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Kashi Tamil Sangamam: प्रधानमंत्री मोदी की पहल,  प्रदर्शनी का उद्घाटन 

Kashi Tamil Sangamam

Kashi Tamil Sangamam Initiative of Prime Minister Modi inauguration of exhibition नई दिल्ली। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्यमंत्री डॉ. एल. मुरुगन  ने 02 दिसंबर से  वाराणसी के नमो घाट पर शुरू हो रहे ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ में “काशी एवं तमिल की संस्कृति, महान व्यक्तित्वों एवं केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी नीतियों” विषय पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन  ने  कहा कि  ‘काशी तमिल संगमम्’  का आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे जहां एक ओर काशी और तमिल की संस्कृति को  आपस में  जानने का अवसर मिलता है वहीं दूसरी ओर इससे हमारे राष्ट्र की एकता और अखंडता को और अधिक मजबूती मिलती है। डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि ‘काशी तमिल संगमम्’ प्रत्येक वर्ष अलग – अलग विषयों पर आयोजित किया जाता है, यह काशी तमिल संगमम् का चतुर्थ संस्करण है तथा इसका विषय है ‘तमिल करकलाम’ जिसका अर्थ है आइए तमिल सीखें। केंद्रीय मंत्री ने कहा इस प्रकार के आयोजन से काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों से स्थापित सांस्कृतिक संबंध और भी मजबूत होंगे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किये गये जी.एस.टी. सुधार एवं श्रम कानून सुधारों से देश की आम जनता को अत्यधिक फायदा हो रहा है।  काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने वाले ‘काशी तमिल संगमम्’ के इस चतुर्थ संस्करण में केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगायी गयी चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु एवं काशी की महान विभूतियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान एवं उनकी उपलब्धियां को दर्शाया गया है। चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु की महान विभूतियों जैसे ऋषि अगस्त्य, तमिल महिला कवि संत अव्वैयार, तमिल कवि संत तिरुवल्लुवर, कवयित्री और संत कारैकल अम्माइयार, भक्ति आंदोलन की कवि एवं संत अंडाल (कोधाई), थिरूनावुक्कारसर, तमिल कवि और समाज सुधारक श्री रामलिंग स्वामी (वल्लालर), तमिल विद्वान यू. वी. स्वामीनाथ अय्यर,  अग्रणी समाज सुधारक, चिकित्सक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ब्रिटिश भारत में पहली महिला विधायक डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी, गणितज्ञ श्री निवास रामानुजन, अविष्कारक और उद्योगपति जी.डी. नायडू, खगोलशास्त्री सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, भारत में हरित क्रांति के जनक डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, नोवेल पुरस्कार विजेता वेंकटरामन रामकृष्णन, स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, नोबेल पुरस्कार विजेता एवं महान वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकट रमन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सुप्रसिद्ध राजनेता एवं भारत रत्न के. कामराज, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध राजनेता चिदंबरम सुब्रमण्यम, महान अभिनेता एवं राजनेता एम. जी. रामचंद्रन इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों एवं शब्दों में दर्शाया गया है।  इसी प्रकार काशी की महान विभूतियां जैसे संत कबीरदास, संत रविदास, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय, सुप्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान, विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पंडित रविशंकर, महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों शब्दों के माध्यम से दर्शाया गया है।  चित्र प्रदर्शनी में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किये जा रहे सरकार के जन कल्याणकारी नीतियों, प्रयासों एवं योजनाओं को भी दर्शाया गया है। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा हाल में श्रम सुधार के लिए बनाये गये कानूनों, विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी के दरों को कम करने के लिये किए गये प्रयासों की जानकारी दर्शकों और जनसामान्य के लिए प्रदर्शित की गई है। यह प्रदर्शनी जनता के दर्शन के लिये 15 दिसंबर तक निरंतर रहेगी। https://platform.twitter.com/embed/Tweet.html?dnt=false&embedId=twitter-widget-0&features=eyJ0ZndfdGltZWxpbmVfbGlzdCI6eyJidWNrZXQiOltdLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X2ZvbGxvd2VyX2NvdW50X3N1bnNldCI6eyJidWNrZXQiOnRydWUsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdHdlZXRfZWRpdF9iYWNrZW5kIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9uIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19yZWZzcmNfc2Vzc2lvbiI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfZm9zbnJfc29mdF9pbnRlcnZlbnRpb25zX2VuYWJsZWQiOnsiYnVja2V0Ijoib24iLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X21peGVkX21lZGlhXzE1ODk3Ijp7ImJ1Y2tldCI6InRyZWF0bWVudCIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfZXhwZXJpbWVudHNfY29va2llX2V4cGlyYXRpb24iOnsiYnVja2V0IjoxMjA5NjAwLCJ2ZXJzaW9uIjpudWxsfSwidGZ3X3Nob3dfYmlyZHdhdGNoX3Bpdm90c19lbmFibGVkIjp7ImJ1Y2tldCI6Im9uIiwidmVyc2lvbiI6bnVsbH0sInRmd19kdXBsaWNhdGVfc2NyaWJlc190b19zZXR0aW5ncyI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdXNlX3Byb2ZpbGVfaW1hZ2Vfc2hhcGVfZW5hYmxlZCI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdmlkZW9faGxzX2R5bmFtaWNfbWFuaWZlc3RzXzE1MDgyIjp7ImJ1Y2tldCI6InRydWVfYml0cmF0ZSIsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfbGVnYWN5X3RpbWVsaW5lX3N1bnNldCI6eyJidWNrZXQiOnRydWUsInZlcnNpb24iOm51bGx9LCJ0ZndfdHdlZXRfZWRpdF9mcm9udGVuZCI6eyJidWNrZXQiOiJvbiIsInZlcnNpb24iOm51bGx9fQ%3D%3D&frame=false&hideCard=false&hideThread=false&id=1995823681273278662&lang=en&origin=https%3A%2F%2Fwww.pib.gov.in%2FPressReleasePage.aspx%3FPRID%3D2197699%26reg%3D3%26lang%3D2&sessionId=908a61c9c7fba83a0e7875e14ba55efd124323e3&theme=light&widgetsVersion=2615f7e52b7e0%3A1702314776716&width=550px

RO ARO Mains Exam 2026 ने घोषित की आरओ-एआरओ मेंस परीक्षा की तारीखें

Student

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने असिस्टेंट रिव्यु अफसर (RO) और असिस्टेंट रिव्यु अफसर (ARO) मेंस परीक्षा 2023 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बार परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित होगी। कुल 7509 कॅंडिडेट मेंस परीक्षा के लिए चयनित हुए हैं, जिनमें से कई कॅंडिडेट वर्षों की तैयारी के बाद इस इम्पोर्टेन्ट परीक्षा में शामिल होंगे। आयोग ने परीक्षा का समय और पैटर्न भी स्पष्ट कर दिया है। पहली पाली में सामान्य स्टडी और दूसरी पाली में हिंदी, आलेखन और व्याकरण के पेपर होंगे। उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है, क्योंकि आरओ और एआरओ जैसी जिम्मेदार पदों पर चयन मिलना न सिर्फ सरकारी नौकरी की दिशा में इम्पोर्टेन्ट कदम है, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का मौका भी देता है। छात्रों और कॅंडिडेट के लिए यह समय तैयारी और रणनीति का है। आयोग ने प्रवेश पत्र और परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराने का वादा किया है। इस परीक्षा के माध्यम से हजारों अभ्यर्थियों के करियर में नए अवसर खुलेंगे, और UPPSC राज्य की प्रशासनिक सेवा में नए चेहरे जोड़ने के लिए तैयार है। एग्जाम डेट आयोग के अनुसार परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित होगी।पहले दिन सुबह की पाली 9:30 से 11:30 बजे तक होगी।इस सत्र में सामान्य अध्ययन का प्रश्नपत्र शामिल होगा।यह प्रश्नपत्र प्रारंभिक परीक्षा की तरह वस्तुनिष्ठ (Objective) पैटर्न पर आधारित रहेगा। दोपहर की दूसरी पाली 2:00 से 5:00 बजे तक चलेगी।इसमें दो खंड होंगे — खंड एक और खंड दो।खंड एक में दोपहर 2:00 से 4:30 बजे तक पारंपरिक सब्जेक्टिव (Subjective) पेपर होंगे।इस भाग में सामान्य हिंदी और आलेखन (Drafting) से संबंधित प्रश्न पूछे जाएंगे।खंड दो में 4:30 से 5:00 बजे तक वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी।इसमें सामान्य शब्द ज्ञान और व्याकरण से प्रश्न पूछे जाएंगे। दूसरे दिन, यानी 1 फरवरी 2026 को, एक मात्र परीक्षा होगी।यह सुबह 9:30 से 12:30 बजे तक चलेगी।इस सत्र में हिंदी निबंध (Essay) का प्रश्नपत्र होगा। आयोग ने बताया कि आरओ–एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 2023 का परिणाम 16 सितंबर 2025 को घोषित किया गया था।कुल 7509 अभ्यर्थी मेंस परीक्षा के लिए सफल घोषित हुए हैं।इनमें 6093 उम्मीदवार समीक्षा अधिकारी पद के लिए चयनित हैं।1386 उम्मीदवार सहायक समीक्षा अधिकारी पद के लिए और 30 उम्मीदवार एआरओ (लेखा) पद के लिए सफल हुए हैं। आयोग के उप सचिव वीरेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह जानकारी दी।उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रयागराज समेत राज्य के विभिन्न केंद्रों पर होगी।सभी उम्मीदवारों के लिए प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट पर समय से पहले जारी किए जाएंगे। उम्मीदवारों से कहा गया है कि वे आयोग की वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर नियमित रूप से नज़र रखें।वहां से उन्हें परीक्षा से जुड़ी ताज़ा जानकारी, निर्देश और प्रवेश पत्र डाउनलोड लिंक मिलेगा। आयोग ने उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले अपनी तैयारी और समय प्रबंधन पर ध्यान देने की सलाह दी है।इसके साथ ही परीक्षा में शामिल होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए दिशानिर्देश भी जल्द जारी किए जाएंगे। FAQs 1. आरओ/एआरओ मेंस परीक्षा कब होगी?आरओ/एआरओ मेंस परीक्षा 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। 2. परीक्षा का समय क्या रहेगा? पहली पाली सुबह 9:30 से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी। 3. मेंस परीक्षा में कितने अभ्यर्थी शामिल होंगे?कुल 7509 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। 4. परीक्षा का पैटर्न क्या होगा?पहले दिन सामान्य स्टडी, हिंदी और आलेखन के पेपर होंगे। दूसरे दिन हिंदी निबंध की परीक्षा होगी। 5. प्रवेश पत्र कब जारी होंगे?प्रवेश पत्र परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले यूपीपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे

IIT BHU प्लेसमेंट 2025: 1227 छात्रों को नौकरी, औसत पैकेज 22.81 लाख रुपये

BHU

आईआईटी बीएचयू वाराणसी के प्लेसमेंट 2025 सत्र में कुल 1227 छात्रों को नौकरी मिली। औसत वेतन पैकेज 22.81 लाख रुपये रहा। इस साल 289 छात्रों को प्री-प्लेसमेंट ऑफर (PPO) भी मिला। बी.टेक और बी.टेक+एम.टेक छात्रों के लिए यह साल बेहद शानदार रहा। अगर आप इससे इस प्लेसमेंट का लाभ लेना चाहते हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय ने 2025 के प्लेसमेंट सत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। इस साल कुल 1227 छात्रों को प्लेसमेंट मिला। औसत वेतन पैकेज 22.81 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा। संस्थान ने बताया कि अब तक 289 छात्रों को प्री-प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त हुए हैं। कुल 530 अलग-अलग भूमिकाओं में छात्रों को नियुक्त किया गया है। ये आंकड़े आईआईटी बीएचयू की शैक्षणिक और औद्योगिक प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं। आईआईटी बीएचयू के चार वर्षीय यूजी कार्यक्रम में छात्रों को औसतन 20 लाख रुपये का पैकेज मिला। वहीं पांच वर्षीय यूजी कार्यक्रम के छात्रों को औसतन 21.16 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज मिला। स्नातकोत्तर (PG) छात्रों के लिए औसत पैकेज 10 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा। यह आंकड़े बताते हैं कि संस्थान में हर कोर्स के छात्रों को मजबूत करियर अवसर मिल रहे हैं। आईआईटी बीएचयू के अनुसार, 2025 के प्लेसमेंट में कई प्रतिष्ठित कंपनियां जैसे गूगल, अमेज़न , माइक्रोसॉफ्ट , गोल्डमैन सैक्स और एप्पल शामिल हुईं। इन कंपनियों ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, डाटा एनालिटिक्स, कोर इंजीनियरिंग और फाइनेंस के क्षेत्रों में नियुक्तियां कीं। छात्रों ने बताया कि संस्थान का प्रशिक्षण और करियर सपोर्ट सिस्टम प्लेसमेंट में बड़ी भूमिका निभाता है। इस साल की प्लेसमेंट दर बेहद उत्साहजनक रही। एनआईआरएफ (NIRF) 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, आईआईटी बीएचयू देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक बना हुआ है। संस्थान लगातार छात्रों को उद्योग-उन्मुख शिक्षा और बेहतर रोजगार अवसर प्रदान कर रहा है। कुल मिलाकर, 2025 का सत्र आईआईटी बीएचयू के लिए सफलता का प्रतीक रहा है। FAQs 1. आईआईटी बीएचयू में 2025 में कुल कितने छात्रों को प्लेसमेंट मिला?आईआईटी बीएचयू के 2025 प्लेसमेंट सत्र में कुल 1227 छात्रों को नौकरी मिली। 2. इस साल औसत वेतन पैकेज कितना रहा?औसत वेतन पैकेज 22.81 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा, जो पिछले साल से अधिक है। 3. कितने छात्रों को प्री-प्लेसमेंट ऑफर मिला?इस साल 289 छात्रों को कंपनियों से प्री-प्लेसमेंट ऑफर प्राप्त हुए। 4. बी.टेक और बी.टेक+एम.टेक छात्रों का औसत पैकेज क्या है?बी.टेक छात्रों का औसत पैकेज 20 लाख रुपये और बी.टेक+एम.टेक छात्रों का 21.16 लाख रुपये रहा। 5. कौन-कौन सी प्रमुख कंपनियां प्लेसमेंट ड्राइव में शामिल हुईं?गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न, एप्पल और गोल्डमैन सैक्स जैसी कंपनियां शामिल हुईं।

Shivraj Singh Chouhan: केंद्रीय कृषि मंत्री ने किया किसान मेले का उद्घाटन, माटी की सुरक्षा की अपील की

Shivraj Singh Chouhan

Union Agriculture Minister Chauhan inaugurated the farmers fair in Deoria देवरिया। जनपद के आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज, पथरदेवा में शनिवार को भारतीय जनसंघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री स्व. रविंद्र किशोर शाही की 43वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई। इस मौके पर दो दिवसीय कृषि मेला, स्वास्थ्य शिविर और प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। अनेक योजनाएं शुरू केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस मौके पर कहा कि स्व. रविंद्र किशोर शाही भारतीय जनसंघ के उन प्रखर नेताओं में से थे, जिन्होंने संगठन की नींव गांव-गांव तक मजबूत की। स्व. शाही ने राजनीति को सेवा का माध्यम बनाया और अपने जीवन को समाजसेवा एवं राष्ट्रहित के कार्यों के लिए समर्पित किया। वे कर्मठ संगठनकर्ता, संवेदनशील समाजसेवी और सच्चे जननेता थे, जिनके विचार आज भी कार्यकर्ताओं को प्रेरणा प्रदान करते हैं। शिवराज सिंह ने कहा कि स्व. शाही जी ने किसानों, मजदूरों, युवाओं और आम नागरिकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की। उन्होंने जनसंघ तथा बाद में भारतीय जनता पार्टी के संगठन को निचले स्तर तक विस्तारित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में, आत्मनिर्भर भारत निर्माण की दिशा में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार किसानों को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि स्व. शाही जी का सपना “आत्मनिर्भर किसान और सशक्त भारत” था, जिसे साकार करने की दिशा में केंद्र सरकार लगातार कार्य कर रही है। शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों के हितों के विरुद्ध काम करने वाले, गड़बड़ियां करने वाले और खराब बीज बेचने वाले सावधान हो जाएं, इनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कड़ा कानून और बड़ा कानून लाएंगे। यदि कोई कंपनी किसानों को ठगने की कोशिश करेगी तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उपज का उचित दाम मिले केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिले, इसके लिए हमने नई MSP घोषित की है। उन्होंने सभी से अपील की कि प्राकृतिक खेती को अपनाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए भी धरती और माटी की सुरक्षा करें। इसके लिए अधिक उर्वरक और कीटनाशक दवाओं के प्रयोग से बचना होगा। इस अवसर पर केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम, देवरिया के सांसद श्री शशांक मणि त्रिपाठी, कुशीनगर के सांसद श्री विजय कुमार दुबे, सदर विधायक श्री शलभ मणि, भाजपा के जिलाध्यक्ष श्री भूपेंद्र सिंह समेत अन्य जनप्रतिनिधि, स्थानीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि, किसान भाई-बहन, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं के नारे को जीवंत बना रहा आयोजन

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सीएम योगी के स्वदेशी अभियान को नई उड़ान दे रहे स्वदेशी मेले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हो रहे कार्यक्रम से आत्मनिर्भर भारत को मिल रही गति दीपावली पर स्थानीय उत्पादों को मिल रहा नया बाजार, कारीगरों और उद्यमियों की दीवाली होगी समृद्ध  आर्थिक मजबूती के साथ ही स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों का बढ़ रहा सामाजिक सम्मान  स्वदेशी मेलों के माध्यम से स्थानीय उद्योग, कला और संस्कृति को मिल रही वैश्विक पहचान स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं के नारे को जीवंत बना रहा आयोजन   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि जब स्थानीय उत्पादों को सम्मान मिलेगा, तब आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। उनकी यही सोच अब प्रदेश के हर जिले में स्वदेशी मेलों के रूप में जमीन पर उतरती दिख रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित किए जा रहे “स्वदेशी मेले” न केवल स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध करा रहे हैं, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी सशक्त बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्वदेशी मिशन को आगे बढ़ाते हुए, यह पहल दीपावली के अवसर पर स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और उद्यमियों को आर्थिक मजबूती और सामाजिक सम्मान दोनों प्रदान कर रही है।  सीएम योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश है कि स्वदेशी सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की जीवनशक्ति है। उनकी नीति है कि उत्तर प्रदेश का हर नागरिक अपने आस-पास निर्मित उत्पादों को अपनाए और राज्य को आर्थिक रूप से सशक्त, सांस्कृतिक रूप से गौरवान्वित बनाए। यह स्वदेशी मेले“स्वदेशी उत्पाद अपनाएं, उत्तर प्रदेश को सशक्त बनाएं”के नारे को ही जीवंत बना रहे हैं।  स्थानीय से वैश्विक पहुंच तक मिल रहा विस्तार  स्वदेशी मेले का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। इन मेलों में न केवल हस्तशिल्पियों और कारीगरों को बाजार मिलेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी देशी उत्पादों की गुणवत्ता और विविधता का सीधा अनुभव होगा। इसके जरिए स्वदेशी उत्पादों का प्रचार-प्रसार होगा, जबकि हस्तशिल्पियों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध हो रहा है। यही नहीं, उत्पादकों को उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने का भी अवसर प्राप्त हो रहा है। वहीं, पारंपरिक कला और शिल्प को जीवित रखने के मिशन को भी बल मिल रहा है। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास और रोजगार सृजन भी हो रहा है।  करोड़ों रुपए का हो सकता है व्यापार मुख्यमंत्री योगी की इस पहल से जनपद स्तर पर करोड़ों रुपए का व्यापार होने की संभावना है। यूपीआईटीएस में हाल ही में इसकी झलक देखने को मिली है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नया प्रोत्साहन मिलेगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे तो वहीं स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी और महिला उद्यमियों को भी नई पहचान मिलेगी। इसके साथ ही, युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बल मिलेगा।  सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण स्वदेशी मेला सिर्फ व्यापार का मंच नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और कला का उत्सव भी है। इसमें हथकरघा, खादी, ग्रामोद्योग और माटी कला जैसे पारंपरिक क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जा रहा है। लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक प्रदर्शनियों के माध्यम से सांस्कृतिक रंगत का प्रदर्शन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर मेलों को केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव के रूप में भी आयोजित किया जाएगा। संस्कृति विभाग, युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मेले का आकर्षण बढ़ाएंगी। उपभोक्ताओं को भी मिलेगा विशेष आर्थिक लाभ मेले में उपभोक्ताओं को भी विशेष लाभ मिलेगा। उन्हें जीएसटी की दरों में विशेष छूट का लाभ होगा, जबकि दीपावली ऑफर और विशेष रियायतें भी मिल रही हैं। यही नहीं, सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि सीधे उत्पादक से खरीदारी का अवसर प्राप्त हो रहा है, जिससे मूल्य में पारदर्शिता रहेगी। इस पहल से प्रदेश की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। लघु उद्योगों को प्रत्यक्ष बाजार के साथ ही निर्यात की संभावनाओं में वृद्धि होने की संभावना है।  विभागों की सक्रिय भागीदारी इन मेलों में उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, ओडीओपी, सीएम युवा और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा। सभी प्रतिभागियों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए हैं।

जनसमस्याओं पर सीएम योगी का बयान: समाधान देना ही सरकार की प्राथमिकता

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सीएम योगी का आश्वासन: जनता की हर समस्या का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनसमस्याओं पर सीएम योगी का बयान: समाधान देना ही सरकार की प्राथमिकता जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं अधिकारियों से बोले मुख्यमंत्री, हर पीड़ित की समस्या का हो समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण गोरखपुर  गोरखपुर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास करने के बाद शुक्रवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने समस्या लेकर आए लोगों से आत्मीयता से सबातचीत करते हुए कहा, ‘घबराइए मत, हर समस्या का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। हर पीड़ित की शिकायत का प्रभावी निस्तारण कराया जाएगा। यह सरकार की प्राथमिकता है।’ जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर पीड़ित व्यक्ति की समस्या पर संवेदनशीलता से ध्यान दें और उसका समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण व पारदर्शी निस्तारण कराएं। शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सामने आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनका समाधान करने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक रही। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे। एक-एक कर और इत्मीनान से सबकी समस्याएं सुनीं। उन्हें आश्वस्त किया कि वह सभी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराएंगे। किसी को भी घबराने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। प्रार्थना पत्रों को उन्होंने अधिकारियों को हस्तगत करते हुए निर्देश दिया कि हर समस्या का निस्तारण त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। कुछ लोगों द्वारा जमीन कब्जाने की शिकायत पर उन्होंने कठोर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह निर्देश भी दिए कि यदि किसी प्रकरण में पीड़ित को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ा है तो इसकी भी जांच कर जवाबदेही तय की जाए।  जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनसे कहा कि इलाज में धन की कमी बाधक नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इलाज में अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूर्ण कराकर शासन में भेजें। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इलाज के लिए पर्याप्त राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में परिजनों के साथ बच्चों पर खूब प्यार-दुलार बरसाया। उन्होंने इन बच्चों को चॉकलेट देकर आशीर्वाद दिया।

लाल गोली बनी सेहत की डोरी, एक दिन में 9.04 लाख महिलाओं और बच्चियों ने खाई आयरन की गोली

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मिशन शक्ति 5.0 : एनीमिया के खिलाफ 9 लाख बेटियों ने जीती जंग, पेश की मिसाल एनीमिया मुक्त अभियान में कानपुर ने बनाया कीर्तिमान, उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्मिक होंगे सम्मानित लाल गोली बनी सेहत की डोरी, एक दिन में 9.04 लाख महिलाओं और बच्चियों ने खाई आयरन की गोली 4500 केंद्रों पर एक साथ चला अभियान, 14 लाख महिलाओं को कवर करने का रखा गया है लक्ष्य  इस अभियान को जनआंदोलन बनाने वाली विभागीय टीमों को भी सोमवार को किया जाएगा सम्मानित  लखनऊ/कानपुर मिशन शक्ति 5.0 के तहत एनीमिया मुक्त अभियान में कानपुर ने इतिहास रच दिया। बुधवार को जिले के 4500 से अधिक केंद्रों पर चलाए गए अभियान में 9,04,141 महिलाओं, किशोरियों और छात्राओं ने एक साथ आयरन फोलिक एसिड (लाल गोली) खाकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। यह उपलब्धि न केवल कानपुर बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण उदाहरण बन गई है। अब इस दिशा में जिला प्रशासन ने एक और कदम बढ़ाते हुए ऐसे केंद्रों के कार्मिकों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है, जहां सर्वाधिक महिलाओं और बेटियों ने आयरन गोली गृहण की। सोमवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में यह सम्मान उन विभागीय टीमों को भी मिलेगा, जिन्होंने अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया।  स्वास्थ्य और आत्मविश्वास सशक्त करने का अभियान  जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि मिशन शक्ति 5.0 अब महिलाओं की सुरक्षा से आगे बढ़कर उनके स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को सशक्त करने का अभियान बन चुका है। इसी क्रम में कानपुर में इस पहल को आगे बढ़ाया गया है। यह अभियान ऐतिहासिक रूप से सफल रहा है और अब हमारा प्रयास इसे सफल बनाने वाले कार्मिकों को सम्मानित करने का है, ताकि जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है उसे पूरे जोश और जज्बे के साथ हासिल किया जा सके। जिलाधिकारी ने सीडीओ दीक्षा जैन, सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, जेएसआई हुदा जेहरा सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत राज और आंगनबाड़ी विभाग की टीम को इस पहल के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि टीम भावना और सामूहिक प्रयास से ही एनीमिया मुक्त कानपुर का सपना साकार होगा। महिलाओं ने दी सेहतमंद समाज की मिसाल विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के नेतृत्व में महिला कार्मिकों ने सामूहिक रूप से आयरन गोली खाई और संदेश दिया कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समृद्ध समाज की आधारशिला है। एसीएमओ डॉ. उदयभान सिंह ने बताया कि जिले में 14 लाख महिलाओं को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है और पहले चरण में ही 9 लाख से अधिक तक पहुंच बना ली गई है। कांशीराम चिकित्सालय के डॉ. पीयूष मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार 15–17 वर्ष की 57% किशोरियां और 50 वर्ष से कम आयु की 60% महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। यह अभियान उनके लिए राहत लेकर आया है। डफरिन हॉस्पिटल की सीएमएस डॉ. रुचि जैन ने कहा कि गर्भावस्था और प्रसव उपरांत दोनों अवस्थाओं में आयरन गोली अत्यंत आवश्यक है। यह अभियान महिलाओं को सशक्त और परिवारों को स्वस्थ बनाएगा। विद्यालयों और गांवों में दिखा उत्सव जैसा माहौल स्कूलों में छात्राओं की तालियां बजीं, तो गांव की चौपालों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर मुस्कानें दिखीं। एसएन सेन कॉलेज, एचबी महिला महाविद्यालय, डीएवी कॉलेज, नरवल पीएचसी, डफरिन हॉस्पिटल, कांशीराम चिकित्सालय, बर्रा-गोविंदनगर सीएचसी, घाटमपुर-बिल्हौर पंचायत भवन और बिठूर-शिवराजपुर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं की भारी भागीदारी रही। छात्राओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह गोली छोटी है, पर असर बड़ा है। अब हर हफ्ते इसे नियमित रूप से खाएंगी ताकि खुद और परिवार स्वस्थ रहें।

अयोध्या में मेयर राज मिश्रा का बड़ा ऐलान – यूपी में ₹2500 करोड़ का निवेश करेंगे

अयोध्या इंग्लैंड के वेलिंगबोरो शहर के मेयर राज मिश्रा अपने 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ  आध्यात्मिक नगरी अयोध्या पहुंचे. यहां नगर निगम के महापौर और पार्षदों ने उनका स्वागत किया. इस दौरान मेयर राज मिश्रा ने अयोध्या की भव्यता और सांस्कृतिक महत्व की सराहना की और इसे केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में श्रद्धा और आस्था का केंद्र बताया. उन्होंने कहा कि दीपोत्सव जैसे आयोजन अयोध्या को वैश्विक पहचान दे चुके हैं. उन्होंने यह भी बताया कि इंग्लैंड में भी लोग अयोध्या का नाम सुनकर यहां आने की इच्छा रखते हैं. मेयर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण अयोध्या अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल के रूप में उभरी है. किसान के बेटे से इंग्लैंड के मेयर तक राज मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक गांव से हैं. उन्होंने अपने संघर्ष और सफर की कहानी साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक सामान्य किसान परिवार से निकलकर उन्होंने इंग्लैंड की राजनीति में अपनी पहचान बनाई. यह सफर उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अनुभव रहा. अयोध्या में मेयर मिश्रा ने श्रीराम जन्मभूमि पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया. दर्शन के दौरान देरी होने पर उन्होंने प्रभु श्रीराम से क्षमा भी मांगी. इसके अलावा उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से भी भेंट की. राज मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में 2500 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की. यह निवेश AI Development Solution Project के तहत किया जाएगा, जिससे प्रदेश में 1000 प्रत्यक्ष और 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार विकसित होंगे. उन्होंने कहा कि भारत और इंग्लैंड के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और अब अयोध्या प्रवासी भारतीयों के लिए श्रद्धा और गौरव का केंद्र बन चुकी है. मेयर मिश्रा ने प्रधानमंत्री मोदी को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बताया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था और पर्यटन को मिली नई दिशा की सराहना की. उन्होंने इस यात्रा को अपने जीवन का सबसे सौभाग्यशाली क्षण बताया.

पीएम मोदी की अयोध्या यात्रा: 25 नवंबर को ध्वजारोहण, राम मंदिर का महत्व विश्व में उजागर

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अयोध्या राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि राम मंदिर सिर्फ राष्ट्र मंदिर नहीं है बल्कि अंतरराष्ट्रीय राम मंदिर बने। यह बात सभी क्षेत्र, सभी वर्ग और सभी विचारधारा के लोग स्वीकार करें, ऐसा प्रधानमंत्री का सपना है और जब ये सपना साकार होता दिखाई पड़ता है तब मन को संतोष मिलता है। 25 नवंबर अयोध्या के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या पहुंचकर राम मंदिर के शिखर पर 21 फीट का ध्वजारोहण करेंगे। यह दिन ऐतिहासिक इसलिए भी होगा कि इस दिन राम मंदिर निर्माण पूर्ण होने की घोषणा भी की जाएगी। राम मंदिर के ध्वजारोहण के साथ प्रधानमंत्री पूरे विश्व को राम मंदिर निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश देंगे। ध्वज का स्वरूप, रंग और प्रतीक चिन्ह तय करने की जिम्मेदारी चंपत राय को सौंपी ध्वज का स्वरूप कैसा होगा, रंग कैसा और प्रतीक चिन्ह कौन सा होगा, इसके लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पांच अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर का भूमि पूजन किया था। 22 जनवरी 2024 को रामलला भव्य महल में विराजमान हुए थे। प्रधानमंत्री मुख्य यजमान थे। प्रधानमंत्री के हाथों विराजमान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा कराई गई थी। मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद 25 नवंबर को प्रधानमंत्री ध्वजारोहण करेंगे।   राम विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर किया जाएगा ध्वजारोहण राम विवाह पंचमी की शुभ तिथि पर ध्वजारोहण किया जाएगा। ध्वजारोहण के साथ मंदिर निर्माण पूरा होने का विश्व को संदेश दिया जाएगा। 21 नवंबर से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय अनुष्ठान चलेगा। वैदिक आचार्यों की मौजूदगी में अयोध्या और काशी के विद्वान अनुष्ठान कराएंगे।  

मुख्यमंत्री ने कहा- खुफिया तंत्र को रखें सक्रिय, पुलिस बल को हर स्तर पर रखें अलर्ट

स्वदेशी हो दीपावली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले मुख्यमंत्री- आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है स्वदेशी का भाव मुख्यमंत्री ने कहा- खुफिया तंत्र को रखें सक्रिय, पुलिस बल को हर स्तर पर रखें अलर्ट बोले मुख्यमंत्री- धरातल पर उतरें वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री ने कहा- खाद्य सामग्रियों में किसी भी प्रकार की मिलावट न होने पाए बोले मुख्यमंत्री- लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री ने कहा- पर्वों से पहले सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए  गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस वर्ष की दीपावली स्वदेशी की भावना के साथ मनाई जाए। हर वर्ग का परिवार पर्व-त्योहारों पर कुछ न कुछ खरीदारी करता है और इस बार यह खरीदारी स्वदेशी उत्पादों की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “स्वदेशी हो दीपावली” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सभी वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी धरातल पर उतरें। उन्होंने कहा कि गत माह दुर्गा पूजा, मिशन शक्ति और दशहरा जैसे बड़े आयोजन प्रशासन और पुलिस की कुशलता से संपन्न हुए हैं, जिसने उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को सुदृढ़ किया है। अब आगामी पर्व भी हमारी कार्यकुशलता और सजगता को सिद्ध करने का अवसर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अराजक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के प्रति कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि अक्टूबर और नवंबर माह में पूरे प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला होगी। इनमें नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और लोकमहापर्व छठ का आयोजन प्रमुख हैं। ये पर्व मात्र नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति और सामूहिक चेतना के स्पंदन हैं। हर जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि इन पर्वों का आयोजन शांति, सुरक्षा और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली न केवल उत्तर प्रदेश की, बल्कि पूरे देश की पहचान बन चुके हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इन आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे अवसरों पर यातायात, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जब लाखों दीप अयोध्या में जगमगाते हैं और काशी के घाटों पर प्रकाश फैलता है, तो यह दृश्य केवल श्रद्धालुओं का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का मन मोह लेता है। इन पावन क्षणों में किसी भी प्रकार का व्यवधान अस्वीकार्य है।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि पर्वों और मेलों के इस उल्लासमय वातावरण को असामाजिक और अराजक तत्व बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा जाए और पुलिस बल को हर स्तर पर अलर्ट मोड में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भंग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल किया जाए।   मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के अवसर पर लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन नदियों की जगह तालाबों में कराया जाए ताकि नदियों की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि पटाखों की दुकानें और गोदाम आबादी से दूर हों। पटाखा विक्रेताओं को समय से लाइसेंस और एनओसी उपलब्ध कराई जाए। जहां भी पटाखों का विक्रय हो, वहां फायर टेंडर की पर्याप्त व्यवस्था हो। पर्यावरण और जीवन के लिए हानिकारक पटाखों का उपयोग रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कठोर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो।   मुख्यमंत्री ने एफएसडीए और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि दूध, खोआ, पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्रियों में किसी भी प्रकार की मिलावट न होने पाए। पर्व-त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की जांच तेजी से की जाए, लेकिन ध्यान रहे कि किसी व्यापारी या विक्रेता का उत्पीड़न न हो। दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि 12 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में 6 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को आयोग का पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध को चिन्हित कर तत्काल जेल भेजा जाए और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर जातिगत आधार पर भावनाएं भड़काने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ड्रोन संबंधी अफवाहों में यद्यपि कमी आई है, परंतु इसमें गृह विभाग को और भी प्रभावी कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जुम्मे की नमाज के बाद विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए। माताएं-बहनें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, उनकी सुरक्षा और गरिमा हर हाल में सुनिश्चित हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि धनतेरस और दीपावली के अवसर पर हर आय वर्ग का परिवार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दृष्टि से 10 अक्टूबर से प्रदेश के प्रत्येक जनपद में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए। इसमें लोगों को स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जाए और विक्रेताओं को स्वदेशी उत्पाद बेचने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि "गर्व से कहो यह स्वदेशी है" की भावना को जन-जन तक पहुंचाना होगा।   मुख्यमंत्री ने नगर निकायों और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि पर्वों से पहले सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए। सड़कें और गलियां स्वच्छ और प्रकाशमान हों। जलभराव और गंदगी की समस्या का त्वरित समाधान हो। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि नगरों और कस्बों में स्पाइरल लाइटें लगाई जाएं ताकि उत्सव का वातावरण और भी भव्य हो।   मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों और पूजा स्थलों पर यातायात व्यवस्था इस प्रकार हो कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को कोई असुविधा न हो। पुलिस और यातायात विभाग आपसी तालमेल बनाकर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।   मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव … Read more