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MP Police: 73 लाख की ठगी टली, “डिजिटल अरेस्ट” के झांसे से बुजुर्ग को बचाया

MP Police

MP Police 73 lakh rs fraud averted elderly man saved from digital arrest hoax भोपाल। मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और जन–जागरूकता के लिए निरंतर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत बैतूल पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” जैसे खतरनाक साइबर जाल से एक रिटायर्ड बुजुर्ग को मुक्त कराते हुए उनकी 73 लाख रुपये की जीवनभर की जमा-पूंजी को बचाया। पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से न केवल एक बड़ी ठगी रोकी गई, बल्कि साइबर अपराधियों की साजिश भी विफल हुई। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, एसडीओपी सारणी प्रियंका करचाम तथा थाना प्रभारी सारणी जयपाल इनवाती के मार्गदर्शन में पाथाखेड़ा पुलिस टीम द्वारा की गई। एफडी तुड़वाने का दबाव पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पीड़ित चैतराम नरवरे, निवासी अशोका गार्डन, भोपाल (रिटायर्ड WCL कर्मचारी) को वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयं को ईडी–सीबीआई अधिकारी बताने वाले ठगों ने झूठे मनी–लॉन्ड्रिंग आरोपों में फंसाकर भारी धनराशि देने का दवाब बनाया। ठगों ने उन्हें पाथाखेड़ा, सारणी बुलाकर होटल के कमरे में “डिजिटल अरेस्ट” रखा, परिवार से बात करने से रोका एवं बैंक में उनकी एफडी तुड़वाने का दबाव बनाया। पीड़ित अपनी एफडी तुड़वाकर ठगों को देने के लिए बैंक से RTGS फॉर्म तक लेकर आ गए थे। पीड़ित के परिजनों द्वारा लगातार संपर्क न हो पाने पर अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सहयोग नहीं किया पाथाखेड़ा पुलिस टीम ने सूचना मिलते ही तुरंत मोबाइल लोकेशन ट्रैक की, जो राजेश गेस्ट हाउस, बगडोना में मिली। पुलिस जब होटल पहुँची, तो पीड़ित चैतराम नरवरे मानसिक रूप से सदमे की स्थिति में थे और तीन दिनों से चल रहे घटनाक्रम पर विश्वास नहीं कर पा रहा थे। उन्होंने प्रारंभ में पुलिसकर्मियों का भी सहयोग नहीं किया और “डिजिटल अरेस्ट” को सच मान बैठे थे। पुलिस टीम ने धैर्यपूर्वक समझाइश देकर उनका भ्रम दूर किया तथा उन्हें सुरक्षित गेस्‍ट हाउस से बाहर निकालकर परिजनों से मिलवाया। समय पर की गई इस कार्रवाई से 73 लाख रुपये की ठगी टल गई। धमकाने का प्रयास मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई शब्द या प्रक्रिया भारतीय कानून में कहीं भी अस्तित्व में नहीं है। कोई भी जांच एजेंसी—चाहे वह पुलिस, सीबीआई, ईडी या अन्य विभाग हो—वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी व्यक्ति को न तो गिरफ्तार कर सकती है और न ही धनराशि की मांग कर सकती है। यदि कोई व्यक्ति स्वयं को पुलिस अधिकारी बताकर ऑनलाइन माध्यम से आपको डराने या धमकाने का प्रयास करता है, तो समझ लें कि यह साइबर ठगी है। कृपया ऐसी किसी भी कॉल पर विश्वास न करें, अपनी निजी/बैंकिंग जानकारी साझा न करें और तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) अथवा नजदीकी थाने को सूचना दें।

Police QR: अब कोड से थानों की ‘हकीकत’ बताएगी जनता, बढ़ेगी जवाबदेही

Police QR

Police QR codes will now tell the public the reality of police stations भोपाल। राजधानी भोपाल में पुलिस व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, संवेदनशील और जनता के प्रति जवाबदेह बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरि नारायणचारि मिश्रा ने घोषणा की है कि शहर के सभी थानों में अब विशेष क्यूआर (QR) कोड लगाए जाएंगे। यह पहल नागरिकों को सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय तक अपनी शिकायतें और फीडबैक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम प्रदान करेगी, जिससे ‘जनता बताएगी थानों की हकीकत’ का सिद्धांत धरातल पर उतरेगा। कमिश्नर की प्रेस वार्ता और नई पहल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारि मिश्रा ने बताया कि इस क्यूआर कोड का मुख्य उद्देश्य पुलिस थानों की कार्यप्रणाली पर नागरिकों की सीधी निगरानी (Citizen Surveillance) स्थापित करना है। जो भी व्यक्ति अपनी समस्या या शिकायत लेकर थाने आएगा, वह थाने के अंदर लगे इस क्यूआर कोड को स्कैन करके अपनी शिकायत के निराकरण की स्थिति, पुलिसकर्मियों के व्यवहार और दी गई सेवा की गुणवत्ता पर अपना फीडबैक (Field Back) दे सकेगा। सफलता बनी आधार कमिश्नर मिश्रा ने बताया कि यह पहल यूं ही शुरू नहीं की गई है, बल्कि इसे सफलता के ट्रैक रिकॉर्ड के बाद अपनाया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भोपाल की यातायात पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न स्थानों पर इसी तरह के क्यूआर कोड लगाए गए थे। यातायात पुलिस की इस पहल को जनता का अभूतपूर्व सहयोग मिला था, जिसके चलते यातायात पुलिस की कार्यशैली में सुधार आया और शिकायत निवारण बेहतर हुआ। यातायात पुलिस की इसी सफलता और जनता के सकारात्मक सहयोग को देखते हुए, अब पुलिस कमिश्नर ने इस प्रणाली को पूरे पुलिस थानों की व्यवस्था में लागू करने का निर्णय लिया है। थानों की निगरानी इस क्यूआर कोड व्यवस्था का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यह थानों की सीधी निगरानी सुनिश्चित करेगी। प्राप्त फीडबैक सीधे पुलिस कमिश्नर के कार्यालय को प्राप्त होंगे, जिससे थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन अधिक निष्पक्ष और वस्तुनिष्ठ तरीके से किया जा सकेगा। यदि किसी नागरिक को थाने में सहयोग नहीं मिल रहा है या शिकायत दर्ज करने में परेशानी आ रही है, तो वह तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा सकेगा। कमिश्नर ने विशेष रूप से यह भी जोड़ा कि इस प्रणाली के माध्यम से जनता के छोटे-छोटे मामलों की शिकायतें भी दर्ज हो सकेंगी। अक्सर नागरिक छोटे-मोटे विवादों या समस्याओं के लिए थाने जाने से कतराते हैं, लेकिन यह डिजिटल माध्यम उन्हें आसानी से अपनी बात रिकॉर्ड कराने की सुविधा देगा। सूचना देने पर पूर्ण गोपनीयता पारदर्शिता और भागीदारी के साथ-साथ, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा है। कमिश्नर मिश्रा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई नागरिक अवैध व्यापार या अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी देने के लिए इस क्यूआर कोड का उपयोग करता है, तो सूचना देने वाले सूत्र की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय (Confidential) रखा जाएगा। यह प्रावधान नागरिकों को निडर होकर समाज विरोधी तत्वों के बारे में जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जो अपराध नियंत्रण में एक महत्वपूर्ण कदम है। भोपाल पुलिस की यह नई डिजिटल पहल पुलिस-जनता साझेदारी को मजबूत करने और पुलिस थानों के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है।

MP Police: 30 करोड़ रूपए का एमडी जप्त, पुलिस ने किया भंडाफोड़

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MP Police MD worth Rs 30 crore seized police busted racket भोपाल, 28 नवंबर 2025। अवैध मादक पदार्थो के कारोबार में लिप्‍त तस्‍करों द्वारा अपनाए जा रहे नये-नये हथकंडे मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग की सजगता की वजह से नाकाम साबित हो रहे है। नारकोटिक्‍स प्रकोष्‍ठ नीमच ने आज 28 नवंबर को ग्राम लसूड़िया, हस्तमुरार थाना रामपुरा, जिला नीमच में खेत पर बने मकान पर दबिश देकर एमडी बनाने के कारखाने का भंडा फोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ एमडी 2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में तथा करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री भी जप्त की है। जप्त मादक पदार्थ एमडी तथा एमडी बनाने की सामग्री की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30 करोड़ से अधिक है। मुहिम “नशे पर प्रहार” अवैध मादक पदार्थों की तस्‍करी पर कड़ाई से अंकुश लगाने के मकसद से पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देश पर मध्‍यप्रदेश पुलिस की नारकोटिक्‍स विंग द्वारा प्रदेशव्‍यापी विशेष मुहिम “नशे पर प्रहार” चलाया जा रहा है। इसी मुहिम के तहत अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक नारकोटिक्‍स के.पी. वेंकाटेश्वर राव के मार्गदर्शन में तथा उप पुलिस महानिरीक्षक नारकोटिक्स महेश चंद जैन के नेतृत्व में नारकोटिक्‍स विंग को यह सफलता मिली है। मोटर साइकिल, मोबाइल फोन भी जप्त अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक के.पी. वेंकाटेश्वर राव ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर नारकोटिक्‍स विंग ने कार्यवाही करते हुए, ग्राम लसूड़िया, हस्तमुरार थाना रामपुरा, जिला नीमच में खेत पर बने मकान पर दबिश देकर तीन आरोपी निरंजन दायमा, निवासी खेड़ी, थाना मनासा , अर्जुन गरासिया तथा रमेश गरासिया, निवासी लसूड़िया, थाना रामपुरा को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्‍जे से अवैध मादक पदार्थ एमडी 2 किलो 700 ग्राम ठोस एवं 16 किलो लिक्विड अवस्था में तथा करीब 70 किलो से अधिक एमडी बनाने के केमीकल तथा अन्य सामग्री तीन मोटर साइकिल, तीन मोबाइल फोन भी जप्त किए। एमडी, केमीकल, अन्‍य सामग्री सहिम सहित पुलिस ने लगभग 30 करोड़ रूपये की सामग्री जब्‍त की है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्‍ट के तहत प्रकरण कायम कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। नारकोटिक्स विंग के निरीक्षक राकेश चौधरी, निरीक्षक भारत सिंह चावड़ा, निरीक्षक हरीश सोलंकी, निरीक्षक तेजेन्द्र सिंह सेंगर तथा निरीक्षक मलय महंत एवं नारकोटिक्स इंदौर व नीमच टीम का सराहनीय योगदान रहा। साथ ही कार्रवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक, नीमच अंकित जायसवाल एवं जिला पुलिस बल नीमच का भी इस कार्रवाई में सराहनीय योगदान रहा।

MP Police: वाहन चोरो पर लगातार कार्रवाई, 44 मोटरसाइकिलें बरामद

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MP Police Continuous action against vehicle thieves 44 motorcycles recovered भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने विभिन्न जिलों में सतत निगरानी और प्रभावी अन्वेषण के माध्यम से विगत एक सप्‍ताह में वाहन चोर गिरोहों का पर्दाफाश करते हुए चोरी की कुल 44 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। साथ ही पुलिस ने शातिर चोरों को भी गिरफ्तार किया है। यह अभियान प्रदेशभर में वाहन चोरी पर सख्त नियंत्रण और अपराधियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की दिशा में पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गिरोह का भंडाफोड़ छिंदवाड़ा जिले की कुण्डीपुरा पुलिस ने निर्णायक कार्रवाई करते हुए चार आरोपी संतोष खरपूसे, प्रमोद पुरी गोस्वामी, गगन नेवारे और सुधांशु भूषण को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने छिंदवाड़ा व बालाघाट जिलों से 20 मोटरसाइकिलें (4 बुलेट) चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने एक खंडहरनुमा कमरे से लगभग 17 लाख रूपए मूल्य की मोटरसाइकिलें बरामद की है। 11 मोटरसाइकिलें बरामद गुना की जिले में चलाए जा रहे सघन वाहन चैकिंग अभियान के दौरान कोतवाली पुलिस ने भुल्लनपुरा रोड पर लाखन कुशवाह और सोनू राठौर को चोरी की मोटरसाइकिल सहित पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने अलग-अलग स्‍थानों से 11 मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया। जिनकी कीमत लगभग 5 लाख 50 हजार रूपए है। इसी प्रकार उज्‍जैन के नीलगंगा पुलिस ने चोरी हुई 1 बुलेट, सागर के थाना खुरई पुलिस ने 4 मोटरसाइकिलें, कटनी में कोतवाली पुलिस 6 मोटरसाइकिल और एनकेजे पुलिस ने 1 मोटरसाइकिल तथा शाजापुर में शुजालपुर मंडी थाना पुलिस ने 1 मोटरसाइकिल बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 13 मोटरसाइकिलें बरामद की है। सुरक्षा एवं विश्वास की भावना पुलिस की इन कार्रवाईयों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की संपत्ति सुरक्षा, अपराध पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्यरत है। तकनीकी संसाधनों, निगरानी तंत्र और तत्पर फील्ड टीमों के समन्वय से पुलिस ने वाहन चोरी जैसे अपराधों पर निर्णायक अंकुश लगाया है। यह सतत और संगठित कार्रवाई न केवल अपराधियों के मनोबल को तोड़ रही है, बल्कि आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना को भी सुदृढ़ कर रही है।

नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़: छापने के उपकरण बरामद, मास्टरमाइंड सहित तीन गिरफ्तार

Fake currency racket

Fake currency racket busted Printing equipment recovered mastermind and three others arrested भोपाल। खंडवा पुलिस ने नकली नोटों की छपाई और प्रसार में सक्रिय एक अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे सहित तीन आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, ड्रायर मशीन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की गई है। 19 लाख 78 हजार रुपये थाना जावर क्षेत्र के ग्राम पेठिया में विगत 2 नवंबर 2025 को मुखबिर की सूचना पर मौलाना जुबेर के कमरे में दबिश दी गई थी। पुलिस ने वहां से 19 लाख 78 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए थे। प्रकरण दर्ज कर इसकी विवेचना थाना प्रभारी जावर निरीक्षक श्याम सिंह भादले द्वारा लगातार की जा रही है।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक खंडवा मनोज कुमार राय ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) महेंद्र तारनेकर के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT ने लगातार तकनीकी और मैदानी स्तर पर विवेचना लगातार जारी की जा रही थी। किराए के मकान में छिपे पुलिस को विवेचना के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी मौलाना जुबेर को नकली नोट उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी बुरहानपुर निवासी डॉ. प्रतीक नवलखे है। इसके बाद मुखबिर से पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि मामले में शामिल आरोपी भोपाल के बागमुगलिया क्षेत्र स्थित एक किराए के मकान में छिपे हुए हैं। सूचना पर कार्रवाई करते हुए जावर थाना पुलिस टीम ने आज 23 नवंबर 2025 को भोपाल में दबिश दी और तीन आरोपी प्रतीक नवलखे (निवासी बुरहानपुर, उम्र 43), गोपाल उर्फ राहुल (निवासी हरदा, हाल निवासी बागमुगलिया भोपाल, उम्र 35) तथा दिनेश गोरे (निवासी अमरावती, महाराष्ट्र, उम्र 43) को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 25 हजार रुपए के नकली नोट, 9 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड, 15 चेक बुक, ड्रायर मशीन सहित बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की है। पुलिस सदैव प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा की गई त्वरित और समन्वित कार्रवाई के परिणामस्वरूप नकली मुद्रा के प्रसार में सक्रिय एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश संभव हो सका। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विश्लेषण और टीमवर्क से प्रदेश में आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस सदैव प्रतिबद्ध है तथा भविष्य में भी ऐसे प्रकरणों में कठोर और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।

एकल सुविधा केन्द्र: मेले में 105 युवाओं को मिला रोजगार, L&T कंपनी ने देशभर में किया चयन

employment fair

Single Facility Centre 105 youth got employment in the fair L&T company selected भोपाल। बालाघाट पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित “एकल सुविधा केन्द्र” लगातार महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज कर रहा है। इसी क्रम में 36वीं बटालियन, कनकी में दिनांक 9 से 11 सितम्बर 2025 तक तीन दिवसीय रोजगार मेला आयोजित किया गया था, जिसमें लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (Larsen & Toubro Ltd.) द्वारा 105 युवाओं का प्रथम चरण में टेक्नीशियन पद पर चयन किया गया। निशुल्क प्रशिक्षण कंपनी द्वारा चयनित सभी युवाओं को हैदराबाद में दो माह का निशुल्क प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें रहने, भोजन एवं यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था भी कंपनी द्वारा ही की गई थी। अब इन सभी 105 युवाओं ने अपने प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है तथा उन्हें देश के विभिन्न बड़े शहरों में L&T कंपनी के तकनीशियन के रूप में पदस्थ कर किया गया है। इनमें मुंबई, पुणे, चेन्नई, बंगलुरु, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे औद्योगिक केंद्र शामिल हैं। यह उपलब्धि न केवल इन युवाओं के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे बालाघाट जिले के लिए प्रेरणास्रोत उदाहरण भी है। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य “एकल सुविधा केन्द्र” की यह पहल युवाओं को न केवल रोजगार दिलाने का माध्यम है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम भी है। पुलिस प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले समय में ऐसे रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर प्राप्त हों सकें। साथ ही, प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित की जाए जिससे वे स्थायी आजीविका की दिशा में अग्रसर हों। विकास का नया अध्याय इस पहल ने बालाघाट पुलिस की छवि को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के रूप में ही नहीं, बल्कि एक सामाजिक संरक्षक और विकास सहयोगी संस्था के रूप में स्थापित किया है। इस सफलता के साथ “एकल सुविधा केन्द्र” ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, समृद्धि और विकास का नया अध्याय लिखा जा सकता है।

MP Police: साइबर कार्रवाई, ठगों पर लगातार प्रहार

MP Police

MP Police Cyber ​​crackdown continuous attacks on thugs भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत और व्यापक अभियान के उल्लेखनीय परिणाम सामने आ रहे हैं। अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग, त्वरित रिस्पॉन्स, विशेषज्ञ साइबर टीमों की दक्षता के अंतर्गत सटीक कार्यवाही के परिणामस्वरूप केवल 10 दिनों में ही 18 लाख 80 हजार से अधिक राशि साइबर फ्रॉड पीड़ितों को सफलतापूर्वक वापस कराई गई है। यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की कार्यकुशलता, पेशेवर तत्परता और नागरिक हितों के प्रति उसकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।राज्य के विभिन्न जिलों में साइबर सेल एवं पुलिस इकाइयों की समन्वित कार्रवाइयों ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि मध्यप्रदेश पुलिस न केवल अपराधियों तक तेजी से पहुँचती है, बल्कि पीड़ितों को आर्थिक राहत उपलब्ध कराने में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। ये भी खबर पढ़े: https://publicsootr.com/iffi-award-2025-celebrating-actor-rajinikanth-50-year-career-starting-novembaer/ राशि पीड़ितों के खातों में देवास जिले की साइबर सेल ने हाल के दिनों में उत्कृष्ट दक्षता का परिचय देते हुए अनेक मामलों में त्वरित कार्रवाई की और कुल 9 लाख 54 हजार से अधिक राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई। टीम ने नए से लेकर पुराने प्रकरणों तक में डिजिटल ट्रेल का अनुसरण करते हुए ठगी की राशि ट्रेस कर उसे सफलतापूर्वक रिकवर किया। फर्जी कॉल सेंटर थाना एरोड्रम पुलिस, इंदौर एवं जिला जींद (हरियाणा) की साइबर क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया। इस कार्रवाई में 37 एंड्रॉइड मोबाइल, 53 कीपैड मोबाइल, 5 लैपटॉप, 1 लाख 40 हजार 300 रुपए नगद, “Bharat Wedding & Community Matrimonial” की रसीद बुक्स, संदिग्ध चेकबुक्स, 30 रजिस्टर, 4 QR कोड व अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। यह संयुक्त अभियान अंतरराज्यीय साइबर गिरोहों पर प्रभावी प्रहार का उदाहरण है। डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड का खुलासा भोपाल में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए “डिजिटल अरेस्ट” के एक जटिल धोखाधड़ी प्रकरण को विफल किया। अपराधियों ने शमसुल हसन को फर्जी कॉल कर ATS पुणे के नाम पर धमकाते हुए तीन घंटे तक मानसिक दबाव में रखा था। परिवार द्वारा सूचना मिलते ही थाना कोहेफिजा पुलिस ने सक्रियता से मात्र चार घंटे में पीड़ित को सुरक्षित मुक्त कराया और संभावित वित्तीय नुकसान रोका। यह प्रकरण भोपाल पुलिस की संवेदनशीलता व तत्परता का सशक्त उदाहरण है। ये भी खबर पढ़े: https://publicsootr.com/fih-junior-hockey-world-cup-trophy-inspiration-for-young-players/ जनता से अपील साइबर सेल और थाना मऊगंज की संयुक्त टीम ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए ऑनलाइन ठगी के 6 लाख 57 हजार रुपए पीड़ित के खाते में वापस कराए। यह कार्रवाई समयबद्ध प्रयास और कुशल समन्वय का परिणाम रही। मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से निरंतर सक्रिय है। सामान्य जनता से अपील की जाती है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या ऑनलाइन लेनदेन संबंधी ठगी की जानकारी तत्काल सायबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना में दें।

STF Action: फर्जी डिग्री से सरकारी नौकरी पाने वाले 8 शिक्षकों पर केस, गैंग का भंड़ाफोड़

STF Action

STF action Case filed against 8 teachers who obtained government jobs with fake degrees gang busted भोपाल, 12 नवंबर 2025। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल की फर्जी एवं कूटरचित डी.एड. (डिप्लोमा इन एजुकेशन) अंकसूची का उपयोग कर शासकीय शिक्षक की नियुक्ति प्राप्त करने वाले शासकीय सेवकों तथा उनसे जुड़ी संगठित गैंग के विरुद्ध विशेष कार्यवाही करते हुए एसटीएफ मध्यप्रदेश द्वारा अपराध पंजीबद्ध किया गया है। नौकरी का लाभ ले रहे पुलिस महानिदेशक, मध्यप्रदेश कैलाश मकवाणा द्वारा संगठित अपराध एवं संगठित अपराधी गैंग के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के लिए मप्र पुलिस को निर्देशित किया गया है। इसी तारतम्य में एसटीएफ मप्र को जानकरी प्राप्त हुई कि मप्र शिक्षा विभाग में कुछ व्यक्तियों द्वारा संगठित गैंग के साथ मिलकर फर्जी एवं कूटरचित डी.एड. की अंकसूचियां तैयार की जाकर शासकीय शिक्षक की नौकरी में उपयोग कर सरकारी नौकरी का लाभ ले रहे हैं। गोपनीय सत्यापन किया सूचना पर विशेष पुलिस महानिदेशक, एसटीएफ पंकज कुमार श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक एसटीएफ इकाई ग्वालियर राजेश सिंह भदौरिया, सहायक पुलिस महानिरीक्षक, एसटीएफ मुख्यालय नवीन कुमार चौधरी तथा उप पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ इकाई ग्वालियर प्रवीण सिंह बघेल के नेतृत्व में 05 सदस्यीय विशेष टीम द्वारा गोपनीय सत्यापन किया गया। संबंधित शिक्षा कार्यालयों से प्राप्त रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि जिन डी.एड. अंकसूचियों के आधार पर शिक्षकों ने नौकरी प्राप्त की, वे या तो जारी नहीं की गई थीं अथवा अन्य व्यक्तियों को जारी की गई थीं। इंदौर सहित जिलों में कार्यरत गोपनीय सत्यापन के आधार पर 08 शिक्षक- गंधर्व सिंह रावत, साहब सिंह कुशवाह, बृजेश रोरिया, महेन्द्र सिंह रावत, लोकेन्द्र सिंह, रूबी कुशवाह, रविन्द्र सिंह राणा एवं. अर्जुन सिंह चौहान के विरुद्ध थाना एसटीएफ भोपाल में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। उक्त सभी शिक्षक वर्तमान में मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, इंदौर सहित विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं। साथ ही अन्य 26 संदेहियों के विरुद्ध जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान प्रस्तुत दस्तावेज सत्यापन रिपोर्ट भी कूटरचित थी। गैंग सक्रिय एसटीएफ की प्रारंभिक विवेचना में यह तथ्य उजागर हुआ कि फर्जी डी.एड. अंकसूचियों के निर्माण एवं उपयोग में एक संगठित गैंग सक्रिय है, जिसने शासकीय सेवा में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए सुनियोजित षड्यंत्र रचा। इस गैंग के नेटवर्क एवं सहयोगियों की पहचान हेतु विवेचना जारी है।

MP Police: नक्‍सल विरोधी अभियान, मुठभेड़ में हथियार बरामद

weapons

MP Police Success in anti-Naxal operation cache of weapons recovered in encounter with Naxalites भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में लगातार सफलताएं मिल रही है। इसी तारतम्‍य में दिनांक 03-04 नवंबर 2025 की मध्‍य रात्रि के दौरान बालाघाट जिले के थाना रुपझर क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता संबंधी गुप्त सूचना प्राप्त होने पर हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा तथा स्थानीय पुलिस थानों और चौकियों के बल द्वारा एम.एम.सी.(मध्‍यप्रदेश-महाराष्‍ट्र-छत्‍तीसगढ़) जोन के जीआरबी (गोंदिया-राजनांदगांव-बालाघाट) डिवीजन के घने जंगलों में सर्च अभियान संचालित किया गया। सर्चिंग के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी का पता लगने पर सशस्त्र माओवादी समूह ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग प्रारंभ कर दी। सुरक्षा बलों ने आत्मरक्षा में संयमित और प्रभावी जवाबी कार्रवाई की। कुछ समय तक चली मुठभेड़ के उपरांत नक्सली जंगल के भीतर की दिशा में भाग निकले। घटनास्थल पर की गई सघन सर्चिंग में एक नक्सली रायफल, दैनिक उपयोग की वस्तुओं से भरा पिट्टू बैग, पाँच बड़े थैले, टेंट बनाने का सामान, खून से सने जूते तथा दवाओं के रूप में उपयोग किए गए इंजेक्शन और मेडिसिन बरामद किए गए। घटनास्थल से प्राप्त खून सनी मिट्टी और अन्य साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान पहुँचा है। लंबे समय से सक्रिय बरामद सामग्री से यह भी स्पष्ट होता है कि नक्सली समूह लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था और जंगल में ही अस्थायी ठिकाने बनाकर रह रहा था। घटनास्थल से बरामद सभी वस्तुओं का विधिवत दस्तावेजीकरण कर आवश्यक जांच प्रारंभ कर दी गई है। फरार नक्सलियों की तलाश में हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें निरंतर सघन सर्चिंग और कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं। पूरे क्षेत्र में उच्च सतर्कता रखी गई है तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। महिला नक्सली “सुनीता” बालाघाट जिले में 1 नवंबर 2025 को थाना लांजी के चौरिया कैम्प अंतर्गत महिला नक्सली सुनीता पिता बिसरू ओयाम, निवासी गोमवेटा, तहसील भैरमगढ़, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़) ने शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और भारत के संविधान पर विश्वास जताते हुए जिला पुलिस बालाघाट के समक्ष अपने हथियार इंसास राइफल, 3 मैगज़ीन, 30 जिंदा राउंड एवं शेल के साथ आत्मसमर्पण किया। नक्सली सुनीता मलाजखंड दर्रेकसा दलम में थी और मध्यप्रदेश, गोंदिया एवं राजनांदगांव (GRB) डिविजन में सक्रिय थी। उसके विरुद्ध छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कुल 14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुनीता वर्ष 2022 में माओवादी संगठन से जुड़ी थी तथा छत्तीसगढ़ के माड़ क्षेत्र में छह माह का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सीसी सदस्य रामदेर की गार्ड के रूप में कार्यरत रही। यह मध्य प्रदेश आत्मसमर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति 2023 के अंतर्गत पहला आत्मसमर्पण है। राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित उल्‍लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस ने बालाघाट सहित अन्य नक्सल प्रभावित जिलों में सात दिन या उससे अधिक अवधि वाले कई सघन अभियानों के माध्यम से नक्सली नेटवर्क को लगातार कमजोर किया है। इन अभियानों ने स्थानीय समुदाय में सुरक्षा का विश्वास और विकास के प्रति नई आशा को सुदृढ़ किया है। मध्यप्रदेश पुलिस नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्पित है। नक्सलवाद केवल कानून और व्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शांति, विकास और मानवीय मूल्यों के लिए भी गंभीर चुनौती है। अपने साहस, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और जनसहयोग के बल पर मध्यप्रदेश पुलिस ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उल्लेखनीय नियंत्रण स्थापित किया है।यह सतत अभियान न केवल नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष का प्रतीक है, बल्कि राज्य की जनता के प्रति पुलिस संगठन की अटूट प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण भी है।

Bhopal News: आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब ठिकानों पर मारा छापा

Excise Department

Major action by the Excise Department raids on illegal liquor dens भोपाल. राजधानी में आबकारी विभाग ने रविवार को बड़ी कार्रवाई की. शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए अवैध शराब को बरामद कर इसे नष्ट किया गया. आबकारी टीम ने अवैध शराब बनाने वालों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया है. 470 किलो महुआ लाहन आबकारी टीम ने बताया है कि शहर के कोलार क्षेत्र के कजलीखेड़ा, ढोली, मावडिया और गोंदीपुरा गांवों में अवैध शराब बनने की जानकारी आबकारी विभाग को मिली, इन स्थानों पर टीम ने दबिश दी. कार्रवाई में 470 किलो महुआ लाहन और 20 लीटर हाथभट्टी शराब बरामद कर मौके पर ही इसे नष्ट किया गया. आबकारी टीम ने अब तक 7 प्रकरण दर्ज किए है. बीडीए कॉलोनी आकृति से 6 बोतल अंग्रेजी शराब भी जब्त हुई. जब्त शराब की कीमत करीब ₹3.5 लाख बताई गई. अभियान जारी रहेगा शहर में यह कार्रवाई मनीष द्विवेदी के नेतृत्व में की गई है. सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र धाकड़ ने कहा है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा. कलेक्टर भोपाल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है.