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बस्तर में अमित शाह की मौजूदगी, मुरिया दरबार में स्थानीय नेताओं के साथ की चर्चा

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जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दशहरा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जदगलपुर पहुंच चुके हैं। यहां उन्होंने मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने बस्तर के लोगों से बातचीत की। इसके बाद गृहमंत्री ने मां दंतेश्वरी के दर्शन किए। इसके बाद यहां से सीधे पास स्थित सिराहसारा भवन में मुरिया दरबार में मांझी, चालकी, गायता, पे से मिलकर उन्हें संभोधित कर रहे हैं। केंद्रीय गृहमंत्री मूरिया दरबार, लाल बाग में प्रदर्शनी का अवलोकन, बस्तर दशहरा लोकोत्सव कार्यक्रम में शामिल होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री के साथ में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा भी पहुंचे हैं। बता दें कि बस्तर दशहरे की ऐतिहासिक परंपरा मुरिया दरबार इस बार और भी विशेष होने जा रहा है। शाह ऐसे दौर में बस्तर आ रहे हैं, जब माओवाद के खात्मे का अंतिम अध्याय लिखा जा रहा है और केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकार क्षेत्र की संस्कृति व परंपराओं को नई पहचान देने में जुटी है। दरबार में वे 80 परगनाओं से आए मांझी-मुखियाओं से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। यह पहला अवसर होगा जब कोई केंद्रीय गृहमंत्री इस पारंपरिक दरबार में जनजातीय प्रतिनिधियों से आमने-सामने बातचीत करेगा। विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरे की यह परंपरा 145 वर्षों से जारी है और आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। शाह की मौजूदगी इसे ऐतिहासिक बना रही है। माओवाद पर सख्त संदेश, जनजातीय समाज को प्राथमिकता अमित शाह जब से माओवाद के खात्मे के लिए 30 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय कर चुके हैं, तब से वे देश के इतिहास में सर्वाधिक बार बस्तर आने वाले गृहमंत्री बन गए हैं। बीते 22 महीनों में यह उनका छठा बस्तर दौरा होगा। हर बार उन्होंने माओवादियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि समर्पण ही एकमात्र रास्ता है, अन्यथा सुरक्षा बल सख्त जवाब देंगे। कई अवसरों पर वे माओवादियों को भाई कहकर भी संबोधित कर चुके हैं। बस्तर अब माओवाद मुक्त होने की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ऐसे में दशहरे के मौके पर शाह का प्रवास विशेष महत्व रखता है। इससे पहले 5 अप्रैल 2025 को वे दंतेवाड़ा में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ (मेला) में शामिल हुए थे और मंच से आदिवासी अस्मिता व संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का संकल्प लिया था। इस बार वे उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए सनातन आस्था और आदिवासी परंपरा के अद्वितीय संगम बस्तर दशहरा का हिस्सा बनेंगे। मुरिया विद्रोह से जुड़ी है परंपरा 1876 से पहले बस्तर दशहरे के दौरान मांझी-मुखिया और ग्रामीण राजमहल में ठहरते थे और राजा का दरबार लगता था। उसी दौरान अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों और जंगल पर जनजातीय अधिकारों पर अंकुश के विरोध में झाड़ा सिरहा के नेतृत्व में मुरिया जनजाति ने ऐतिहासिक विद्रोह छेड़ा। 8 मार्च 1876 को सिरोंचा के डिप्टी कमिश्नर मैक जॉर्ज को आंदोलनकारियों के सामने झुकना पड़ा और राजस्व-प्रशासनिक सुधार लागू करने पड़े। यही विद्रोह जनजातीय एकता और अधिकारों की रक्षा का प्रतीक बना। इसके बाद से दशहरे के अवसर पर राजमहल के राजा दरबार की जगह झाड़ा सिरहा की गुड़ी में ‘मुरिया दरबार‘ लगने लगा। 1965 तक महाराजा स्व. प्रवीरचंद्र भंजदेव स्वयं इसकी अध्यक्षता करते रहे। बाद में यह परंपरा शासन-प्रशासन की उपस्थिति में जारी रही।

ऑस्ट्रेलिया दौरा 2025: शुभमन गिल को मिली वनडे कमान, रोहित और कोहली भी टीम में बरकरार

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नई दिल्ली भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी धरती पर अक्टूबर-नवंबर में तीन वनडे और पांच टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं. इसके लिए आज भारतीय टीम की घोषणा हो गई है. शुभमन गिल को टेस्ट के बाद वनडे का भी कप्तान बनाया गया है. टीम सेलेक्शन के लिए अहमदाबाद में चयनकर्ताओं की मीटिंग हुई है. जिसमें टीम को लेकर मंथन किया गया. गिल ने वनडे कैप्टन के तौर पर रोहित शर्मा की जगह ली है. भारत की वनडे टीम: शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर (उप-कप्तान), अक्षर पटेल, केएल राहुल (विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), यशस्वी जायसवाल. भारत की टी20 टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल (उप-कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (WK), वरुण चक्रवर्ती, जसप्रित बुमरा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, संजू सैमसन (WK), रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर. वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा को भी शामिल किए जाने की संभावना है. ये दोनों दिग्गज टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं. ऐसे में दोनों सिर्फ एक फॉर्मेट में भारत के लिए खेलने के योग्य हैं. रोहित और विराट ने भारत के लिए आखिरी बार आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी में खेलते दिखे थे. तब भारत ने न्यूजीलैंड को मात देकर खिताब जीता था. विराट कोहली और रोहित शर्मा ने मिलकर ओडीआई क्रिकेट में 25 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं, जिसमें 83 शतक शामिल रहे. लेकिन अब बड़ा सवाल यही है कि क्या ये दोनों महान बल्लेबाज 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक खेल पाएंगे. इस मेगा टूर्नामेंट में अभी दो साल का वक्त बाकी है.  तब तक रोहित शर्मा की उम्र 40 पार कर जाएगी, जबकि विराट कोहली की उम्र भी 39 के करीब होगी. 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित की उम्र चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन किंग कोहली की फिटनेस बेहतरीन है. ऐसे में यह संभावना मजबूत है कि वह 2027 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हिस्सा बन सकते हैं. भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे का फुल शेड्यूल 19 अक्टूबर: पहला वनडे, पर्थ 23 अक्टूबर: दूसरा वनडे, एडिलेड 25 अक्टूबर: तीसरा वनडे, सिडनी 29 अक्टूबर: पहला T20, कैनबरा 31 अक्टूबर: दूसरा T20, मेलबर्न 2 नवंबर: तीसरा T20, होबार्ट 6 नवंबर: चौथा T20, गोल्ड कोस्ट 8 नवंबर: पांचवां T20, ब्रिस्बेन

मप्र में Coldrif सिरप प्रतिबंधित, CM का ऐलान – बच्चों की जान लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

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भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने Coldrif सिरप को पूरे प्रदेश में बैन कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि एमपी में इस सिरप की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के अन्य उत्पादों पर भी प्रदेश में बैन लगाया जा रहा है। छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कोल्ड्रिफ सिरप के सेवन से हुई बच्चों की दर्दनाक मौत पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। इसे पूरे प्रदेश में बैन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्राप्त हुई जांच रिपोर्ट के बाद प्रदेश सरकार ने ये फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई है और दोषियों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि अब मध्यप्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप के कारण हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। इस सिरप की बिक्री को पूरे मध्यप्रदेश में बैन कर दिया है। सिरप को बनाने वाली कंपनी के अन्य प्रोडक्ट की बिक्री पर भी बैन लगाया जा रहा है। सिरप बनाने वाली फैक्ट्री कांचीपुरम में है, इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को जांच के लिए कहा था। आज सुबह जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है। बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया फैसला इस सिरप निर्माण करने वाली फैक्ट्री तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है। छिंदवाड़ा में बच्चों की मौत की दुखद घटना के बाद एमपी सरकार ने तमिलनाडु सरकार से जांच कराने का अनुरोध किया था। आज सुबह प्राप्त जांच रिपोर्ट में सिरप में खतरनाक रसायनों की मौजूदगी और गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन पाया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप के साथ इस कंपनी के अन्य प्रोडक्ट्स को भी बैन किया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जानकारी दी कि स्थानीय स्तर पर जांच और कार्रवाई पहले से जारी थी और अब राज्य स्तर पर भी एक विशेष जांच टीम गठित कर दी गई है। छिंदवाड़ा में सिरप से गई मासूम बच्चों की जान बता दें कि सितंबर माह में छिंदवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में कई बच्चों को सर्दी-खांसी के इलाज के लिए यही कोल्ड्रिफ सिरप दिया गया। इसके बाद बच्चों में गंभीर लक्षण जैसे उल्टी, पेट दर्द, बेहोशी सहित कई लक्षण देखे गई। प्रारंभिक जांच में सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे विषाक्त पदार्थों की मौजूदगी का संदेह जताया गया, जो किडनी और लीवर को नुकसान पहुंचाते हैं। अब तक इस घटना में 9 बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य कई अब भी अस्पताल में भर्ती हैं। इस घटना के बाद जांच रिपोर्ट आने पर अब मध्यप्रदेश में कोल्ड्रिफ सिरप बैन कर दिया गया है।

जल संकट से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, चेकडैम, तालाब, ब्लास्टकूप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर

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एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर चेकडैम, तालाब और ब्लास्टकूप निर्माण को बनाएं जनांदोलन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) के कार्यों की समीक्षा की  जल संकट से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, चेकडैम, तालाब, ब्लास्टकूप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर    जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने जताई गहरी चिंता, कहा- चेकडैम, तालाब निर्माण और ब्लास्टकूप राष्ट्रीय आवश्यकता है    बोले मुख्यमंत्री- 6,448 चेकडैमों से 1.28 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता और भूजल रिचार्ज बढ़ा    मुख्यमंत्री ने कहा- 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए  – बोले मुख्यमंत्री- 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करें   मुख्यमंत्री ने कहा- वर्ष 2017 में 82 अतिदोहित क्षेत्र घटकर 2024 में 50, क्रिटिकल क्षेत्र 47 से घटकर 45   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि जल संकट आज हमारी सामूहिक चिंता का विषय बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप वर्षा जल को रोककर धीरे-धीरे उसे भूमि में समाहित होने देते हैं। यह केवल स्थानीय प्राथमिकता नहीं है बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है। चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप केवल पानी रोकने की व्यवस्था नहीं बल्कि समेकित जल प्रबन्धन है, जो बड़े बांधों की तुलना में यह काफी किफायती है। उन्होंने निर्देशित किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर जनांदोलन बनाते हुए चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराएं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विभिन्न भागों स्थानीय/बरसाती नदी/ नालों में विभाग द्वारा अद्यतन 6,448 चेकडैमों का निर्माण किया जा चुका है। प्रत्येक चेकडैम से औसतन 20 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता विकसित होती है। इस प्रकार निर्मित चेकडैमों से कुल 1,28,960 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई है और हर साल 10 हजार हेक्टेयर मीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से अन्नदाता किसान वर्ष में दो से तीन फसल लेने में सक्षम हुए हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संचयन और ग्राउंड वाटर रिचार्जिंग की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक 1,002 चेकडैमों की डी-सिल्टिंग और मरम्मत कर उनकी क्षमता में वृद्धि की गई है। इसी तरह प्रदेश के 1 से 5 हेक्टेयर के 16,610 तालाबों में से 1,343 का पुनर्विकास और जीर्णोद्धार किया गया है, वहीं वर्ष 2017-2025 तक 6192 ब्लास्टकूप के माध्यम से 18576 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बरसात से पहले यानी 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए, ताकि तालाब रिचार्ज के लिए तैयार हो सकें। बरसात के बाद इन्हें मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए उपयोग में लाकर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।   रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए यह कदम निर्णायक साबित होगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 तक प्रदेश में 82 अतिदोहित और 47 क्रिटिकल क्षेत्र थे। सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में यह घटकर 50 अतिदोहित और 45 क्रिटिकल क्षेत्र रह गए हैं, जो संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में और तेजी लाकर आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों को पूरी तरह सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास होना चाहिए।   उन्होंने कहा कि जैसे "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप दिया है, वैसे ही चेकडैम और तालाब निर्माण भी सामूहिक प्रयासों से बड़े स्तर पर संचालित किया जाए। यह न केवल जल संकट से निपटने में सहायक होगा, बल्कि प्रदेश की कृषि, मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में तालाबों, ब्लास्टकूपों और चेकडैमों की फोटोग्राफिक डॉक्यूमेंटेशन कराएं। साथ ही जनता को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग को लेकर प्रदेश सरकार का संकल्प अटल है और इसे समाज की भागीदारी से एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी बोले वाटर कंजर्वेशन की हो समुचित व्यवस्था, इससे डार्क जोन वाले क्षेत्रों में होगा सुधार

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नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनाएं वैज्ञानिक पद्धति – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए दिशा-निर्देश  मुख्यमंत्री योगी बोले वाटर कंजर्वेशन की हो समुचित व्यवस्था, इससे डार्क जोन वाले क्षेत्रों में होगा सुधार  भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में वाटर कंजर्वेशन महत्वपूर्ण- मुख्यमंत्री – रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को मिले सिंचाई की सुविधा  सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और वाटर कंजर्वेशन की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है। इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके। साथ ही, कटान रोकने के लिए सिल्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए। इससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नलकूपों के आधुनिकीकरण व जीर्णोद्धार के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता न किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।

धमाकेदार जीत के बावजूद टॉप-2 से बाहर भारत, इस टीम ने दिखाई अपनी ताकत

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अहमदाबाद शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए पहले मुकाबले में पारी और 140 रनों से हराकर दो मैच की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। इस जीत से भारत को वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में फायदा मिला है। डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में भारत का जीत का प्रतिशत तो बढ़ा है, मगर पोजिशन में किसी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। वेस्टइंडीज पर मिली यह धमाकेदार जीत भी भारत को WTC पॉइंट्स टेबल के टॉप-2 में जगह नहीं दिला पाई। टीम इंडिया अभी भी तीसरे पायदान पर है। वहीं श्रीलंका दूसरे तो ऑस्ट्रेलिया पहले पायदान पर है। ऑस्ट्रेलिया का फिलहाल राज बरकरार है क्योंकि कंगारू ना तो कोई मैच हारे हैं और ना ही उनका कोई मैच ड्रॉ हुआ है। वेस्टइंडीज के खिलाफ इस टेस्ट मैच से पहले भारत का जीत का प्रतिशत 46.67 का था जो अब बढ़कर 55.56 का हो गया है। वहीं वेस्टइंडीज की टीम इस चक्र में अभी भी पहली जीत को तरस रही है। वेस्टइंडीज ने अभी तक 4 मैच खेले हैं और सभी में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। बात ऑस्ट्रेलिया की करें तो उनके खाते 100 प्रतिशत अंक है, वहीं श्रीलंका के खाते में 66.67 प्रतिशत अंक है। कैसा रहा IND vs WI मैच? टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारत ने दो सेशन के अंदर मात्र 162 पर ढेर कर दिया। मोहम्मद सिराज ने इस दौरान 4 तो जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट चटकाई। इसके बाद बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 5 विकेट के नुकसान पर 448 रन बोर्ड पर लगाकर पारी घोषित कर दी और 286 रनों की बढ़त हासिल की। भारत के लिए केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने शतक जड़े। जडेजा अंत तक नाबाद रहे, वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अर्धशतकीय पारी खेली। तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत ने पारी घोषित कर दी थी जिससे उनकी मंशा साफ हो गई थी कि वह मैच को चौथे दिन तक नहीं ले जाना चाहते। गेंदबाजों ने ऐसा करके भी दिखाया। एक बार फिर वेस्टइंडीज को भारत ने दो सेशन के अंदर 146 रनों पर समेट मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया।  

वेस्टइंडीज ढेर, जडेजा की धाकड़ परफॉर्मेंस से भारत ने दर्ज की बड़ी जीत

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अहमदाबाद  शुभमन गिल की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने दो मैच की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में वेस्टइंडीज को पारी और 140 रनों के बड़े अंतर से धूल चटाई। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने 1-0 की बढ़त बना ली है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम को भारत ने दो सेशन के अंदर मात्र 162 पर ढेर कर दिया।  मोहम्मद सिराज ने इस दौरान 4 तो जसप्रीत बुमराह ने तीन विकेट चटकाई। इसके बाद बैटिंग करने उतरी टीम इंडिया ने 5 विकेट के नुकसान पर 448 रन बोर्ड पर लगाकर पारी घोषित कर दी और 286 रनों की बढ़त हासिल की। भारत के लिए केएल राहुल, ध्रुव जुरेल और रवींद्र जडेजा ने शतक जड़े। जडेजा अंत तक नाबाद रहे, वहीं कप्तान शुभमन गिल ने अर्धशतकीय पारी खेली। तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले भारत ने पारी घोषित कर दी थी जिससे उनकी मंशा साफ हो गई थी कि वह मैच को चौथे दिन तक नहीं ले जाना चाहते। गेंदबाजों ने ऐसा करके भी दिखाया। एक बार फिर वेस्टइंडीज को भारत ने दो सेशन के अंदर 146 रनों पर समेट मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया। जडेजा ने 4 तो सिराज को तीन सफलताएं मिली। कुलदीप यादव को मिली आखिरी विकेट, भारत जीता कुलदीप यादव ने वेस्टइंडीज का आखिरी विकेट गिराकर भारत की झोली में जीत डाली। रवींद्र जडेजा पंजे से चूके, हालांकि इस मैच में उनका ऑलराउंड परफॉर्मेंस काफी अच्छा रहा। कुलदीप यादव ने 2 तो सिराज ने तीन विकेट निकाले। भारत ने वेस्टइंडीज को 146 रनों पर आउट कर मैच को पारी और 140 रनों से अपने नाम किया। सील्स का तूफान 11वें नंबर पर बैटिंग करने आए सील्स निडर होकर बैटिंग कर रहे हैं। वह 9 गेंदों पर 19 के निजी स्कोर पर पहुंच गए हैं। भारत जीत से एक विकेट दूर है।

अमित शाह के भरोसेमंद जगदीश विश्वकर्मा बने गुजरात BJP के नए अध्यक्ष

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नई दिल्ली गुजरात BJP के नए अध्यक्ष के तौर पर गुजरात के मंत्री और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेता जगदीश विश्वकर्मा के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। उन्हें निर्विरोध इस पद के लिए चुना गया है। शुक्रवार को इस पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने वाले वह एकमात्र उम्मीदवार रहे। विश्वकर्मा को प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने की आधिकारिक घोषणा शनिवार को गांधीनगर स्थित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश कार्यालय में हुई। इस दौरान राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा, मैं उनके प्रति अपार सम्मान रखता हूं और मेरा मानना ​​है कि वह एक जमीनी कार्यकर्ता हैं जो राज्य की जनता के लिए काम करते रहेंगे। उनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि नहीं है और आज वह गुजरात भाजपा अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। ऐसा केवल भाजपा में ही संभव है। 52 साल के जगदीश विश्वकर्मा अहमदाबाद की निकोल सीट से तीन बार के विधायक हैं। वह वर्तमान में सहकारिता, नमक उद्योग, एमएसएमई, कुटीर, खादी और ग्रामीण उद्योग राज्य मंत्री हैं। विश्वकर्मा इससे पहले भाजपा की अहमदाबाद नगर इकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं। वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के करीबी भी माने जाते हैं। विश्वकर्मा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और नवसारी से लोकसभा सदस्य सी आर पाटिल का स्थान लेंगे, जिनका तीन साल का कार्यकाल जुलाई 2023 में समाप्त हो गया था। कौन हैं जगदीश विश्वकर्मा जगदीश विश्वकर्मा का राजनीतिक सफर बूथ लेवल कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुआ था। इसके बाद जिला स्तर पर भी कई जिम्मेदारियां निभाने के बाद वह विधायक बनें। वह 2012 से लगातार निकोल विधानसभा सीट से 3 बार विधायक चुने गए। वह ओबीसी वर्ग से आते हैं और इस समुदाय पर उनकी अच्छी पकड़ है।  

मोहन भागवत के आगमन पर सतना-मैहर बने नो-फ्लाइंग जोन, सुरक्षा में जुटे 500 से ज्यादा जवान

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सतना/मैहर   मध्य प्रदेश के सतना और मैहर जिले में आज से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत के दो दिवसीय दौरे हैं, जिसे देखते हुए दोनों जिलो के कलेक्टरों ने पूरे इलाके को रेड जोन के साथ-साथ नो-फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। जारी आदेश के तहत 4 अक्टूबर शनिवार की सुबह 4 बजे से रात 8 बजे तक ड्रोन, पैराग्लाइडर और हॉट एयर बैलून उड़ाने तक पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। आपको बता दें कि, संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 4 और 5 अक्टूबर को सतना और मैहर दौरे पर हैं। उनकी सुरक्षा के लिए जेड प्लस सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दोनों जगहों पर करीब 500 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। इनमें सतना में 350 और मैहर में 150 जवान शामिल हैं। सुरक्षा की कमान 5 एडिशनल एसपी और 15 डीएसपी को सौंपी गई है। ऐसा रहेगा कार्यक्रम संघ प्रचार प्रमुख विनोद कुमार ने बताया कि वे 3 अक्टूबर को नागपुर से इतवारी–रीवा ट्रेन से रवाना होकर 4 अक्टूबर की सुबह मैहर पहुंचेंगे। यहां वे मां शारदा देवी के दर्शन करेंगे और फिर सतना आएंगे। 5 अक्टूबर को प्रवास के दूसरे दिन सुबह 10:30 बजे वे सिंधी कैंप स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद सुबह 11 बजे बीटीआई मैदान में आयोजित विशाल सभा को संबोधित करेंगे। इस सभा में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और आमजन शामिल होंगे। मोहन भागवत के दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट रीवा पुलिस जोन के साथ-साथ जबलपुर से भी अतिरिक्त फोर्स बुलाया गया है। सुरक्षा इंतजामों में कोई कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। भागवत के प्रवास के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 5 मेडिकल टीम बनाई हैं। इनमें विशेषज्ञ डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्सिंग स्टाफ को शामिल किया गया है। ये टीमें पूरे प्रवास के दौरान अलग-अलग जगहों पर तैनात रहेंगी। बाबा मेहरशाह दरबार साहिब का लोकार्पण 5 अक्टूबर को प्रवास के दूसरे दिन सुबह 10:30 बजे वे सिंधी कैंप स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब का लोकार्पण करेंगे। यहां से सुबह 11 बजे बीटीआई मैदान में आयोजित विशाल सभा को संबोधित करेंगे। सभा में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के साथ-साथ आम लोगों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन का अलर्ट जारी मोहन भावत के इस दो दिवसीय दौरे को लेकर सतना और मैहर के साथ साथ रीवा पुलिस जोन और जबलपुर तक से अतिरिक्त पुलिस फोर्स तैयान की गई है। सुरक्षा इंतजामों में कोई कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। भागवत के प्रवास के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 5 मेडिकल टीमें बनाई हैं। इनमें विशेषज्ञ डॉक्टर, फार्मासिस्ट और नर्सिंग स्टाफ को शामिल हैं। ये टीमें भागवत के पूरे प्रवास के दौरान हर जगह उनके आसपास ही तैनात रहेंगी। दूसरे दिन यानी 5 अक्टूबर को उनका दौरा सतना के सिंधी कैंप में स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब के उद्घाटन से शुरू होगा. ये दरबार साहिब सिख समुदाय का महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है और इसका लोकार्पण सामाजिक एकता का संदेश देगा. इसके बाद भागवत बीटीआई ग्राउंड में एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे, जिसमें हजारों स्वयंसेवक और आम लोग मौजूद होंगे. सुरक्षा व्यवस्था सख्त सुरक्षा के लिए दोनों जगह पुलिस बल तैनात किया गया है. सतना के जिला कलेक्टर ने बताया कि सभी कार्यक्रमों पर निगरानी रखी जा रही है और ट्रैफिक व पार्किंग का भी पूरा ध्यान रखा गया है. मोहन भागवत के पिछले दौरे की तरह इस बार भी उनके भाषण सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन सकते हैं.

जानलेवा सिरप पर कार्रवाई: मध्यप्रदेश में बैन हुई कोल्ड्रिफ और नेक्स्ट्रो-डीएस, तमिलनाडु में पहले ही लगी थी रोक

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छिंदवाड़ा   मध्य प्रदेश में बच्चों की मौत से जुड़े कफ सिरप के सैंपल में किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले कोई टॉक्सिन नहीं मिला है। यह जानकारी शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से दी गई। मामले में 3 टीमें जांच में जुटी हैं। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, द सेंट्रल ड्रग्स स्टेंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन सहित अन्य एजेंसियों ने बच्चों की मौत की खबर के बाद मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से कफ सिरप के सैंपल कलेक्ट किए। हालांकि जांच में पता चला कि किसी भी सेंपल में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल या एथिलीन ग्लाइकॉल नहीं था। राज्य के अधिकारियों ने भी इन तीनों दूषित पदार्थों की अनुपस्थिति की पुष्टि के लिए नमूनों का परीक्षण किया। इस बीच खुलासा हुआ है कि जो सिरप सप्लाई की गई थी, उन्हें जबलपुर से भेजा गया था। हालात की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर ने COLDRIF SYRUP और Nastro- DS सिरप पर बैन लगा दिया है। छिंदवाड़ा में श्री सन फार्मा कंपनी के मैनेजर की डिमांड पर महाकौशल डीलर कटारिया फार्मास्यूटिकल से इस कफ सिरप की सप्लाई होती थी। खास बात यह है कि कोल्ड्रिफ सिरप के लिए पूरे महाकौशल में से सिर्फ छिंदवाड़ा से ही डिमांड आती थी। दूसरी ओर, मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2023 में डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस ने सभी राज्यों को पत्र भेजकर बताया था कि इस फाॅर्मूले की दवा 4 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दिया जाना चाहिए। इसके बावजूद छिंदवाड़ा के डॉक्टरों द्वारा यह दवा लिखी गई। जिन 9 मासूमों की मौत हुई है, उनमें से 7 की उम्र 4 साल या उससे कम है। जबकि 2 अन्य बच्चे भी 5 साल के ही है। इधर, अब तक एकत्रित किए गए 19 सैंपल में से 9 की रिपोर्ट आई गई है। जांच में इन सभी को 'ओके' कैटेगरी में रखा गया है। यानी इनमें गड़बड़ी होने की बात सामने नहीं आई है। हालांकि, अबतक कोल्ड्रिफ और नेक्सा-डीएस की रिपोर्ट नहीं आई है। 'दो साल से कम उम्र के बच्चों को ना दे सर्दी-खांसी की दवा' हालांकि, केंद्र ने बच्चों के लिए कफ सिरप के उपयोग को सीमित करने के लिए एक सलाह दी है। विशेष रूप से, डायरेक्टर जनरल ऑफ हेल्थ सर्विस ने कहा है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी और सर्दी की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए और आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी ये दवाएं सही नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी     बच्चों के लिए कफ सिरप के उपयोग को सीमित करें।     दो साल से कम उम्र के बच्चों को ना दे सर्दी-खांसी की दवा।     पांच साल से कम उम्र के बच्चों में भी दवा आम तौर पर न दें।      पांच साल से कम उम्र के बच्चों को दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।     डॉक्टर सिरप देने के बजाए पहले बिना दवा के राहत के उपायों को बताएं।      बच्चों को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ, सही देखभाल और भाप लगाएं और गरम पानी पिलाएं।     बच्चों में खांसी के ज्यादातर मामले अपने आप ही ठीक होने वाली बीमारियां हैं जो बिना दवा के ठीक हो जाती हैं। किडनी फेल होने से हुई 9 बच्चों की मौत मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 15 दिनों के अंदर किडनी फेल होने से 9 मासूमों की मौत के बाद बड़ा खतरा उभरकर सामने आया। शुरुआती जांच से पता चला कि कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल, एक जहरीला पदार्थ, मिला हुआ था। किडनी बायोप्सी से बच्चों के शरीर में डायथिलीन ग्लाइकॉल की पुष्टि हुई। ज्यादातर पीड़ितों को कोल्ड्रिफ और नेक्स्ट्रो-डीएस सिरप दिए गए थे। घटना की जानकारी सामने आते ही छिंदवाड़ा के कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने तुरंत पूरे जिले में इन दोनों सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी और डॉक्टरों, दवा की दुकानों और माता-पिता को एडवाइजरी जारी की है। 660 सिरप मंगवाई, 594 छिंदवाड़ा भेजी गई महाकौशल डीलर कटारिया फार्मास्यूटिकल ने सितंबर माह में चेन्नई की कंपनी श्री सन फार्मा से 660 कोल्ड्रिफ सिरप मंगवाई थी। जिसमें से 594 छिंदवाड़ा की तीन अलग-अलग मेडिकल शाॅप आयुष फार्मा, न्यू अपना फार्मा और जैन मेडिकल एवं जनरल स्टोर में सप्लाई की गई। बाकी 66 सिरप डीलर ने अपने ऑफिस में रख ली थी। ड्रग कंट्रोलर के निर्देश पर जबलपुर ड्रग इंस्पेक्टर (DI) शरद कुमार जैन ने शुक्रवार को नौदरा ब्रिज स्थित कटारिया फार्मास्यूटिकल ऑफिस में जांच की है। शरद कुमार जैन ने बताया कि श्री सन फार्मा कंपनी की डीलरशिप महाकौशल में सिर्फ एक ही है। इसी कंपनी की सिरप कोल्ड्रिफ मध्यप्रदेश में कहीं भी सप्लाई नहीं होती। छिंदवाड़ा में भी यह सिरप सिर्फ 3 मेडिकल शॉप पर ही भेजा जाता था। राजस्थान में भी हुई तीन बच्चों की मौत इस घटना के बाद राजस्थान में भी तीन बच्चों की मौत का कारण कफ सिरप बताया गया। हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सिरप में प्रोपिलीन ग्लाइकॉल नहीं है, जो कभी-कभी डायथिलीन या एथिलीन ग्लाइकॉल संदूषण का स्रोत हो सकता है। यह सिरप डेक्सट्रोमेथॉर्फन-आधारित फॉर्मूला था जो बच्चों के लिए नहीं है। राजस्थान से लिए गए सैंपल की हो रही जांच राजस्थान से लिए गए सैंपल की जांच की जा रही है और सिरप बनाने वाली कंपनी की भी जांच की जा रही है। राज्य सरकार ने मुफ्त में बांटे जाने वाले जेनेरिक सिरप की आपूर्ति करने वाली कंपनी केसन फार्मा के सभी उत्पादों की गहन जांच के आदेश दिए हैं। तीन टीमें कर रही हैं अलग-अलग जांच 9 बच्चों की मौत कैसे हुई? क्या कफ सिरप में ही गड़बड़ी थी? या फिर कुछ और वजह है, इसकी हकीकत जानने के लिए सेंट्रल से लेकर स्टेट और जिला स्तर की टीम अलग-अलग जांच कर रही है। CDSCO दिल्ली की टीम कफ सिरप की मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर जांच कर रही है। एक टीम चेन्नई में तो दूसरी छिंदवाड़ा में डेरा डाले हुए है। जबकि एक टीम स्टेट ड्रग कंट्रोलर के निर्देश पर बनी है। जिसमें डीआई शरद कुमार जैन (जबलपुर), देवेंद्र कुमार जैन (जबलपुर), स्वप्निल सिंह (बालाघाट), वैष्णवी तलवारे और गौरव शर्मा (छिंदवाड़ा) शामिल हैं। यह टीम 7 … Read more