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Indian Railway: खजुराहो–उदयपुर एक्सप्रेस आगरा केंट तक, 84 फाटक अस्थायी बंद

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Indian Railway Khajuraho-Udaipur Express to Agra Cantt 84 gates temporarily closed झांसी। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल अंतर्गत वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 3 पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर नई गिट्टीरहित पटरी बिछाने के कार्य के चलते कोटा मंडल से गुजरने वाली खजुराहो–उदयपुर–खजुराहो एक्सप्रेस के संचालन में अस्थायी परिवर्तन लागू किए गए हैं। रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा आरंभ करने से पूर्व गाड़ियों की स्थिति, समय एवं ठहराव संबंधी अद्यतन जानकारी के लिए भारतीय रेल की आधिकारिक वेबसाइट www.enquiry.indianrail.gov.in अथवा एनटीईएस मोबाइल ऐप का उपयोग अवश्य करें। समपार फाटक बंद रहेगा मोतीपुरा चौकी–धरनावदा स्टेशनों के मध्य स्थित मानव सहित समपार फाटक संख्या 84 पर आवश्यक रेल पथ अनुरक्षण कार्य किए जाने के कारण यह फाटक 25 नवम्बर 2025 को प्रातः 11:00 बजे से 27 नवम्बर 2025 शाम 05:00 बजे (17:00 बजे) तक सड़क यातायात के लिए बंद रहेगा। इस अवधि में बड़े वाहन छबड़ा–कुम्भराज–गुना मार्ग से गुजरेंगे, जबकि छोटे वाहनों हेतु LHS 84 (अंडरपास) उपलब्ध रहेगा।रेलवे प्रशासन ने यात्रियों एवं स्थानीय नागरिकों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील की है।

Indian Railway: वित्त वर्ष में 1 अरब टन माल ढुलाई का आंकड़ा पार, माल ढुलाई में बड़ी उपलब्धि

Indian Railway

Indian Railway croasses 1 billion tonnes of freight in the financial year a major achievement in freight transportation नई दिल्ली। भारतीय रेलवे का माल ढुलाई प्रदर्शन भारत की आर्थिक रीढ़ को लगातार मज़बूत कर रहा है, इस वर्ष संचयी लदान 1 अरब टन के आंकड़े को पार कर गया है—19 नवंबर तक 1020 मिलियन टन (MT) तक पहुँच गया। यह उपलब्धि प्रमुख क्षेत्रों से व्यापक समर्थन को दर्शाती है: कोयला 505 मिलियन टन के साथ सबसे बड़ा योगदानकर्ता बना हुआ है, इसके बाद लौह अयस्क (115 मिलियन टन), सीमेंट (92 मिलियन टन), कंटेनर यातायात (59 मिलियन टन), कच्चा लोहा और तैयार इस्पात (47 मिलियन टन), उर्वरक (42 मिलियन टन), खनिज तेल (32 मिलियन टन), खाद्यान्न (30 मिलियन टन), इस्पात संयंत्रों के लिए कच्चा माल (लगभग 20 मिलियन टन), और शेष अन्य सामान (74 मिलियन टन) का स्थान है। दैनिक लदान लगभग 4.4 मिलियन टन पर मज़बूत बना हुआ है, जो पिछले वर्ष के 4.2 मिलियन टन से ज़्यादा है, जो बेहतर परिचालन दक्षता और निरंतर माँग को दर्शाता है। रेलवे की क्षमता अप्रैल से अक्टूबर के बीच माल लदान इस सकारात्मक प्रगति को और भी पुख्ता करता है, जो 2025 में 935.1 मीट्रिक टन तक पहुँच जाएगा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 906.9 मीट्रिक टन था, जो साल-दर-साल एक अच्छी वृद्धि दर्शाता है। यह निरंतर गति, बेहतर दैनिक लदान दरों के साथ, भारत के औद्योगिक विस्तार और बुनियादी ढाँचे के विकास में सहयोग देने की रेलवे की क्षमता को दर्शाता है। रणनीतिक पहल भारत के बुनियादी ढाँचे के विकास में सीमेंट की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए, रेलवे ने इस क्षेत्र की रसद क्षमताओं को अनुकूलित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हाल ही में लागू किए गए व्यापक सुधार, जिनमें बल्क सीमेंट टर्मिनलों के लिए नीति और कंटेनरों में बल्क सीमेंट की आवाजाही के लिए तर्कसंगत दरें शामिल हैं, सीमेंट परिवहन के आधुनिकीकरण की एक रणनीतिक पहल का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन उपायों का उद्देश्य बल्क हैंडलिंग क्षमता बढ़ाना, पारगमन समय कम करना और रसद लागत कम करना है, जिससे उद्योग जगत के खिलाड़ियों और अंतिम उपभोक्ताओं, दोनों को सीधा लाभ होगा और साथ ही आपूर्ति श्रृंखला में दक्षता बढ़ेगी। ऐसे लक्षित हस्तक्षेप क्षेत्रीय परिवर्तन को गति प्रदान करते हैं। भीड़भाड़ कम थोक माल की आवाजाही को रेल द्वारा स्थानांतरित करने से कई लाभ प्राप्त होते हैं जो केवल व्यावसायिक मानकों से कहीं आगे तक फैले हुए हैं। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है, राजमार्गों पर भीड़भाड़ कम होती है, और एमएसएमई सहित उद्योगों को हरित लॉजिस्टिक्स समाधानों तक पहुँच मिलती है। ये विकास सतत विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पुष्ट करते हैं, माल ढुलाई को शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्यों की ओर देश की यात्रा के साथ जोड़ते हैं और रेलवे को आर्थिक और पर्यावरणीय प्रगति, दोनों के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में स्थापित करते हैं।

New labor codes implemented: श्रमिकों के लिए ऐतिहासिक बदलाव

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भारत में 21 नवंबर 2025 से चार नए लेबर कोड लागू हुए — न्यूनतम सैलरी , सोशल सिक्योरिटी , गिग वर्कर्स को कानूनी पहचान। नई दिल्ली, जेएनएन। सरकार ने देश के सभी लेबर और एम्प्लाइज के लिए एक बड़ा फैसला करते हुए शुक्रवार से चार नए लेबर कोड लागू किए हैं।  पहले के 29 अलग-अलग श्रम कानूनों को अब 4 लेबर कोड में बदला गया है। नए नियमों का मकसद हर कामगार को समय पर और ओवरटाइम वेतन, न्यूनतम मजदूरी, महिलाओं को बराबर मौका और सैलरी, सोशल सिक्योरिटी, फ्री हेल्थ चेकअप देना है। नए कानून से कर्मचारी को 5 की जगह उदेश्य भारत सरकार ने 21 नवंबर 2025 को चार नई श्रम संहिताएँ (लेबर कोड) लागू कर दी हैं। ये कोड पुराने और बिखरे हुए 29 श्रम कानूनों को एक सरल, आधुनिक और एकीकृत ढाँचे में बदलते हैं। इन बदलावों को सरकार ने “श्रमिक-केंद्रित सबसे बड़े सुधारों में से एक” करार दिया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने श्रमिकों को नई श्रम संहिताओं के देशभर में लागू होने पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि ये परिवर्तन न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कामगारों की गरिमा के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसे ऐतिहासिक दिन बताया है। उन्होंने कहा: “Shramev Jayate!” — आज इस सुधार के साथ भारत की मजदूर नीति एक नए युग में प्रवेश कर रही है। ये खबर भी पढ़े…Launch of the book ‘Modi’s Mission’: एक विचार की कहानी नए कोड: क्या-क्या बदल रहा है? चार लेबर कोड – एक नई नींव वेज कोड (Code on Wages, 2019): न्यूनतम वेतन की कानूनी गारंटी, समय पर भुगतान अनिवार्य। औद्योगिक संबंध कोड (Industrial Relations Code, 2020): श्रमिकों और नियोक्ताओं के बीच संबंधों को व्यवस्थित करने के नए नियम सामाजिक सुरक्षा कोड (Code on Social Security, 2020): गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा कवर मिलेगा। OSHWC कोड (Occupational Safety, Health & Working Conditions, 2020): काम-गारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वार्षिक चेकअप जैसे प्रावधान शामिल हैं। श्रमिकों को मिलेंगे ये फायदे अपॉइंटमेंट लेटर: हर श्रमिक को नियुक्ति-पत्र अनिवार्य मिलेगा, जिसमें पोस्ट, वेतन और सुरक्षा सुविधाओं का जिक्र होगा।  फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी: अब स्थायी कर्मचारियों के बराबर लाभ — छुट्टियां, मेडिकल, सामाजिक सुरक्षा आदि। ग्रेच्युटी पाने के लिए सिर्फ एक साल की सेवा होगी जरूरी। 1.न्यूनतम वेतन: सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन लागू होगा। 2.ओवरटाइम: तय समय के बाद अतिरिक्त घंटे काम करने पर दोगुना भुगतान देना होगा। 3.स्वास्थ्य सुरक्षा: 40 वर्ष से ऊपर के श्रमिकों को मुफ्त वार्षिक हेल्थ चेकअप। 4.महिला कामगारों के अधिकार: समान वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल, और रात की पाली में काम करने की अनुमति (सुरक्षा के साथ और उनकी सहमति पर)। 4.गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स: पहली बार कानूनी परिभाषा; एग्रीगेटर कंपनियों को 1-2% सालाना कारोबार सामाजिक सुरक्षा फंड में देना होगा। 5.लचीला लाइसेंसिंग और नियम: नियोक्ताओं के लिए पैन-इंडिया लाइसेंस, एकल पंजीकरण, एकल सालाना रिटर्न जैसी व्यवस्थाएँ। ये खबर भी पढ़े…IED Practice: CISF को विस्फोट कवच में तीसरा स्थान, शीर्ष तीन में पहुंचने वाला एकमात्र CAPF वास्तविकता और चुनौतियाँ ट्रेड यूनियनों ने कुछ प्रावधानों पर चिंता जताई है। वे कहती हैं कि छंटनी (रिट्रेंचमेंट) के नियम अस्पष्ट हैं और केंद्र-राज्य स्तर पर मनमानी हो सकती है। कुछ छोटे व्यवसायों को डर है कि ओवरटाइम दोगुना देने और बेसिक वेतन बढ़ाने से उनकी लागत बहुत बढ़ेगी। सभी राज्यों ने अभी तक नए कोड के लिए नियम नहीं तैयार किए हैं। उदाहरण के लिए, PIB की रिपोर्ट के अनुसार 32 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने मसौदा नियम जारी किए, लेकिन कुछ अभी पीछे हैं। क्यों है यह सुधार इतना महत्वपूर्ण? यह कदम इसलिए भी बड़ा है क्योंकि लगभग 29 पुराने कानून (1930-1950 के दशक के) को नई, साफ़ और आधुनिक व्यवस्था से बदल रहा है। गिग-इकॉनॉमी, प्लेटफॉर्म काम, छोटे उद्योग और असंगठित श्रमिक – ये सभी अब पहले से अधिक संरक्षित होंगे। सरकार का कहना है कि यह भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और भविष्य-तैयार राष्ट्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये खबर भी पढ़े…IFFI Award 2025: 20 नवंबर से शुरू, अभिनेता रजनीकांत को 50 साल के कैरियर पर सम्मान निष्कर्ष इन चार नए लेबर कोड्स के लागू होने से भारत के श्रमिकों को बचपन की पुरानी अपेक्षाएँ अब हकीकत में बदलने का मौका मिलेगा। नियुक्ति पत्र से रोज़गार की गारंटी होगी, न्यूनतम वेतन का अधिकार मिलेगा, और गिग वर्कर्स जैसी अस्थिर श्रेणियाँ अब सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में आएंगी। यह पूरी दिशा “श्रमिक-पहचान, सम्मान और सुरक्षा” की ओर इंगित करती है। हालाँकि, चुनौतियाँ भी हैं – पूरी नीतियों को लागू करना, राज्यों को नियम बनाना, और निरीक्षण व्यवस्था को मजबूत करना। ये कदम तभी सफल होंगे जब केंद्र और राज्य मिलकर पारदर्शी और जवाबदेह क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। FAQs प्रश्न 1: नई श्रम संहिताओं का मुख्य उद्देश्य क्या है? नई चार लेबर कोड्स का मकसद पुराने, बिखरे और जटिल श्रम कानूनों को सरल और आधुनिक बनाना है। इनको लागू करके सरकार श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करना चाहती है। प्रश्न 2: क्या गिग वर्कर्स (जैसे फूड डिलीवरी, प्लेटफॉर्म कर्मचारी) इन नए कोड्स के तहत आ जाते हैं? हाँ। नए कोड्स में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स की कानूनी पहचान दी गई है। उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजना (PF, बीमा, पेंशन आदि) का दायरा मिलेगा। एग्रीगेटर कंपनियों को उनके लिए सालाना 1-2% कारोबार सामाजिक सुरक्षा फंड में जमा करना होगा। प्रश्न 3: महिला श्रमिकों के लिए नए कोड्स में क्या-क्या बदलाव हैं? महिला श्रमिकों को समान वेतन (equal pay for equal work) का अधिकार मिला है। साथ ही, उन्हें रात की पाली में काम करने की अनुमति है, बशर्ते सुरक्षा उपाय हों और उनकी सहमति हो। मातृत्व अवकाश 26 सप्ताह तक बढ़ाया गया है और शिकायत निवारण समितियों में महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है।

IED Practice: CISF को विस्फोट कवच में तीसरा स्थान, शीर्ष तीन में पहुंचने वाला एकमात्र CAPF

IED Practice

IED Practice CISF ranked third in blast shield only CAPF to reach the top three भोपाल। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने NSG मानेसर में आयोजित 9वें संयुक्त काउंटर IED अभ्यास – “विस्फोट कवच IX” में तीसरा स्थान प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। 16 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू कश्मीर) और 4 CAPF (BSF, CRPF, SSB और CISF) की कुल 23 उत्कृष्ट टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए CISF शीर्ष तीन में स्थान पाने वाला एकमात्र CAPF बना। यह उसकी बेहतरीन ऑपरेशनल तैयारी और काउंटर IED क्षमता का प्रमाण है। “विस्फोट कवच IX” के परिणाम 20 सदस्य शामिल सीआईएसएफ टीम में एक डॉग हैडलर और प्रशासनिक कर्मचारी सहित 20 सदस्य शामिल थे, और इसका नेतृत्व बेंगलुरु एयरपोर्ट में पदस्थ श्री संदीप मन्हास, उप कमांडेंट ने किया। टीम ने उच्च क्षमता वाले बम निरोधक कौशल, आधुनिक काउंटर आईईडी उपकरणों के उन्नत उपयोग और गहन तकनीकी समझ का प्रभावशाली प्रदर्शन किया जो देश की संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में बल की भूमिका को दर्शाता है। ये भी खबर पढ़े: Central Agricultural University में बंपर भर्ती: 179 पदों पर शानदार मौका दल की प्रस्तुति इस अभ्यास का एक मुख्य आकर्षण विमानन सुरक्षा, विविध आईईडी मॉडल, उपकरण नवाचारों-जिसमें एमपीआरटीसी बहरोड़ के प्रशिक्षकों के सहयोग से तैयार किए गए कस्टमाइज्ड टूल शामिल हैं-और घरेलू विस्फोटकों में उभरते रुझानों के व्यापक विश्लेषण पर दल की बहुप्रतीक्षित प्रस्तुति थी। जूरी और मूल्यांकन अधिकारियों ने टीम की पेशेवर गहराई और वास्तविक दुनिया की रिचालन चुनौतियों के प्रति व्यावहारिक दृष्टिकोण की सराहना की। सर्वोच्च स्कोर हासिल सीआईएसएफ टीम ने आरएसपी ड्रिल में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और सभी प्रतिभागी टीमों में सर्वोच्च स्कोर हासिल किया। इसके अलावा, सीआईएसएफ यूनिट डीएमआरसी के K9 चेतक ने विस्फोटक पहचान में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए विशेष प्रशंसा अर्जित की और K9 मूल्यांकन और आरएसपी ड्रिल दोनों में मूल्यांकनकर्ताओं को प्रभावित किया। ये भी खबर पढ़े: NIT Durgapur में बम्पर भर्ती: 118 नॉन-टीचिंग पदों के लिए आवेदन शुरू , जल्दी करें अप्लाई आईईडी खतरों का पता यह उपलब्धि भारत के प्रमुख औद्योगिक और महत्वपूर्ण अवसंरचना सुरक्षा बल के रूप में सीआईएसएफ की प्रतिष्ठा को साबित करती है। सीआईएसएफ वर्तमान में 360 से अधिक महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करता है, जिनमें हवाई अड्डे, बंदरगाह, अंतरिक्ष प्रतिष्ठान, परमाणु सुविधाएं, मेट्रो नेटवर्क और दंतेवाड़ा जैसे मुख्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थित इकाइयां शामिल हैं, जहां कर्मी नियमित रूप से आईईडी खतरों का पता लगाते हैं और उन्हें निष्क्रिय करते हैं। यह बल हवाई अड्डों, मेट्रो प्रणालियों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्तियों के माध्यम से प्रतिदिन एक करोड़ से अधिक यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करता है।

IFFI Award 2025: 20 नवंबर से शुरू, अभिनेता रजनीकांत को 50 साल के कैरियर पर सम्मान

IFFI award

IFFI award 2025 Celebrating actor Rajinikanth 50-year career, starting Novembaer 20 गोवा। 56वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) से पांच दिन पहले गोवा के मुख्यमंत्री डॉ प्रमोद सावंत तथा केंद्रीय सूचना और प्रसारण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री डॉ एल मुरुगन ने पणजी में इस प्रतिष्ठित आयोजन के बारे में एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। भव्य परेड होगी डॉ सावंत ने इस अवसर पर बताया कि महोत्सव में शामिल फिल्मों को इनॉक्स पणजी, इनॉक्स पोरवोरिम, मैक्विनेज पैलेस पणजी, रविंद्र भवन मड़गाव, मैजिक मूवीज पोंडा, अशोका और सम्राट पणजी में प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल महोत्सव के शुभारंभ पर एक भव्य परेड आयोजित की जाएगी। परेड 20 नवंबर को दोपहर बाद 03:30 बजे शुरू होकर एंटरटेनमेंट सोसायटी ऑफ गोवा के कार्यालय से कला अकादेमी तक जाएगी। प्रतिनिधियों की सुविधा के लिए सभी आयोजन स्थलों तक मुफ्त परिवहन की व्यवस्था की गई है। डॉ सावंत ने बताया कि मीरामार बीच, रविंद्र भवन मड़गाव और वागाटोर बीच पर फिल्मों को खुले में प्रदशित किया जाएगा। 20 से 28 नवंबर तक केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा है कि 20 से 28 नवंबर, 2025 तक गोवा में आयोजित होने वाले 56वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) में कई चीजें पहली बार होंगी जिससे महोत्सव का वैश्विक कद बढ़ेगा। इन परिवर्तनकारी पहलों और भारतीय सिनेमा को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को बढ़ावा मिलेगा। श्री मुरगन 15 नवंबर, 2025 पणजी में गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत के साथ महोत्सव से पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। 84 देशों की 270 से ज़्यादा फ़िल्में डॉ. मुरुगन ने कहा कि इफ्फी (आईएफएफआई) 2025 में 127 देशों से अभूतपूर्व 3,400 फ़िल्में प्राप्त की गई हैं, जिससे इस महोत्सव की स्थिति एशिया के प्रमुख फ़िल्म समारोहों में से एक के रूप में काफी मज़बूत हुई है। उन्होंने कहा, “84 देशों की 270 से ज़्यादा फ़िल्में दिखाई जाएँगी, जिनमें 26 विश्व प्रीमियर, 48 एशियाई प्रीमियर और 99 भारतीय प्रीमियर शामिल हैं। यह बढ़ती भागीदारी न केवल महोत्सव की प्रतिष्ठा को दर्शाती है, बल्कि विश्व सिनेमा में भारत की बढ़ती स्थिति को भी दर्शाती है।’’ फिल्म “लाल सलाम” इस वर्ष, अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का मुख्य आकर्षण जापान है, जिसमें स्पेन और ऑस्ट्रेलिया के विशेष रूप से निर्मित पैकेज शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस महोत्सव में गुरुदत्त, राज खोसला, ऋत्विक घटक, पी.भानुमति, भूपेन हज़ारिका और सलिल चौधरी जैसे महान भारतीय सिनेमा के दिग्गजों को जन्म की शताब्दी पर श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। डॉ. मुरुगन ने यह भी घोषणा की कि समापन समारोह में अभिनेता रजनीकांत को सिनेमा में 50 वर्ष पूरे करने पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनकी फिल्म “लाल सलाम” भी इस महोत्सव में दिखाई जाएगी। गोवा के प्रसिद्ध छायाकार के. वैकुंठ को भी इस महोत्सव में सम्मानित किया जाएगा। “क्रिएटिव माइंड्स ऑफ़ टुमॉरो” पहल के बारे में बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 799 प्रविष्टियों में से 124 युवा रचनाकारों का चयन एक अत्यंत प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है। डॉ. मुरुगन ने यह भी कहा कि वेव्स फिल्म बाज़ार का 19वां संस्करण भारत और विदेशों की सैकड़ों परियोजनाओं के लिए सह-निर्माण और बाज़ार के अवसरों को खोलेगा, जिसमें एआई, वीएफएक्स और सीजीआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का अन्वेषण करने के लिए एक समर्पित टेक पैवेलियन भी होगा। महिला निर्देशकों की फ़िल्में भारत की विकास यात्रा के केंद्र में नारी शक्ति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इफ्फी 2025 में महिला निर्देशकों की 50 से ज़्यादा फ़िल्में प्रदर्शित की जाएँगी। इस महोत्सव में 21 ऑस्कर प्रविष्टियाँ और 50 से ज़्यादा नवोदित फ़िल्म निर्माताओं की कृतियाँ प्रदर्शित की जाएँगी। दुनिया के शीर्ष फ़िल्म समारोहों की शीर्ष पुरस्कार विजेता फ़िल्में भी 56वें इफ्फी के दौरान प्रदर्शित की जाएँगी। सिनेमा को बढ़ावा सिनेमा में रचनात्मकता और नवोन्मेष को बढ़ावा देने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, मंत्री ने कहा, “सिनेमाएआई हैकाथॉन और सिनेमाघरों में सुगम्यता जैसी पहलों से सिनेमा को अधिक समावेशी, प्रौद्योगिकी-संचालित और वैश्विक रूप से सहयोगात्मक बनाने के हमारे दृष्टिकोण का पता चलता है।” गोवा सरकार तैयार इस वर्ष इफ्फी की शुरुआत ओल्ड जीएमसी बिल्डिंग के सामने वाली सड़क पर एक रंगारंग परेड के साथ होगी, जहाँ प्रोडक्शन हाउस, विभिन्न राज्यों और सांस्कृतिक समूहों की झाँकियाँ भारतीय संस्कृति, परंपरा और लोकाचार का प्रदर्शन करेंगी। परेड में 34 झाँकियाँ शामिल होंगी, जिनमें से 12 गोवा सरकार द्वारा तैयार की गई हैं।

Elections for the ABVP: Raghuraj elected as National President and Virendra re-elected

ABVP

Mumbai. The election procedure for the post of Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) National President and National General Secretary was successfully completed today and the results were announced from the central office of ABVP in Mumbai. Prof. (Dr.) Raghuraj Kishore Tiwari (Madhya Pradesh) got elected as National President and Dr. Virendra Singh Solanki (Madhya Pradesh) is the re-elected ABVP National General Secretary for the year 2024-2025. Scheduled to be held While announcing the results of the election of ABVP’s National President and ABVP’s National General Secretary, the Election Officer and special invitee member to the National Executive Committee of ABVP, Prof. (Dr.) Masadi Bapurao, stated that both the office bearers will assume their responsibility during the 71st ABVP National Conference scheduled to be held on 28, 29 and 30 November in Dehradun, Uttarakhand. Prof. (Dr.) Raghuraj Kishore Tiwari hails originally from Rewa, Madhya Pradesh. He completed his education up to PhD in Agronomy from Jawaharlal Nehru Krishi Vishwavidyalaya (Agricultural University), Jabalpur. Presently, he is serving as a Professor in the Department of Agronomy at the Rewa campus of the same university. He has been associated with Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) since 1987. As a student activist, he served as the elected President of the Student Union of the College of Agriculture, Rewa, and also as the State Secretary of the Mahakaushal Prant. As a teacher, he was honoured with the University’s Best Teacher Award (2014) by the Indian Council of Agricultural Research (ICAR) and received the Distinguished Scientist Award (2016) from prestigious Tribhuvan University, Nepal. He has published over 125 research papers at national and international levels, authored three books on Agronomy, guided more than 50 minor research projects, and supervised three doctoral dissertations. As the Principal Investigator, he represented his university in a joint research project conducted at the International Rice Research Institute (IRRI), Philippines. He played a pivotal role as a member of the implementation committee of the National Education Policy in the state of Madhya Pradesh. Previously, he served as Mahakaushal Provincial President and National Vice President (2006-09). Currently, he is the Principal Advisor for Agricultural Student Activities (Agrivision) and a Special Invitee Member of the National Executive Council. He has been elected as the National President of Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad for the year 2025-26. His residence is in Rewa. Dr. Virendra Singh Solanki hails originally from Indore, Madhya Pradesh. He completed his MBBS from Sri Aurobindo Institute of Medical Sciences (SAIMS), Indore and is pursuing a Doctor of Medicine with specialisation in Community Medicine at the same institute. He has been active in ABVP since 2014. Through ‘MeDeVision’ – an initiative of ABVP for allopathy students, he has provided national leadership to medical and dental students and has played a pivotal role in resolving their key concerns. He led a successful campaign at Devi Ahilya Vishwavidyalaya (DAVV), Indore, demanding the suspension of the Vice Chancellor on the charges of corruption and irregularities in examinations. He has successfully led the agitation in Madhya Pradesh for reimbursement of commercialisation-driven fee hikes in private medical colleges and, in 2018, spearheaded efforts to save the academic career of students of another private medical college which was shut down abruptly. Through a family-run clinic, he is providing the service of medical consultation and distribution of medicines to the deprived sections of our society at low costs. He has previously held responsibilities such as College President, Indore City Secretary, State In-charge of MeDeVision, Central Working Committee Member, MeDeVision National Convener and the National Secretary of ABVP. He has been re-elected as the National General Secretary for the year 2025-26. His residence is in Indore.

PM Modi: लेख साझा किया, बताया विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण

PM Modi

PM Modi Shares article explains vision of developed India 2047 दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह द्वारा बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित भारत के राष्ट्रगीत, जो भारत की स्वतंत्रता का शाश्वत गीत है, पर लिखे एक लेख को साझा किया। मोदी ने कहा, “उन्होंने लिखा है कि वंदे मातरम एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और पुनरुत्थानशील विकसित भारत 2047 के हमारे दृष्टिकोण को प्रेरित करता रहा है।” प्रधानमंत्री ने एक्स पर लिखा: <blockquote class=”twitter-tweet”><p lang=”en” dir=”ltr”>On the 150th anniversary of Vande Mataram, Union Minister Shri <a href=”https://twitter.com/AmitShah?ref_src=twsrc%5Etfw”>@AmitShah</a> writes about Bharat’s national song, composed by Bankim Chandra Chattopadhyay, the eternal song of India’s freedom. He reminisces how, written in the dark days of colonial rule, it became a dawn-song of… <a href=”https://t.co/TB4zPMQYNb”>https://t.co/TB4zPMQYNb</a></p>&mdash; PMO India (@PMOIndia) <a href=”https://twitter.com/PMOIndia/status/1986695340444225919?ref_src=twsrc%5Etfw”>November 7, 2025</a></blockquote> <script async src=”https://platform.twitter.com/widgets.js” charset=”utf-8″></script> जागृति का प्रभात गीत “वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर, केंद्रीय मंत्री @AmitShah बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित भारत के राष्ट्रगीत, जो भारत की स्वतंत्रता का शाश्वत गीत है, के बारे में लिखते हैं। वे याद दिलाते हैं कि कैसे औपनिवेशिक शासन के अंधकारमय दिनों में लिखा गया यह गीत, सांस्कृतिक गौरव और सभ्यतागत राष्ट्रवाद का सम्मिश्रण करते हुए, जागृति का प्रभात गीत बन गया।” उन्होंने लिखा कि वंदे मातरम एक आत्मविश्वासी, आत्मनिर्भर और पुनरुत्थानशील विकसित भारत 2047 के हमारे दृष्टिकोण को प्रेरित करता रहा है। इस लेख अवश्य पढ़ें।”

Air India Flight: राजाभोज हवाई अड्डे पर इमरजेंसी लैंडिग, यात्री सुरक्षित

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Air India Flight Emergency landing at Raja Bhoj Airport passengers safe भोपाल। दिल्ली से बेंगलुरु जा रहे एयर इंडिया के एक विमान (AIC 2487, A320 नियो, VT-EXO) को सोमवार देर शाम कार्गो होल्ड में चेतावनी मिलने के बाद भोपाल हवाई अड्डे पर डायवर्ट कर दिया गया। मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए, 1933 IST पर पूर्ण आपातकाल घोषित कर दिया गया। कुछ मिनट बाद, चालक दल ने पुष्टि की कि चेतावनी हट गई है और विमान की सभी प्रणालियाँ सामान्य हैं। विमान 172 लोगों के साथ 2000 IST पर सुरक्षित रूप से उतरा। सभी परिचालन सामान्य रहे। भोपाल हवाई अड्डे पर हवाई यातायात नियंत्रण, हवाई अड्डा अग्निशमन सेवाओं और एयरलाइनों द्वारा डायवर्ट को तुरंत संभाला गया। परिचालन प्रभावित नहीं हुआ।

Bihar Electon: सांसद भोपाल ने दरभंगा की हायाघाट सीट पर संभाली कमान, दिए चुनावी टिप्स

Bihar Election

Bihar Election MP Bhopal takes charge of Hayaghat seat in Darbhanga gives election tips दरभंगा। बिहार में जैसे जैसे विधानसभा चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही है, चुनाव प्रचार जोर पकड़ता जा रहा है। भोपाल सांसद आलोक शर्मा को दरभंगा जिले की हायाघाट सीट पर प्रचार की कमान सौंपी गई है। सांसद शर्मा ने शनिवार को हायाघाट पहुंचते ही मंडल स्तर पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लेना शुरू कर दिया। विधानसभा क्रमांक 84, हायाघाट सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने डॉ रामचंद्र प्रसाद को पुनः प्रत्याशी बनाया है। सांसद आलोक शर्मा ने हायाघाट में सिधोली स्थित एनडीए के प्रधान कार्यालय परिसर में प्रमुख कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया। उसके बाद वे हायाघाट दक्षिणी मंडल के ग्राम मझौलिया, बहेरी उत्तरी मंडल के पघारी पहुंचे जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं, ग्रामीणजनों को संबोधित किया और बिहार के समग्र विकास के लिए भाजपा प्रत्याशी डॉ रामचंद्र प्रसाद को भारी मतों से जिताने की अपील की। टीम का अहम रोल सांसद आलोक शर्मा ने दरभंगा में हायाघाट सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान कार्यकर्ताओं को चुनावी प्रबंधन के टिप्स दिए। सांसद शर्मा ने कहा कि चुनाव में बूथ पर काम करने वाली टीम का अहम रोल होता है। प्रत्येक कार्यकर्ता को पार्टी के प्रति निष्ठा भाव रखते हुए काम करना होगा। सांसद आलोक शर्मा के साथ चुनाव प्रचार के दौरान हायाघाट से भाजपा प्रत्याशी डॉ रामचंद्र प्रसाद, पूर्व विधायक अमरनाथ गामी, जोधपुर (राजस्थान) के भाजपा विधायक अतुल भंसाली, हायाघाट उत्तरी प्रखंड के अध्यक्ष जय गोपाल चौधरी, हायाघाट प्रखंड अध्यक्ष गोविंद कुमार मंडल, लोक जनशक्ति पार्टी हायाघाट प्रखंड के अध्यक्ष अनिल पासवान, बहेरी प्रखंड के अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, विधानसभा प्रभारी पप्पू भी मौजूद रहेष

Weather Update: बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव, ओड़िसा में हाई अलर्ट जारी

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Low pressure forming in Bay of Bengal Odisha on high alert नई दिल्ली। मौसम का मिजाज बदला है। बंगाल की खाड़ी में बन चक्रवात है। ओडिशा में चक्रवात की संभावना को देखते हुए सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव के कारण 27 अक्टूबर तक चक्रवात आने की संभावना बनी है। बारिश की चेतावनी जारी मौसम विभाग ने इसको देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ओडिशा सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। इसके साथ ही एमपी के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। भोपाल, इंदौर-जबलपुर में आज से 4 दिन मौसम बदला रहेगा। कोहरा छाया रहा भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के आधे हिस्से में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में आधा घंटा सीजन का पहला कोहरा भोपाल, इंदौर, जबलपुर समेत प्रदेश के आधे हिस्से में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। भोपाल में आधा घंटा सीजन का पहला कोहरा छाया रहा। आज से एक-दो दिन बादल छाने और बूंदाबांदी के आसार बने है। प्रदेश में पिछले कुछ दिन से अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट देखने को मिली। 26, 27 और 28 अक्टूबर को भी बारिश के आसार बने है। रात का तापमान 15 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन अब तापमान बढ़ा है। भोपाल, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन में रात का तापमान 20 डिग्री से ज्यादा है। दिन में पारा 34 डिग्री तक पहुंचा है।