Public Sootr

लहर खबरों की

amit kumar

Writer News & Blogger

Religious: श्री जी के भामंडल की स्थापना, संस्कार और आचरण में परिवर्तन आना चाहिये

Religious

Religious change in the establishment of Shri Ji Bhamandal भोपाल। धार्मिक क्रिआओं तथा संत समागम से संस्कार और आचरण में परिवर्तन आना चाहिये-“भाव से ही भव सुधरता है और भाव से ही भव विगड़ता है”-“भाव शुद्धी हमारे धर्माचरण का मुख्य लक्ष्य होंना चाहिये उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने सोनागिरि स्थित दि. जैन मंदिर में प्रवास के दौरान व्यक्त किये। प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया प्रातःकाल मुनि के मुखारविंद से पिपलानी दि.जैन मंदिर में शांतिधारा संपन्न हुई तत्पश्चात सोनागिरि दि. जैन मंदिर में पधारे एवं भगवान के मस्तक पर तीन खंड का छत्र एवं श्री जी के भामंडल की स्थापना कराई। इस अवसर पर मुनि श्री ने सोनागिरि क्षेत्र के लोगों की सराहना करते हुये कहा अवधपुरी नजदीक होंने से आप लोगों ने चातुर्मास और गुरु समागम का नियमित आनंद लिया है। सन्त-समागम उन्होंने कहा आचार्य गुरुदेव मूकमाटी में कहते है कि”सन्त-समागम की यही तो सार्थकता है,संत बने या न बने संसार का अन्त दिखने लगता है” उन्होंने कहा कि धार्मिक क्रिआओं और संत समागम से यदि हमारे संस्कार और आचरण में परिवर्तन नहीं आया तो हमारी सभी धार्मिक क्रियायें और संतों का सानिध्य शून्य हो जाऐगा! मुनि श्री ने कहा आजकल क्रिआओं को तो प्रमुखता देते हें लेकिन भावों को गौण कर देते है, जबकि “धर्म का उद्देश्य अच्छीसोच, अच्छे विचार, और अच्छी भावना का होंना चाहिये जिससे हमारा मन हल्का रह सके,उन्होंने कहा कि यदि जीवन को अच्छा बनाना चाहते हो तो अपने मन के भीतर उतरो, और आत्मोनुखी दृष्टि को जगाइये तभी आपकी धार्मिक क्रियायें जिसमें पूजन प्रवचन और स्वाध्याय, जाप,वृत उपवास करना सार्थक हो, उन्होंने कहा कि आप लोग अच्छे भावों के साथ सभी क्रिआओं की शुरूआत करते हो लेकिन कभी कोई विपरीत निमित्त आया कि तुरंत करंट लग जाता है,तथा भावधारा बदल जाती है जैसे कंही विजली के नंगे तार को छू लिया हो,अपने भावों के तारों में सही समझ का इंशोलेसन चड़ाकर रखो जिससे निमित्त कैसा भी आऐ आप स्पार्किंग से बच सको। सम्यक् दर्शन उन्होंने कहा कि आप लोग पूजा पाठ वृत उपवास खूव कर रहे हो यह अच्छी बात है,”सम्यक् दर्शन के अभाव में कोई भी क्रिया कार्यकारी नहीं होती” आप ऊपर से कितने ही बदल जाओ अपने आपको धर्मात्मा बना लो लेकिन यदि अंदर से भाव विचार और व्यवहार पवित्र नहीं हुये तो आपका उद्धार संभव नहीं, उन्होंने कहा कि आप धर्मिक क्रियायें कर रहे हो यह अच्छी बात है,लेकिन धर्म के मर्म को समझो धर्म का मर्म समझोगे तभी आपका कर्म सुधरेगा अन्यथा धर्मी के रुप में आपकी यह पहचान कोरी आत्ममुग्धता है, उन्होंने मूल में भूल की बात करते हुये कहा अपने मन को समझाइए जो पल में रूठ जाता है,तो पल में उचट जाता है,और पल में भड़क जाता है इसको तभी सम्हाल सकते हो जब आप केन्द्र में आत्मा को स्थिर रख कर जीने का अभ्यास करोगे तथा आत्मज्ञान से अपने आपको शुद्ध करोगे तो आप अपने लक्ष्य और पुरुषार्थ को जगा पाओगे और छोटी छोटी बातों से बच जाओगे इसलिये संत कहते है कि अपने भाव को सम्हालो और अपने स्वभाव को पहचानो कि “में कौन हुं”? मुनि श्री ने एक उदाहरण के माध्यम से समझाया कि जैसे आप एक जिम्मेदार नागरिक होंने के नाते आपकी इच्छा कभी अपराध या गलत कार्य करने की नहीं होती हमेशा आपको अपनी छवि की याद रहती है कि यह कार्य मेरी छवि के अनुरुप नहीं है, उसी प्रकार जब आपको अपने स्वरूप का वोध हो जाऐगा कि यह कार्य मेरे खानदान मेरे कुल,मेरे धर्म के अनुकूल नहीं है,यह वोध आपके जीवन में संयम लाता है और जैसे जैसे यह वोध और गहरायेगा कि”में एक शुद्ध आत्मा हूं” अंतरंग में यह धारा विकसित हो जाऐगी तथा भटकाव समाप्त होकरभाव विशुद्धिआ जाऐगी तथा जीवन व्यवहार परिवर्तित हो जाऐगा।

DRM Bhopal: रेलवे स्टेशन के लिलेन लांड्री और बेस किचन का किया औचक निरीक्षण

DRM Bhopal

DRM Bhopal Conducted a surprise inspection of railway station भोपाल। मंडल रेल प्रसाशन भोपाल यात्री सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में लगातार सकरात्त्मक कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में डीआरएम भोपाल पंकज त्यागी ने संबंधित अधिकारियों के साथ छठ पूजा पर यात्री भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्थाओं के भोपाल रेलवे स्टेशन पर औचक निरीक्षण किया। टिकट चेकिंग, सुरक्षा एवं यात्री सुविधाओं पर विशेष फोकस करने के लिए संबंधित को निर्देशित किया। यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल त्यागी ने इसके अतिरिक्त मंडल के लिलेन लांड्री, आईओएच, कोचिग डिपो आईआरसीटीसी बेस किचन का भी निरीक्षण किया। डीआरएम द्वारा लांड्री में लीलेन की स्वच्छता और गुणवत्ता युक्त बेडरोल की जाँच की गई साथ ही ट्रेनों में यात्रियों को साफ, स्वच्छ और उच्च गुणवत्ता वाले बेडरोल प्रदान करने के निर्देश दिए साथ ही मैकेनाइज्ड लॉन्ड्री में धुलाई और इस्त्री प्रक्रिया की भी जाँच की ताकि यात्रियों को स्वच्छ बेडरोल देकर उनकी आरामदायक, हाइजीनिक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके। जाँच संतोषजनक आईओएच डिपो में यात्री कोचों की ओवर हालिंग कार्यप्रणाली का विधिवत निरीक्षण किया साथ ही कोचिंग डिपो का भी औचक निरीक्षण किया।तत्पश्चात भोपाल में आईआरसीटीसी के बेस किचन का निरीक्षण किया एवं में गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया बेस किचन की साफ-सफाई की भी जाँच की संतोषजनक पाया। इस निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (कोचिंग) आर पी खरे सहित अन्य संबंधित विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहे।

Life Style: प्रियंका ने “हो’ओपोनोपोनो पद्धति से बताया दुखों से दूर रहने का मंत्र

Ho'oponopono method

The mantra to stay away from suffering told through the Ho’oponopono method भोपाल। लायन क्लब भोपाल संस्कार, लायंस क्लब भोपाल साउथ द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक जीवन की जागरूकता के उद्देश्य विशेष मोटिवेशनल हीलिंग लेक्चर का आयोजन लायंस सिनीयर सीटीजन होम्स भोपाल में हुआ। इस कार्यक्रम में पुणे से पधारीं प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर प्रियंका शिवहरे ने “हो’ओपोनोपोनो, पद्धति से बताया। ऊर्जा के संतुलन प्रियंका शिवहरे ने बताया कि शरीर में फ़्रीक्वेंसी एवं ऊर्जा के संतुलन का माध्यम हीलिंग द्वारा अपने दुख,ग्लानि, दुर्भाग्य हीनता, बीमारियों से मुक्ति देता है” प्राचीन हवाईयन पद्धति हो’ओपोनोपोनो की शक्ति से भावनात्मक उपचार को समझना,एवं यह जानना कि यह अभ्यास कैसे नकारात्मकता को दूर करता है, रिश्तों को ठीक करता है और मन को शांति से जोड़ता है,कंपन और ऊर्जा के प्रभाव को समझना तथा विशेष फ़्रीक्वेंसी का उपचारात्मक अनुभव करना,शरीर की ऊर्जा को संतुलित कर स्थायी परिवर्तन एवं सकारात्मकता की ओर अग्रसर होना,दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक उपकरण और तकनीकों को सीखना, जिसमें प्रियंका शिवहरे ने बताया कि अतीत के दर्द को छोड़ने और भावनात्मक स्वतंत्रता का अनुभव,ध्वनि और शब्दों के माध्यम से आत्म-उपचार और दूसरों की सहायता की कला,ऊर्जा संतुलन और इच्छाओं की अभिव्यक्ति हेतु व्यावहारिक तकनीक का प्रयोग किया जाता है। अपराध की मानसिक शांति इसके बाद उन्होंने चार वाक्य दोहराये , मुझे खेद है,मुझे माफ़ कर दीजिए, धन्यवाद ओर मैं आपसे प्रेम करता हूं,जिसमें शांत रहकर इन चार वाक्य का को बोलना है और उसके बाद आपको महसूस करना है कि आपके किसी अपराध की मानसिक शांति का आभास होने लगे तो महसूस होता है कि उस एनर्जी ने आपको माफ कर दिया है और वह तो आपसे बहुत प्रेम करती है आप खुद को उसके साथ खुश होता देखें। चमत्कारिक फायदे इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पास्ट डिस्ट्रिक्ट गवर्नर लायन एमके जैन उपस्थित थे ,कार्यक्रम के शुभारंभ में लायन एस खान द्वारा इस कार्यक्रम की भूमिका की जानकारी दी एवं लायन डॉक्टर नालोक बनर्जी द्वारा वर्तमान परिवेश में इसकी आवश्यकता एवं इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी ,कार्यक्रम के संचालक लायन सुयश कुलश्रेष्ठ द्वारा बताया गया कि इस पद्धति के इलाज से कई लोगों को बहुत चमत्कारिक फायदे हुए हैं और इससे जीवन को एक नए प्रकार से जीने की कल्पना साकार होती हैइस प्रक्रिया को वहां उपस्थित जनों ने स्वयं करने के बाद महसूस किया एवं कुछ व्यक्तियों के ध्यान के अवधि में आंखों से आंसू भी निकल पड़े एवं उन्होंने महसूस किया कि उनके दिल और दिमाग पर जो बोझ था वह कम हो गया। इस कार्यक्रम में 45 प्रतिभागी उपस्थित थे।भविष्य में भी लायंस क्लब द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम किए जाते रहेंगे

Bhopal News: शास्त्रीय रागों से सजी सुरों की साधना, रवीन्द्र भवन में संगीत समारोह

Music festival at Rabindra Bhavan

Music festival at Rabindra Bhavan adorned with classical ragas भोपाल। शरद ऋतु की मृदुल संध्या, रवींद्र भवन के अंजनी सभागार में सुरों की ऐसी अनूठी बयार लेकर आई जिसने वातावरण को माधुर्य और साधना के रंगों से सराबोर कर दिया। अवसर था शुक्रवार को ठाकुर हरिश्चंद्र सिंह संगीत समारोह के आयोजन का। ठाकुर हरिश्चंद्र सिंह संगीत कला समिति, भोपाल की ओर से आयोजित समारोह में वरिष्ठ तबला वादक पंडित किरण देशपांडे, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के उप निदेशक शेखर करहाड़कर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ बाल कलाकारों की प्रस्तुतियों से हुआ। बैतूल की प्रतिभाशाली बाल कलाकार लवी देशमुख ने अपने मधुर स्वरों में शास्त्रीय गायन प्रस्तुत कर सभा का मन मोह लिया। वहीं इंदौर की रेवा भदौरिया ने वायलिन वादन में अपनी सधे हुए सुरों की नाजुक बुनावट से वातावरण को भावमय बना दिया। इन प्रस्तुतियों में तबले पर यशवी देशमुख ने कुशल संगत की और समूचे सभागार को शास्त्रीय संगीत की शुद्धता से परिचित कराया। जोगी गाये अब राग सरस्वती को… मुख्य प्रस्तुतियों का आरंभ कर्नाटक के प्रख्यात कलाकार पंडित ईमान दास के शास्त्रीय गायन से हुआ। उन्होंने राग सरस्वती को केंद्र में रखकर अपने गायन की शुरुआत की और झूमरा ताल में बंदिश “जोगी गाये अब राग सरस्वती को…” प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात उन्होंने झपताल में मध्यलय की बंदिश “नमो विद्या दायिनी…” को गहराई और निपुणता के साथ प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने तीनताल में एक और बंदिश गाई, जिसके उपरांत कर्नाटक शैली में एकताल में निबद्ध कृति “सरस्वती नमो स्तुतै…” ने श्रोताओं को दक्षिण और उत्तर भारतीय संगीत परंपराओं के अद्भुत समागम का अनुभव कराया। समापन उन्होंने पटियाला घराना की ठुमरी से किया, जिसने सभागार में रस, राग और भाव की त्रिवेणी प्रवाहित कर दी। तबले पर अंशुल प्रताप सिंह की संगत ने इस प्रस्तुति में अद्भुत संतुलन और ताल का सौंदर्य जोड़ा। संतूर के झंकार से सजी संध्या इसके उपरांत भोपाल के युवा कलाकार सत्येंद्र सिंह सोलंकी ने संतूर वादन की प्रस्तुति से श्रोताओं को राग विहाग के सौंदर्य से परिचित कराया। उन्होंने पहले आलाप-जोड़-झाला प्रस्तुत करते हुए संतूर की गूंज को स्वर-संवाद में बदला, फिर झपताल, मध्यलय और द्रुत तीनताल में रचनाएं प्रस्तुत कीं। संतूर की महीन झंकार और तबले पर अंशुल प्रताप सिंह की सधी हुई संगत ने वातावरण को ऊंचाई प्रदान की। गुंदेचा बंधुओं के ध्रुपद से हुआ समापन संगीत सभा का समापन विश्वप्रसिद्ध ध्रुपद गायक पद्मश्री उमाकांत गुंदेचा और अनंत गुंदेचा के दिव्य गायन से हुआ। उन्होंने राग बागेश्री में पारंपरिक आलाप-जोड़-झाला प्रस्तुत करते हुए चौताल में ध्रुपद “आए रघुवीर धीर अयोध्या नगर को…” का गायन किया। इस प्रस्तुति में शास्त्रीय अनुशासन और भक्ति भाव की ऐसी संगति थी कि पूरा सभागार भक्ति और संगीत के एकात्म भाव से भर गया। प्रस्तुति का समापन कलाकारों ने राग चारुकेशी में कबीरदासजी के पद “झीनी झीनी चदरिया…” से किया, जिसने संगीत प्रेमियों के हृदय में गूंज छोड़ दी। विभूतियों का हुआ सम्मान समारोह के दौरान भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठित विभूतियों पद्मश्री पंडित उमाकांत गुंदेचा, अनंत गुंदेचा, पंडित अखिलेश गुंदेचा, पंडित अनूप शर्मा और पंडित गौतम काले को संगीत के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव, ओड़िसा में हाई अलर्ट जारी

weather update

Low pressure forming in Bay of Bengal Odisha on high alert नई दिल्ली। मौसम का मिजाज बदला है। बंगाल की खाड़ी में बन चक्रवात है। ओडिशा में चक्रवात की संभावना को देखते हुए सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के कारण 27 अक्टूबर तक चक्रवात आने की संभावना बनी है। बारिश की चेतावनी जारी मौसम विभाग ने इसको देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ओडिशा सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही एमपी के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। भोपाल, इंदौर-जबलपुर में आज से 4 दिन मौसम बदला रहेगा। कोहरा छाया रहा भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के आधे हिस्से में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में आधा घंटा सीजन का पहला कोहरा भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के आधे हिस्से में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में आधा घंटा सीजन का पहला कोहरा छाया रहा। आज से एक-दो दिन बादल छाने और बूंदाबांदी के आसार बने है। प्रदेश में पिछले कुछ दिन से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली। 26, 27 और 28 अक्टूबर को भी बारिश के आसार बने है। रात का तापमान 15 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन अब तापमान बढ़ा है। भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन में रात का तापमान 20 डिग्री से ज्यादा है। दिन में पारा 34 डिग्री तक पहुंचा है।

Launch of the book ‘Modi’s Mission’: एक विचार की कहानी

Modi's Mission

Launch of the book ‘Modi’s Mission’ The Story of an Idea मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, विचारों और कार्यशैली पर आधारित पुस्तक ‘मोदी का मिशन’ का आज लोकार्पण किया गया। इसके लिए मुंबई के राजभवन में भव्य लोकार्पण समारोह  आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उपस्थित हुए। आत्मनिर्भर भारत का विचार प्रसिद्ध वकील और लेखक बर्जिस देसाई की यह पुस्तक मोदी के जीवन को “एक विचार की कहानी” के रूप में प्रस्तुत करती है जो राष्ट्रीय पुनर्जागरण और आत्मनिर्भर भारत का विचार है। लेखक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को विकसित भारत के पुनरुद्धार के उद्देश्य से मिशन के रूप में वर्णित करते हैं। अनुच्छेद 370 को निरस्त देसाई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने दृढ़ संकल्प और उद्देश्य के माध्यम से शुरुआती पूर्वाग्रहों और झूठे आख्यानों पर विजय प्राप्त की।  यह पुस्तक अनुच्छेद 370 को निरस्त करने, अर्थव्यवस्था को औपचारिक बनाने, जीएसटी के कार्यान्वयन, विमुद्रीकरण और पारदर्शी शासन की दिशा में प्रयासों सहित प्रमुख नीतिगत निर्णयों का विश्लेषणात्मक विवरण प्रस्तुत करती है। भारतीयों का सम्मान बढ़ाया राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने इस अवसर पर कहा कि “जो व्यक्ति विपरीत परिस्थितियों में भी अपना रास्ता स्वयं बनाता है, वह वास्तव में महान होता है, और मोदी जी ने ठीक वैसा ही किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि मोदी जी ने कई जटिल राष्ट्रीय मुद्दों को शांतिपूर्वक और बिना किसी विवाद के सुलझाया है, और उनके नेतृत्व ने दुनिया भर में भारत और भारतीयों का सम्मान बढ़ाया है। 2047 तक भारत मजबूत अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ‘मोदी का मिशन’ पुस्तक मोदी जी के जीवन और दृष्टिकोण को विस्तार से प्रस्तुत करती है, यह दर्शाती है कि उन्होंने अपने मिशन को कैसे परिभाषित किया और उसे प्राप्त करने के लिए कैसे अडिग रहे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने की नींव रखी है, गरीबों, किसानों, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाया है। उन्होंने  कहा कि “जहाँ 20वीं सदी महात्मा गांधी की थी, वहीं 21वीं सदी नरेंद्र मोदी की है।” ईमानदार शब्द चित्रण उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि ‘मोदी मिशन’ पुस्तक मोदी जी पर लिखी गई अन्य पुस्तकों से अलग है, क्योंकि यह उनकी उपलब्धियों और मूल्यों का ईमानदार शब्द चित्रण प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि गलत सूचनाओं के इस दौर में, यह पुस्तक साहस और निष्ठा के साथ सच्चाई को प्रस्तुत करती है। उन्होंने सुझाव दिया कि विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए इस पुस्तक की प्रेरक कहानियों को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। रूपा पब्लिकेशन्स द्वारा प्रकाशित, ‘मोदी मिशन’ पुस्तक मोदी जी की यात्रा, चुनौतियों और भारत के विकास में उनके योगदान का गहन वृत्तांत प्रस्तुत करती है।

Rojgar Mela: युवाओं को नियुक्ति पत्र, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई

Rojgar Mela

Rojgar Mela Appointment letters to youth Prime Minister Narendra Modi congratulated भोपाल।  डाक विभाग, भारत सरकार द्वारा आज 17वें “रोजगार मेला” का आयोजन किया गया। इस मेले में विभिन्न केंद्रीय कार्यालयों जैसे डाक विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, एम्स, गृह विभाग जैसे विभागों एवं केंद्र सरकार के विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों के लिए देशभर में चयनित 51 हज़ार से अधिक अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर भोपाल में आयोजित इस मेले में विभिन्न केंद्रीय विभागों और उपक्रमों के 248 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। नियुक्ति नहीं बल्कि देश सेवा भोपाल सहित 40 शहरों में आयोजित इस मेले का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभ्यर्थियों और उनके परिवार को बधाई देते हुए कहा कि ‘यह नियुक्ति नहीं बल्कि देश सेवा करने का अवसर है। उन्होने आशा व्यक्त की कि आप ईमानदारी तथा ‘नागरिक देवो भवः’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर कार्य करेंगे तथा विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान में भारत विश्व में सबसे बड़ा युवा देश है और इन मेलों के माध्यम से अब तक लगभग 11 लाख से अधिक युवाओं को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में रोजगार प्रदान किया गया है। विभाग का नाम ऊँचा करें इस अवसर पर आलोक शर्मा सांसद, भोपाल संसदीय क्षेत्र;  मालती राय महापौर नगर निगम भोपाल; रामेश्वर शर्मा विधायक, हुज़ूर भोपाल; भगवनदास सबनानी विधायक भोपाल दक्षिण पश्चिम भी उपस्थित थे। आलोक शर्मा सांसद, भोपाल संसदीय क्षेत्र ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘यह रोजगार मेला प्रधानमंत्री जी के दूरदृष्टि का परिणाम है। नवनियुक्त कर्मचारी ईमानदारी से कार्य करें और अपने विभाग का नाम ऊँचा करें। मनोयोग से जनता की सेवा इससे पूर्व सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए पोस्टमास्टर जनरल ब्रजेश कुमार ने कहा कि आज अभ्यर्थियों को जिन विभागो में सेवा हेतु नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे है वे सभी विभाग जनसेवा से सीधे जुड़े हुए विभाग है और अभ्यर्थियों को सीधे जनता की सेवा करने का अवसर मिलेगा, अतः मेरा अनुरोध है कि आप सभी पूरे मनोयोग से जनता की सेवा करें। अंत में पवन कुमार डालमिया, निदेशक डाक सेवाएं के धन्यवाद प्रस्ताव के पश्चात मेला सम्पन्न हुआ ।

Muni Shri Pramansagar: आलोचात्मक शव्दों के प्रयोग से बात और विगड़ती है

Muni Shri Pramansagar

Muni Shri Pramansagar Use of critical words makes matters worse भोपाल। “आरोप परख,आलोचात्मक,अपमान जनक आदेशात्मक इन चार सूत्रों का ध्यान रखते हुये यदि आप अपने बचनों का ध्यान रखेंगे तो आप विनम्रता की प्रतिमूर्ति कहलायेंगे” उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने व्यक्त किये। प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया शनिवार को प्रातः6 बजे मुनिसंघ का मंगलविहार पिपलानी दि. जैन मंदिर होते हुये सोनागिरि कालोनी की ओर होगा तथा प्रातःकालीन मंगल प्रवचन एवं आहार चर्या उपरांत वापिस अवधपुरी लौट आऐंगे एवं सांयकालीन शंकासमाधान होगा रविवार को प्रातः8:30 बजे प्रवचन के उपरांत विद्याप्रमाण गुरुकुलम् टीम द्वारा आमंत्रित करते हुये भोपाल जैन समाज बंधुओं के साथ 10:30 बजे से दीपावली मिलन समारोह रखा गया है तथा सभी के लिये भोजन व्यवस्था की गई है। अप्रिय बात मत करो मुनि श्री ने कहा पूंछतांछ किये बिना सीधे सीधे आरोपात्मक भाषा का प्रयोग कभी नहीं करना चाहिये जो बात आपको अच्छी नहीं लगती वह बात दूसरों को भी अच्छी नहीं लगेगी, कोई भी घटना घटे तो तुरंत अप्रिय बात मत करो उसे भी अपनी बात रखने का अवसर दीजिये, गलत का प्रतिकार गलत तरीकों से नहीं हो सकता है,दूसरा है “आलोचात्मक शव्दों का प्रयोग” न करते हुये उसे गल्ती का अहसास कराओ आलोचात्मक शव्दों के प्रयोग से बात और विगड़ेगी और वह आलोचना सुनकर आपसे दूर हो जाऐगा, उदाहरण के लिये मान लीजिये घर में पत्नी या बहु ने सब्जियां बनाई और मिर्च ज्यादा हो गयी तो सीधे सीधे वह बात न कहते हुये कह दो कि खाना बहुत अच्छा बना है,पर आज खाना बनाते समय शायद मन इधर उधर भटक गया होगा इसलिये मिर्ची ज्यादा हो गई, इससे आपने अपनी बात भी कह दी और उसे बुरा भी नहीं लगा इसीलिए कहा गया है कि “अच्छा देखोगे और अच्छा बोलोगे तभी अच्छा होगा,बुरा वोलने बाले के कभी अच्छे परिणाम नहीं निकलते, बोलचाल में तो सदैव अमीरी झलकना चाहिये संसार में जितने भी अमीर और अच्छे लोग है उनकी वाणी में सहजता और विनम्रता झलकती है,भले ही आप अमीर न भी हों लेकिन बोलचाल में गरीब क्यों बनते हो? देश की संस्कृति है मुनि श्री ने कहा कि भले ही आपका वह कर्मचारी हो या डिराईबर यदि आप उससे जी लगाकर बात करेंगे तो उसे भी अच्छा लगेगा और वह और अच्छे से कार्य को करेगा उन्होंने कहा एक बात सदैव ध्यान रखना कि “मान दैने से ही मान मिलता है,तथा अपमान करने वाला स्वतःअपमानित होता है” मुनि श्री ने कहा कि किसी को भी छोटा या तुच्छ मानकर ब्यव्हार मत करो जिससे कोई अपने आपको अपमानित महसूस करें कभी कभी अपमान करने से ऐसी गांठ वन जाती है,जो कि सर्वनाश का कारण वनती है मुनि श्री ने कहा कि यह तो हमारे देश की संस्कृति है कि अपने से बड़ों को जी लगाकर तथा सम्मान सहित बोलने से सभी को अच्छा लगता है। कोई भी कार्य हो किसी के साथ आदेशात्मक भाषा के साथ उपयोग न करें।

सही करियर चुनने के 8 आसान और असरदार टिप्स

students

सही करियर चुनना जीवन का सबसे महत्वपूर्ण फैसला होता है। एक गलत कदम भविष्य को प्रभावित कर सकता है। यहां दिए गए 8 आसान और उपयोगी टिप्स आपकी रुचि, स्किल्स और ग्रोथ के आधार पर सही करियर चुनने में मदद करेंगे। सही करियर (Right Career) चुनना हर छात्र के जीवन का अहम फैसला होता है। अगर शुरुआत गलत दिशा में हो जाए, तो पूरी जिंदगी संघर्ष में बीत सकती है। इसलिए करियर चुनने से पहले कुछ जरूरी बातों को जानना बहुत आवश्यक है। 1. अपनी रुचि पहचानें सबसे पहले यह समझें कि आपको किस काम में आनंद आता है। अगर आप अपनी रुचि के अनुसार काम करेंगे तो सफलता अपने आप मिलेगी। 2. अपनी स्किल्स जानें हर व्यक्ति की अपनी खास ताकत होती है। यह समझने की कोशिश करें कि आप किन चीजों में बेहतर हैं। अपनी स्किल्स को पहचानकर उन्हें अपने करियर में इस्तेमाल करें। 3. अपने मूल्यों को समझें जीवन में क्या चीज सबसे महत्वपूर्ण है, यह तय करें। करियर वही चुनें जिसमें आपके मूल्य और सोच मेल खाते हों। इससे लंबे समय तक संतुष्टि मिलेगी। 4. करियर विकल्पों पर रिसर्च करें किसी भी करियर को अपनाने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी लें। जॉब रोल, ग्रोथ और भविष्य में उसकी डिमांड क्या होगी, यह सब जानना जरूरी है। 5. अनुभवी लोगों से सलाह लें जिन लोगों ने पहले से उस क्षेत्र में सफलता पाई है, उनसे बात करें। उनकी सलाह से आपको सही दिशा मिल सकती है। आप इस तरह का करियर टिप्स लेकर अपने करियर में आगे बढ़ सकते है। 6. इंटर्नशिप करें या पार्ट-टाइम जॉब लें जिस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उसमें अनुभव हासिल करें। इससे आपको वास्तविक स्थिति का अंदाजा मिलेगा और निर्णय लेना आसान होगा। 7. ग्रोथ का मूल्यांकग्रोथ का मूल्यांकन करें जिस फील्ड को चुन रहे हैं, उसकी भविष्य की संभावनाओं को देखें। आने वाले 5 सालों में उसकी डिमांड कैसी होगी, यह जरूर समझें। 8. अपने फैसले पर भरोसा रखें जब आपने सब कुछ सोच-समझकर तय कर लिया है, तो अपने निर्णय पर विश्वास रखें। डर या संदेह को खुद पर हावी न होने दें और आत्मविश्वास से आगे बढ़ें। सही करियर का चुनाव वही व्यक्ति कर पाता है जो खुद को और अपनी क्षमताओं को भली-भांति जानता है। इन 8 आसान टिप्स को अपनाकर आप अपने भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं। FAQs 1. सही करियर चुनना क्यों जरूरी है?सही करियर चुनना इसलिए जरूरी है क्योंकि यह आपके भविष्य, संतुष्टि और सफलता से जुड़ा होता है। गलत करियर जीवनभर असंतोष और संघर्ष ला सकता है। 2. अपनी रुचि कैसे पहचानें?जो काम आपको सबसे ज्यादा पसंद हो और जिसे करते वक्त खुशी मिले, वही आपकी रुचि है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों को आजमाएं। 3. करियर विकल्पों की रिसर्च कैसे करें?आप ऑनलाइन रिसर्च, करियर काउंसलर, और अनुभवी लोगों की मदद से करियर के बारे में जानकारी ले सकते हैं। 4. इंटर्नशिप का क्या फायदा होता है?इंटर्नशिप से वास्तविक अनुभव मिलता है और यह समझ आता है कि उस क्षेत्र में काम करना आपको पसंद है या नहीं। 5. करियर में ग्रोथ को कैसे परखें?उस क्षेत्र की डिमांड, भविष्य की संभावनाएं और तकनीकी विकास देखकर आप करियर की ग्रोथ का अंदाजा लगा सकते हैं।

Yoga: मन और शरीर विकार मुक्त सोहम योग … आर्यिका विश्वयशमति माताजी

Soham Yoga free

Soham Yoga free from disorders of mind and body Aryaka Vishwayashmati Mataji भोपाल।आध्यात्मिक चेतना का नव संचार सोहम योग अपनी आंतरिक चेतना को आदि आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का सरल उपाय सोहम् योग। मन और शरीर को तनाव रहित करके शांति प्रदान करने के साथ-2 प्रकृति से जुड़ने का यह माध्यम सोहम् योग वर्तमान परिवेश में मानसिक दबाव में शारीरिक स्वास्थ्य सामंजस को लेकर सोहम योग घर-घर स्वदेशी तथा पर्यावरण संरक्षण एवंस्वच्छ भोपाल को लेकर एक अभियान सृष्टि भूषण माताजी विश्वयशमति माताजी द्वारा मंगलवारा मंदिर कमेटी एवं दिगंबर जैन महासभा के संयुक्त तत्वाधान में सर्व समाज हेतु सर्व समाज के लिए हुआ सुबह वोट क्लब पर सोहम योग आर्यिका रत्न सृष्टि भूषण माताजी के परम सानिध्य में विश्वयशमती माता जी के निर्देशन में हुआ। स्वास्थ्य एवं मानसिक चेतना कार्यक्रम में आदित्य जैन मनिया एवं दिगंबर जैन महासभा के अध्यक्ष संजय जैन मुंगावली ने बताया सुबह सृष्टि भूषण माताजी संसंघ मंगलवारा जैन मंदिर से प्रस्थान करके वोट क्लब पहुंची। उनके साथ समाजजन महिला बच्चे बहु मंडल महिला मंडल बैय्या वृत्ति समिति जिनवाणी समिति के सभी लोग थे। पदयात्रा निकालूंगा कार्यक्रम को लेकर जैन समाज में उत्साह था उल्लेखनीय है कि श्रृष्टि भूषण माताजी सामाजिक एवं राष्ट्र हित के विषय को लेकर हमेशा जनहित के कार्यों निरंतर समाज को दिशा निर्देशित करती रहती है। कार्यक्रम में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि स्वच्छता एवं पर्यावरण को लेकर आर्यिका माता का यह अभियान निश्चित तौर पर सराहनीय है। बड़े तालाब संरक्षण के लिए मैं हमेशा तत्पर हु जल्दी ही पदयात्रा निकालूंगा दक्षिण पश्चिम विधायक भगवान दास सबनानी जी ने कहा कि आर्यिका संघ के समाज और एवं राष्ट्रहित के कार्यों से में अभीभूत समाज के साथ हूं एवं योग और स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण हमारी नैतिक आवश्यकता है जैन समाज की पहल का स्वागत है । योग क्रियाएं करवाई कार्यक्रम में प्रमोद जैन हिमांशु पंकज जैन सुपारी विजय श्वेता सतीश शीतल डॉ अनुराग मनोज मन्नू राकेश अनुपम पदम सर्वज्ञ शैलेंद्र जैन माया नरेंद्र वर्धमान इंद्रजीत सिंह राजपूत संजय जैन खाली चुन्नी पंकज जैन दीपेश जैन टेलर रोहन जैन प्रयास जैन जयेश जैन पिंटू जैन सहित बहू मंडल भक्त मंडल भैया वृत्ति समिति जिनवाणी समाज उपस्थित रही। योगाचार्य अशोक जैन और राजीव जैन त्रिलोक ने योग क्रियाएं करवाई।