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Drishti Sharma

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भारत–दक्षिण कोरिया CEPA वार्ता फिर शुरू करने पर सहमति, व्यापार संबंधों को मिलेगा नया आयाम

भारत और दक्षिण कोरिया ने अपने आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के व्यापार, उद्योग और संसाधन मंत्रालय (MOTIR) के व्यापार मंत्री येओ हान-कू के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच पहले से लागू व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को उन्नत बनाने और उसकी वार्ताओं को दोबारा शुरू करने पर सहमति बनी।

CEPA समझौते को अपग्रेड करने पर जोर

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच CEPA समझौता जनवरी 2010 से लागू है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना था। हालांकि, बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य और नई आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए अब इस समझौते को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुसार अपडेट करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

बैठक के बाद पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों पक्षों ने CEPA को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वार्ताओं को पुनः शुरू करने और इसमें सुधार लाने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की।

औद्योगिक सहयोग और नई संभावनाएं

इस उच्चस्तरीय बैठक में केवल व्यापार समझौते तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि दोनों देशों ने औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के नए अवसरों पर भी विचार किया। विशेष रूप से हरित ऊर्जा (Green Energy), डिजिटल व्यापार (Digital Trade) और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

दोनों पक्षों ने माना कि आने वाले समय में इन क्षेत्रों में सहयोग से न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार और नवाचार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का भारत दौरा

दक्षिण कोरिया के व्यापार मंत्री येओ हान-कू इस समय राष्ट्रपति ली जेई मियूंग के साथ भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। उनके साथ कोरिया के प्रमुख उद्योगपतियों और व्यापारिक संगठनों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।

यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत–दक्षिण कोरिया संबंधों का भविष्य

दोनों देशों के बीच सहयोग पहले से ही जारी है।अब CEPA समझौते के उन्नयन के साथ उम्मीद की जा रही है कि व्यापार की बाधाएं कम होंगी और दोनों देशों के बीच व्यापार मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वार्ता सफल रहती है, तो भारत–दक्षिण कोरिया आर्थिक साझेदारी एशिया में एक मजबूत व्यापारिक मॉडल के रूप में उभर सकती है।इस बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भारत और दक्षिण कोरिया अपने आर्थिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए तैयार हैं। CEPA वार्ता की पुनः शुरुआत और सहयोग के नए क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना दोनों देशों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ लेकर आ सकता है।

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