रोड्यूसर, फोजल को खास तौर पर बुलाया था। सॉन्ग राइटिंग टीम अविश्वसनीय थी और उनका सपोर्ट अनमोल था।"उन्होंने कहा, "फाइनल मिक्स और मास्टरिंग अभिषेक खंडेलवाल, जो वाईआरएफ में म्यूजिक हेड हैं, उन्होंने संभाला, जिससे साउंड क्वालिटी बेहतरीन रही। 'पोल्स' मेरे लिए महज़ एक गाना नहीं है, बल्कि यह मेरी कलात्मक यात्रा का एक जीवंत नया अध्याय है।" वीडियो के अनोखे कॉन्सेप्ट पर, जैस्मिन ने कहा, "यह डायरेक्टर का विज़न था कि एक जेल का सेटअप बनाया जाए, जहाँ मैं एक विद्रोही, बेफिक्र अपराधी का रोल निभाती हूँ, जो सुरंग से भागती है, लेकिन अंततः पकड़ी जाती है। शूटिंग में बहुत मज़ा आया, मैं सेट पर एक अच्छी स्टूडेंट थी और कहानी से जुड़ी हर छोटी डिटेल को फॉलो किया।"  

नॉर्वे से नोबेल पुरस्कार की घोषणा की तैयारी: ट्रंप के लिए क्या है भविष्य?

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ओस्लो  दुनिया के सबसे प्रतिष्ठा प्राप्त सम्मानों में से एक नोबेल पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा अगले सप्ताह की जाएगी। इसके तहत चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य, अर्थशास्त्र और शांति के क्षेत्र में उपलब्धियों के लिए सम्मान दिए जाते हैं। लोगों की दिलचस्पी यह जानने में है कि आखिर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए डोनाल्ड ट्रंप को सम्मान दिया जाता है या नहीं। नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2018 से अमेरिका के लोगों के साथ-साथ विदेशों में नेताओं द्वारा कई बार नामित किया गया है। उन्होंने अपने नए कार्यकाल के तहत इसी साल 19 जनवरी को कमान संभाली थी। उसके बाद से वह 7 युद्धों को रुकवाने का दावा कर चुके हैं। वहीं नोबेल समिति के एक सदस्य ने पिछले दिनों कहा था कि इस बार डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर विचार होना मुश्किल है। ऐसा इसलिए क्योंकि जिन उपलब्धियों के नाम पर उनके लिए दावा किया जा रहा है, वे नोबेल नॉमिनेशन की आखिरी तारीख के बाद की हैं। दिसंबर में एक रिपब्लिकन सांसद ने अब्राहम समझौते की मध्यस्थता के लिए भी ट्रंप के नाम का प्रस्ताव दिया था। इस समझौते ने इजराइल और कुछ अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बना दिया था। अब देखना होगा कि दिसंबर की उस उपलब्धि के नाम पर डोनाल्ड ट्रंप को सम्मान मिलता है या नहीं। नोबेल पुरस्कारों का ऐलान 10 अक्तूबर तक होना है। इसके अलावा ओस्लो से कुछ सूत्रों ने कहा कि जिस तरह डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका फर्स्ट की नीति पर काम कर रहे हैं और बाहरी लोगों के लिए वैमनस्यता का भाव दिखा रहे हैं, उसके चलते भी उन्हें पुरस्कार मिलना मुश्किल है। नोबेल पुरस्कारों का क्या है इतिहास नोबेल पुरस्कारों की शुरुआत 19वीं सदी के स्वीडन के व्यवसायी और वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल ने की थी। उनके पास 300 से ज़्यादा पेटेंट थे, लेकिन पुरस्कारों से पहले उनकी प्रसिद्धि का कारण नाइट्रोग्लिसरीन को एक ऐसे यौगिक के साथ मिलाकर डायनामाइट का आविष्कार करना था। इसके चलते बड़े-बड़े धमाके करना आसान हो गया। डायनामाइट निर्माण, खनन और हथियार उद्योग में बेहद लोकप्रिय हो गया और इसने नोबेल को बहुत अमीर बना दिया। अपने जीवन के अंतिम वर्षों में उन्होंने अपनी विशाल संपत्ति का इस्तेमाल वार्षिक पुरस्कारों के लिए धन जुटाने में करने का निर्णय लिया। चिकित्सा, भौतिकी, रसायन विज्ञान, साहित्य और शांति के क्षेत्र में पहला नोबेल पुरस्कार अल्फ्रेड नोबेल के निधन के पांच साल बाद 1901 में प्रदान किया गया था। वर्ष 1968 में स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने अर्थशास्त्र के लिए छठा पुरस्कार शुरू किया। हालांकि नोबेल पुरस्कार के शुद्धतावादी इस बात पर ज़ोर देते हैं कि अर्थशास्त्र का पुरस्कार तकनीकी रूप से नोबेल नहीं है। फिर भी इसे हमेशा अन्य पुरस्कारों के साथ ही प्रदान किया जाता है। नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकन प्रक्रिया पुरस्कारों की संबंधित समितियों द्वारा किसी भी नामांकन की घोषणा नहीं की जाती है।

कार्तिकेयसिंह चौहान का विधायक कार्यालय पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के नेतृत्व में किया भव्य स्वागत और सम्मान

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भगवान श्री राम की प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप में की भेंट आष्टा विजयदशमी (दशहरा) उत्सव में मुख्यातिथि के रूप में शामिल होने आष्टा पधारे मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान के बड़े सुपुत्र कार्तिकेयसिंह चौहान दशहरा उत्सव में भाग लेने आष्टा पहुंचे । कार्तिकेयसिंह चौहान के आष्टा पहुचने पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के नेतृत्व में आष्टा नगर की सीमा किलेरामा पर श्री कार्तिकेयसिंह चौहान की भव्य अगवानी की गई । विधायक के नेतृत्व में वाहनों के काफिले के साथ कार्तिकेयसिंह चौहान को विधायक कार्यालय लाया गया । विधायक कार्यालय आगमन पर विधायक गोपालसिंह इंजीनियर के नेतृत्व में कार्तिकेयसिंह चौहान का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया । विधायक कार्यालय पर उपस्तिथ भाजपा के समस्त पदाधिकारियों,जनप्रतिनिधियों,कार्यकर्ताओ ने कार्तिकेयसिंह जी का स्वागत किया । अपने कार्यालय पर प्रथम आगमन पर कार्तिकेयसिंह चौहान का विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर ने राजस्थानी साफा बंधवा कर रामनामी दुपट्टा डाल कर गुलदस्ता भेंट किया एवं आष्टा विधानसभा क्षेत्र की ओर से विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने कार्तिकेयसिंह चौहान को जन जन की आस्था के केंद्र भगवान श्रीराम जी की प्रतिमा स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की । इस अवसर पर सीहोर जिला भारतीय जनता पार्टी के  अध्यक्ष नरेश मेवाडा का भी स्वागत सम्मान किया गया । स्वागत सम्मान कार्यक्रम में रायसिंह मेवाडा,सोनू गुणवान,महेन्द्र इंजीनियर, सुशील संचेती,अतुल शर्मा, हरेन्द्र ठाकुर,योगेंद्रसिंह ठाकुर,राकेश प्रजापति,ऋतु आनन्द जैन,अंजली विशाल चौरसिया,गिरजा माखन कुशवाह,तारा कटारिया,संध्या  देवांग,मानकुंवर मेवाडा,कृष्णा गोपालसिंह इंजीनियर,नीलिमा मनोहर बैरागी, ऋषि विश्वकर्मा,उत्थान धारवा,मोहित सोनी,सौरभ शीतल,सुरेश परमार,मनोहर भोजवानी,अनिल श्रीवास्तव, राकेश कुशवाह, यशवंत ठाकुर, कल्लु मुकाती,राजेश घेंघट,अनन्त साहू,भूपेंद्र राणा,नीलेश शर्मा,राजेश पचलासिया,भगवत मेवाडा,आकाश सुरणा,राजेन्द्रसिंह ठाकुर,संयम जैन,सुनील केलिया,महेन्द्र ठाकुर सहित बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता उपस्तिथ थे ।

अमेरिका और चीन दोनों के फाइटर जेट गिराए, भारतीय वायुसेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर किया बड़ा खुलासा

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नई दिल्ली   भारतीय वायुसेना प्रमुख अमर प्रीत सिंह ने शुक्रवार को ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के लगभग 12 विमानों को नुकसान पहुंचाया। इसमें अमेरिका और चीन के फाइटर जेट्स भी शामिल हैं। वायुसेना प्रमुख सिंह ने कहा कि भारत ने अमेरिका के एफ-16 और चीन के जेएफ-17 क्लास के पांच फाइटर जेट्स को मार गिराया। मालूम हो कि पाकिस्तान के पास बड़ी संख्या में चीन और अमेरिका के फाइटर जेट्स मौजूद हैं, जिसका उसने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया था। अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सात मई को पाकिस्तान और पीओके में ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत की थी। पहली रात लश्कर और जैश के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। इसके बाद पाकिस्तान ने चीन, अमेरिका और तुर्की के हथियारों की मदद से भारत पर हमले की नाकाम कोशिशें कीं। इसके बाद भारत ने पाक के कई एयरबेस को भी तबाह कर दिया। भारतीय वायु सेना के वार्षिक दिवस पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "जहां तक वायु रक्षा का सवाल है, हमारे पास एक लंबी दूरी के हमले के सबूत हैं। साथ ही, पांच फाइटर जेट्स, जो एफ-16 और जेएफ-17 कैटेगरी के बीच के उच्च तकनीक वाले हैं, ऐसा हमारी प्रणाली बताती है।" एफ-16 अमेरिका में निर्मित फाइटर जेट है, जबकि जेएफ-17 चीन में निर्मित है। एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा, "…जहां तक ​​पाकिस्तान के नुकसान का सवाल है…हमने बड़ी संख्या में उनके एयरफील्ड्स पर हमला किया है और हमने बड़ी संख्या में प्रतिष्ठानों पर हमला किया है। इन हमलों के कारण, कम से कम चार स्थानों पर रडार, दो स्थानों पर कमांड और नियंत्रण केंद्र, दो स्थानों पर रनवे क्षतिग्रस्त हो गए, फिर तीन अलग-अलग स्टेशनों में उनके तीन हैंगर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। हमारे पास एक सी-130 श्रेणी के विमान के संकेत हैं और कम से कम 4 से 5 फाइटर जेट्स। सबसे अधिक संभावना एफ-16 की हैं, क्योंकि वह स्थान एफ-16 था और उस समय जो कुछ भी रखरखाव में था।" एफ-16 फाइटर जेट्स की क्या हैं खूबियां अमेरिका का एफ-16 फाइटर जेट एक सिंगल इंजन वाला सुपरसोनिक लड़ाकू विमान है, जिसे अब लॉकहीड मार्टिन नामक कंपनी बनाती है। 1976 से अब तक 4600 से ज्यादा लड़ाकू विमानों का निर्माण किया जा चुका है। यह सभी मौसम में काम करता है और दुश्मन देश के ठिकाने पर सटीक हमले करने के लिए जाना जाता है। पाकिस्तान ने अब तक अमेरिका से कुल 85 एफ-16 फाइटर जेट्स खरीदे हैं, जिसमें से 75 काम कर रहे हैं। हवा से सतह पर मार करने की क्षमता के साथ, एफ-16 500 मील (860 किलोमीटर) से अधिक की उड़ान भर सकता है। अपने हथियारों को बेहतर सटीकता के साथ गिरा सकता है और दुश्मन के विमानों से अपनी रक्षा कर सकता है। इसके बाद अपने प्रारंभिक प्वाइंट पर वापस लौट सकता है। चीन से खरीदे गए जेएफ-17 फाइटर जेट्स के फीचर्स चीन द्वारा निर्मित किए गए जेएफ-17 फाइटर जेट्स का इस्तेमाल पाकिस्तान, म्यांमार, अजरबैजान समेत कई अन्य देश करते हैं। इसमें जेएफ का मतलब ज्वाइंट फाइटर है। यह एक चौथी पीढ़ी का हल्का सिंगल इंजन वाला, बहुउद्देशीय लड़ाकू विमान है, जिसे चीन के चेंगदू एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (सीएसी) और पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स (पीएसी) ने संयुक्त रूप से बनाया है। जेएफ-17 का इस्तेमाल कई भूमिकाओं के लिए किया जा सकता है, जिसमें दूसरे फाइटर जेट्स को इंटरसेप्ट करना, जमीनी हमला करना, एंटी शिप और हवाई टोही शामिल है।  

21 दिन, 21 ब्लॉकबस्टर; शेमारू जोश पर होगा फेस्टिव मूवी धमाका

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मुंबई, शेमारू जोश अपने दर्शकों के लिये लेकर आ रहा है 21 दिन का जश्न जिसमें 21 ब्लॉकबस्टर फिल्में देखने को मिलेंगी। त्यौहारों की रौनक और बॉलीवुड के जादू के साथ, शेमारू जोश लेकर आ रहा है 21 दिन का जश्न, 21 ब्लॉकबस्टर फिल्मों के साथ। जहाँ एक्शन से भरपूर केजीएफ: चैप्टर 1 और एनिमल फिल्म आपके रोमांच को बढ़ाएगी।  वहीं, रोमांस के दीवानों के लिए है तू झूठी मैं मक्कार, जिसमें रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर की धमाकेदार केमिस्ट्री सबका दिल जीत लेगी। डर और हँसी का अनोखा कॉम्बिनेशन है भूल भुलैया 2 और देसी मिट्टी की खुशबू और रहस्य से भरपूर कहानी है कांतारा, जिसने पूरे भारत में दर्शकों का दिल छू लिया। 02 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक दर्शकों को ब्लॉकबस्टर फिल्में देखने को मिलेगी। शेमारू जोश महानायक अमिताभ बच्चन का जन्मदिन जश्न-ए-बच्चन पेशकश के साथ मनायेगा। इस विशेष मूवी लाइन-अप में दिखाई जाएँगी कुछ खास फिल्में, जिसमें अमिताभ की अद्भुत परफॉर्मेंस दिखेगी। सिनेमा का यह तोहफा अमिताभ के तमाम चाहने वालों के लिए यादगार होगा।  

ट्रैफिक जाम की चिंता खत्म! दिल्ली-गुरुग्राम के लिए NHAI ला रहा स्पेशल फ्लाईओवर, पढ़ें पूरी डिटेल

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नई दिल्ली  दिल्ली-गुड़गांव राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-48) और उसके आस-पास के प्रमुख मार्गों पर यातायात की बढ़ती समस्याओं को कम करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने एक विशाल, सिग्नल-रहित एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है। republicworld की खबर के मुताबिक, लगभग 5,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना का मकसद दिल्ली और गुरुग्राम के बीच यात्रा समय को काफी हद तक कम करना है और एनसीआर क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाना है।   भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मौजूदा समय में यह अपने मुख्य चरण में है। यह परियोजना दिल्ली और गुरुग्राम में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए सरकार की योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। दिल्ली-गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर की खासियत लंबाई: यह कॉरिडोर लगभग 20 किलोमीटर लंबा होगा। मार्ग: यह फ्लाईओवर दक्षिण दिल्ली स्थित AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) से शुरू होकर गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड तक जाएगा, जो महिपालपुर बाईपास के समीप खत्म होगा। भीड़-भाड़ में राहत: नया फ्लाईओवर वर्तमान में अत्यधिक व्यस्त NH-48 के समानांतर चलेगा, जिससे यात्रियों को एक तेज और बिना रुकावट वाला वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। सिग्नल-रहित मार्ग: यह कॉरिडोर अपनी पूरी लंबाई में ट्रैफिक लाइटों से मुक्त होगा और वसंत विहार, वसंत कुंज, ब्रिगेडियर होशियार सिंह मार्ग, अफ्रीका एवेन्यू, और नेल्सन मंडेला मार्ग से होकर गुज़रेगा। रणनीतिक निकास: प्रमुख स्थानों जैसे IGI हवाई अड्डा और इफको चौक चौराहे पर ऑफ-रैंप निकास की व्यवस्था होगी, जिससे यातायात का प्रवाह निर्बाध रहेगा और भीड़भाड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा। इस प्रोजेक्ट का भविष्य और महत्व NHAI का प्राथमिक लक्ष्य डीपीआर को जल्द से जल्द पूरा करना है, जिसमें अंतिम अनुमान, सटीक अलाइनमेंट, और निर्माण समय सारणी शामिल होगी। यातायात वृद्धि और कनेक्टिंग परियोजनाओं के उद्घाटन के बाद वाहनों की संख्या में वृद्धि को देखते हुए, यह परियोजना अत्यधिक महत्वपूर्ण हो गई है। ट्रैफिक समस्या का मिलेगा स्थायी समाधान! राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के निवासी और यात्री इस परियोजना से यातायात समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, निर्माण चरण के दौरान किसी भी प्रकार के व्यवधान को न्यूनतम करने के लिए, इसे अच्छी तरह से मैनेज करना बहुत जरूरी होगा। इस परियोजना से न केवल यातायात में सुधार होगा, बल्कि यह सड़क सुरक्षा और विकसित इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एनसीआर में समग्र विकास को भी बढ़ावा देगा।

दिग्विजय सिंह का विवादित बयान: मुस्लिम आबादी पर टिप्पणी, RSS और FIR कार्रवाई पर निशाना

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झांसी  झांसी में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा- RSS दंगे भड़काती है। यह एक नॉन रजिस्टर्ड संस्था है। इनके लोग दंगा कराते हैं। फिर इनकी ओर से बयान आता है कि यह हमारा मेम्बर नहीं। जब संस्था का रजिस्ट्रेशन ही नहीं तो मेम्बर कहां से होगा?  सरकार चाहे तो कभी दंगे न हों। दंगे सरकार और अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। इसे रोकने के लिए समय रहते कदम उठाएं। बरेली बवाल पर उन्होंने कहा कि तौकीर रजा जैसे लोग हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भाषण देकर लोगों को उकसाते हैं। दिग्विजय शुक्रवार को दतिया के पीतांबरा पीठ दर्शन के बाद सर्किट हाउस पहुंचे थे। इसके बाद वे भोपाल रवाना हो गए। आरएसएस चंदा वूसली करती है। ये पैसा जाता कहां है। बैंक खाता कहां है? हर विजयादशमी और गुरु पूर्णिमा पर करोड़ों रुपए चंदे में आते हैं। जब संघ का अकाउंट नहीं है तो पैसा जाता कहां है। इनका एक ही एजेंडा है, हिदुओं को भड़काना और संविधान के खिलाफ लोगों को बचपन से तैयार करना। ये कभी आंदोलन प्रदर्शन नहीं करते, हमेशा कानाफूसी की राजनीति करते हैं। RSS के लोग कह रहे हैं कि मुसलमानों की जनसंख्या बढ़ रही। उनकी संख्या बढ़ जाएगी, जो कि संभव ही नहीं है। क्योंकि, जितनी हिंदुओं की जनसंख्या घट रही है, उससे कहीं ज्यादा तेजी से मुसलमानों की जनसंख्या घट रही। 2001 और 2011 के बीच का जनसंख्या ग्राफ ये प्रमाणित करता है। अब 2021 की रिपोर्ट तो इन्होंने ही रोक कर रखी है। इसलिए वो बात सामने नहीं आईं। लेकिन RSS और सरकार मिलकर हिंदुओं को भ्रमित कर रहे हैं। अगर कोई 'आई लव मोहम्मद' कहता है और कोई आई लव रामजी, आई लव महादेव, आई लव कृष्ण भगवान, आई लव गांधीजी कहता है तो इसमें किसी को क्या दिक्कत? इसमें मुकदमा दर्ज करने की क्या जरूरत है। दंगे तो सरकार और सरकारी अफसरों की नीयत पर निर्भर हैं। अगर सरकार चाहे तो कभी दंगा नहीं हो सकता है। सरकार को ऐसे संवेदनशील मामलों में समय से कदम उठाने की जरूरत है। बरेली में मौलान तौकीर रजा पर कहा कि कुछ फितरती लोग अगर मुसलमानों में हैं तो हिंदुओं में भी हैं। ऐसे लोग भड़काऊ भाषण देने का काम करते हैं। संभल में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर अवैधानिक निर्माण है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी एक व्यक्ति के अपराध पर उसके परिवार को दंड देना कहीं से भी न्याय नहीं है। सरकार ने लिस्ट जारी की है। एक भी घुसपैठिए का नाम बता दें। किस पोलिंग बूथ पर कौन सा घुसपैठिया है। उसका नाम आ गया हो। घुसपैठिए की परिभाषा क्या है? जब केंद्र में 11 साल से भाजपा की सरकार है। तो घुसपैठिया नेपाल से आया या बांग्लादेश से? ये केवल भाजपा और अमित शाह की नजर में घुसपैठिए हैं। लेकिन घुसपैठिए का नाम तो बताना होगा। कोविड के समय RSS की ओर से कहा गया कि जनता को 7 करोड़ रुपए की मदद की है। मैंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को इस बारे में पत्र लिखा। उनसे पूछा कि नॉन रजिस्टर्ड संस्था कह रही है कि 7 करोड़ रुपए कलेक्ट करके खर्च किए हैं। तो आखिर कौन से अकाउंट से पेमेंट किया। इन पर तो मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलना चाहिए। नॉन रजिस्टर्ड संस्था ने बिना अकाउंट के 7 करोड़ रुपए कहां से खर्च कर दिए? मगर वित्त मंत्री जी का आज तक जवाब नहीं आया।  

आउटसोर्स कर्मचारी के परिवार को मिला आर्थिक संबल, मंत्री तोमर ने दी जानकारी

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आउटसोर्स कर्मी की मृत्यु पर परिजन को मिला ईएसआईसी और पीएफ का लाभ : ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल  ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अब समय पर पात्र व्यक्तियों तक पहुँच रहा है। ऊर्जा विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों को भविष्य निधि एवं कर्मचारी राज्य बीमा जैसी योजनाओं से सुरक्षा दी जा रही है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने एक दिवंगत आउटसोर्स कर्मी के परिवार को राहत पहुँचाने के लिये संवेदनशील पहल की। उज्जैन स्थित 220 के.वी. उपकेन्द्र पर ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मी  शेखर राठौर को हृदयाघात हुआ और अस्पताल मे इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी। वे मेसर्स डेक्कन सिक्योरिटी सर्विसेस, इंदौर के माध्यम से पदस्थ थे। आश्रितों को मिला हितलाभ एम पी ट्रांसको की पहल से उनकी पत्नी मती पूजा राठौर को कर्मचारी राज्य बीमा निगम के अंतर्गत प्रतिदिन 173.16 रूपये की दर से आश्रित हितलाभ प्रदान किया जा रहा है। साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा 3,05,283 रूपये की बीमा राशि भी परिजनों के खाते में जमा की गई है। आश्रितों के लिए प्रतिमाह पेंशन की सुविधा भी स्वीकृत की गई है।  

अरशद वारसी और जितेन्द्र कुमार की फिल्म भागवत चैप्टर वन: राक्षस का ट्रेलर रिलीज

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मुंबई,  अरशद वारसी और जितेन्द्र कुमार की फिल्म भागवत चैप्टर वन: राक्षस का ट्रेलर रिलीज हो गया है। जी 5 ने अपने आगामी ओरिजिनल फिल्म भागवत चैप्टर वन: राक्षस का रोमांचक ट्रेलर रिलीज कर दिया है।जियो स्टूडियोज़ द्वारा, बावजा स्टूडियोज़ और डॉग ‘एन’ बोन पिक्चर्स के सहयोग से निर्मित, यह ट्रेलर एक दमदार और रोमांच से भरी पीछा करने वाली थ्रिलर कहानी दिखाता है, जिसकी पृष्ठभूमि उत्तर प्रदेश के रॉबर्ट्सगंज में बनी है। कहानी में इंस्पेक्टर विश्वास भगवत/भागवत (अरशद वारसी) को दिखाया गया है, जो खौफनाक हत्याओं की श्रृंखला की जाँच करते हैं और साथ ही अपने भीतर के संघर्ष से भी जूझते हैं। कहानी में और रहस्य जोड़ते हुए, जितेंद्र कुमार एक बिल्कुल नए और अनोखे रूप में नजर आएंगे, वे राजकुमार सिरतिया का किरदार निभा रहे हैं, जो बाहर से एक आम इंसान लगता है लेकिन उसके भीतर कई चौंकाने वाले राज छिपे हैं। अरशद वारसी ने कहा, ‘‘भागवत चैप्टर वन: राक्षस निभाना मेरे लिए एक बेहद गहरा और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा, लेकिन यह मेरे करियर का सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक भी है। वह आपका आम हीरो नहीं है, वह दोषपूर्ण, क्रोधित और अपने अतीत से परेशान है, फिर भी न्याय कायम करने के लिए संकल्पित है। ट्रेलर आपको उनके जीवन की एक झलक दिखाता है, लेकिन फिल्म आपको उनके संघर्ष और साहस की पूरी यात्रा से परिचित कराएगी। मेरे लिए भगवत/भागवत चैप्टर वन: राक्षस को खास बनाने वाली बात यह है कि यह सिर्फ किसी अपराध को सुलझाने की कहानी नहीं है, बल्कि अपने अंदर की लड़ाइयों का सामना करने की कहानी है। मैं दर्शकों को इस यात्रा का अनुभव करने के लिए उत्साहित हूँ और मुझे पूरा विश्वास है कि यह उन्हें आखिरी पल तक पूरी तरह बांधे रखेगी।” जितेंद्र कुमार ने कहा,भागवत चैप्टर वन: राक्षस में यह भूमिका मेरे अब तक किए गए किसी भी किरदार से बिल्कुल अलग है। समीर एक ऐसा किरदार है जिसमें कई पहलू हैं -बाहर से साधारण, कभी-कभी संवेदनशील और रोमांटिक भी, लेकिन इसके भीतर जटिल और कहीं अधिक असहज परतें छिपी हुई हैं। इसे निभाना मुझे उस छवि से बाहर आने का अवसर मिला, जिससे दर्शक मुझे आमतौर पर जोड़ते हैं, और यह मेरे लिए एक अभिनेता के रूप में चुनौतीपूर्ण और मुक्तिदायक अनुभव दोनों रहा। ट्रेलर केवल उनके जटिल व्यक्तित्व की एक झलक दिखाता है, और मैं उत्सुक हूँ कि जी5 के दर्शक उनकी पूरी यात्रा का अनुभव करें। ट्रेलर लॉन्च को खास बनाने वाली सबसे बड़ी बात यह थी कि इसे दिल्ली में हजारों लोगों के बीच लाइव देखना, उनकी ऊर्जा, जय-जयकार और हमारे चारों ओर अच्छाई और बुराई का प्रतीक-सभी ने मिलकर भगवत/भागवत को दुनिया के सामने पेश करने का एक परिपूर्ण अनुभव बना दिया।” भागवत चैप्टर वन: राक्षस 17 अक्टूबर से सिर्फ जी5 पर स्ट्रीम होगी।  

कफ सिरप से बच्चों की मौत का मामला गंभीर, एनसीडीसी ने जांच के लिए लिए नमूने

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छिंदवाड़ा  सर्दी खांसी के चलते दूषित कप सिरप पीने से छिंदवाड़ा जिले में किडनी फेल होने से पिछले 20 दिनों में सात बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर बच्चों ने नागपुर के निजी अस्पतालों में दम तोड़ा। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने कहा है कि आरंभिक जांच रिपोर्ट में दूषित कप सीरप से बच्चों की किडनियां फेल होने से मौतें हुई हैं। संबंधित कप सिरप को जिले में प्रतिबंधित कर दिया गया है। मामले में आगे जांच जारी है। हालांकि, सवाल यह है कि जिले में कफ सिरप पर पाबंदी लगा दी गई है, लेकिन इस दूषित दवा को बेचने वाले और बनाने वालों को कौन सजा देगा? उन्हें सरकारी कार्रवाई की खुराक कब मिलेगी? छिंदवाड़ा के सीएमएचओ डॉ. नरेश गुन्नाडे ने बताया कि पहला संदिग्ध मामला 24 अगस्त को सामने आया था। 4 सितंबर से 26 सितंबर के बीच परासिया क्षेत्र में 6 मासूमों की मौत हुई है। 5 बच्चे अभी भी छिंदवाड़ा और नागपुर के अस्पतालों में भर्ती हैं। 27 सितंबर को बच्चों के सैंपल पुणे लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आ सकेगी। छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पवन नांदुलकर ने बताया कि जिन बच्चों की मौत हुई है, उनमें से कई की किडनी बायोप्सी जांच कराई गई। इसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कफ सिरप में मिला डायएथिलीन ग्लायकॉल दूषित पाया गया है। यही सिरप इन बच्चों को दिया गया था, जिससे उनकी किडनी फेल हुई। छिंदवाड़ा में बच्चों की मौतों के मामले में नागपुर लैब से आई किडनी बायोप्सी रिपोर्ट में टॉक्सिन मीडिएटेड इंजरी की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि संभावित रूप से डाय एथिलीन ग्लाइकोल (डीईजी) से सिरप में कंटेमिनेशन हुआ हो सकता है, जिससे बच्चों की किडनी पर घातक असर पड़ा।  दोनों राज्यों को मिलाकर अब तक कुल 11 मौतें हुई हैं. छिंदवाड़ा में परासिया के अनुविखीभागीय दंडाधिकारी शुभम यादव ने बताया कि कल देर रात तक छिंदवाड़ा में नौ बच्चों की मौत हो चुकी है. उन्होंने बताया कि एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. 1 अक्टूबर तक छह मौतें दर्ज की गई थीं. रोग निगरानी के लिए सरकार की नोडल एजेंसी, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के अस्पतालों और अन्य स्थलों से पानी और कीटविज्ञान संबंधी दवाओं के नमूने कलेक्ट किए हैं, जहां कथित रूप से दूषित कफ सिरप के सेवन के कारण गुर्दे की विफलता से कई बच्चों की मौत हो गई थी. राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खीमसर ने बच्चों की मौत पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि माताओं द्वारा दी गई दवाइयां सरकारी सिफारिश या अस्पताल के प्रिस्क्रिप्शन से नहीं थीं. उन्होंने कहा कि ऐसे हादसे होने पर विभाग की कोई भूमिका नहीं होती है, क्योंकि यह उनके दायरे से बाहर है. 'स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं…' गजेंद्र सिंह खीमसर ने बच्चों की मौत के मामले पर बयान दिया है. मंत्री ने कहा, "इस हादसे में स्वास्थ्य विभाग का कोई रोल नहीं है. यह उनके डिपार्टमेंट के दायरे से बाहर है. यह हादसा उन दवाइयों से हुआ है, जो माताओं ने बच्चों को दीं. ये दवाइयां सरकारी अस्पताल के प्रिस्क्रिप्शन या सिफारिश से नहीं थीं." दायरे से बाहर, फिर भी करेंगे जांच… मंत्री खीमसर ने इस पूरे मामले को विभाग के दायरे से बाहर बताया है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि फिर भी वह जब जयपुर जाएंगे तो इसकी और जांच करेंगे. उन्होंने साफ किया कि माता-पिता द्वारा बिना सरकारी सिफारिश के दवा देने से हुए इस हादसे की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की नहीं है. पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि परीक्षण के नतीजे आने के बाद, उन्हें राज्य औषधि अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा. सूत्रों ने पीटीआई को बताया, "राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम (आरएमएससीएल) ने सिरप के 19 बैचों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है और स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों, डॉक्टरों और दवा संचालकों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है."